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काम की खबर: टैक्स बचाना है, तो ये चेकलिस्ट तैयार रखिए, बचेंगे हजारों रुपये

यदि आप भी इनकम टैक्स में छूट पाने की चाहत रखते हैं, तो ये खबर आपके बहुत काम आएगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

कमाई पर टैक्स देना शायद ही किसी को अच्छा लगता हो. इसलिए टैक्स के बोझ को कम करने के लिए लोग लाखों जतन करते हैं. कई ऐसी योजनाएं हैं जिनमें किया गया निवेश आपको टैक्स में कुछ राहत दिला सकता है. अब चूंकि नया वित्त वर्ष शुरू हो गया है, इसलिए आप केवल उन निवेश के लिए ही राहत के पात्र होंगे जो आपने 31 मार्च 2024 से पहले किया है. हालांकि, अगले वित्त वर्ष की तैयारी के तहत आप संबंधित योजनाओं में अभी निवेश जरूर कर सकते हैं. चलिए नजर डालते हैं ऐसे कुछ विकल्पों पर जो आपको टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत दिलवाते हैं.

नेशनल पेंशन सिस्टम
राष्ट्रीय पेंशन योजना यानी NPS में किए गए निवेश पर आपको 50,000 रुपए की छूट मिल सकती है. यह एक वालंटियर स्कीम है और इसके अंतर्गत आप इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80CCD (1B) के तहत 50,000 रुपए तक की टैक्स छूट पा सकते हैं. लिहाजा, यदि आपने पहले ही इसमें निवेश कर रखा है, तो इसका प्रूफ तैयार रखिए. और यदि ऐसा करना भूल गए हैं, तो अगले वित्त वर्ष में छूट के लिए अभी से निवेश शुरू कर सकते हैं. इससे न केवल आप प्रति वर्ष किए गए निवेश पर इनकम टैक्स बचा सकेंगे, बल्कि रिटायरमेंट के बाद आपको पेंशन भी मिलेगी.

लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी 
जीवन बीमा पॉलिसी पर भी कर इनकम टैक्स में छूट मिलती है. इसमें आप 1.5 लाख रुपए तक के लिए टैक्स डिडक्शन का लाभ उठा सकते हैं. वहीं,  यदि आप 60 वर्ष से कम आयु के हैं और अपने लिए, लाइफ पार्टनर के लिए या आश्रित बच्चों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम चुका रहे हैं, तो आप 25,000 रुपए तक की छूट के पात्र भी होंगे. इसी तरह यदि आपके माता-पिता की आयु 60 वर्ष से अधिक है और आप उनके लिए भी प्रीमियम चुका रहे हैं, तो 50,000 रुपए तक की अतिरिक्त छूट पा सकते हैं. 

FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट 
हमारे देश में बचत के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट को आज भी अच्छा ऑप्शन माना जाता है. यह ऑप्शन आपके टैक्स डिडक्शन का विकल्प भी बन सकता है. 5 साल की अवधि वाले वाली FD में आप आयकर अधिनियम के 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक टैक्स बेनिफिट के पात्र हैं. अमूमन एफडी पर 7 से 8 फीसदी तक का ब्याज मिलता है. वैसे, FD पर मिलने वाले ब्याज पर भी टैक्स लगता है, लेकिन आप टैक्स डिडक्शन का लाभ उठा सकते हैं. तो यदि आपने पहले ही FD करवाई हुई हैं, तो उनका प्रूफ जरूर साथ रख लें.

पब्लिक प्रोविंडेंट फंड
पब्लिक प्रोविंडेंट फंड (PPF) अच्छा टैक्स सेविंग ऑप्शन माना जाता है. PPF पर अभी 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है. PPF के निवेशकों को भी कर आयकर में छूट मिलती है. आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत आप पीपीएफ में सालाना 1.5 लाख रुपए के निवेश पर टैक्स छूट के हकदार बन जाते हैं. पब्‍लिक प्रॉविडेंड फंड (PPF) का लॉक इन पीरियड 15 साल का होता है. यानी टैक्स बचाने के लिए आप इस स्कीम में भी निवेश कर सकते हैं. 

इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) एक प्रकार का इक्विटी फंड होता है. इस योजना के तहत सालाना 1 लाख रुपए तक के रिटर्न/लाभ पर टैक्स नहीं लगता. ELSS में 3 साल का सबसे छोटी लॉक-इन पीरियड होता है. इसके अलावा, आप यूनिट लिंक्‍ड इंश्‍योरेंस प्‍लान (ULIP) खरीदकर भी इनकम टैक्स में छूट का लाभ उठा सकते हैं. वहीं, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) भी टैक्स सेविंग विकल्पों में शामिल है. इस पर 6.8 फीसदी का ब्याज मिलता है और आप 1 वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपए का टैक्स डिडक्शन कर सकते हैं.

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
यह योजना सरकार द्वारा खासतौर पर बेटियों के लिए संचालित की जाती है. यह टैक्स फ्री स्कीम है, यानी कि इसके ब्याज पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता. आप अपनी 10 साल से कम उम्र की बच्ची के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाकर टैक्स बचा सकते हैं. इस स्‍कीम में अधिकतम 1.5 लाख रुपए सालाना जमा करके इनकम टैक्‍स में छूट हासिल की जा सकती है. इसी तरह, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के जरिए भी टैक्स बचाया जा सकता है. इसमें आपको 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक का टैक्स बेनिफिट मिल सकता है.

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (Senior Citizen Saving Scheme) में पैसा लगाने वालों को भी टैक्स में छूट मिलती है. इसमें आप सालाना अधिकतम 1.5 लाख का निवेश कर सकते हैं. आपको बता दें कि होम लोन पर भी टैक्स छूट मिलती है. इसके अलावा, यदि आप किराये के घर में रहते हैं, तो मकान किराए की रसीद देकर इनकम टैक्स में छूट पा सकते हैं. 


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