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क्‍या मंत्रालयों के मर्जर का हो सकता है बजट में ऐलान, बदल जाएगी मिनिस्‍ट्री 

दरअसल ऐसा करने के पीछे सरकार की मंशा साफ है कि वो अप्रूवल में लगने वाले समय को और कम करके जल्‍दी से जल्‍दी प्रोजेक्‍ट की डिलीवरी की जाए.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

मोदी सरकार अब तक अपने 7 साल के कार्यकाल में कई ऐसे कदम उठा चुकी है जिनकी कभी किसी ने कल्‍पना भी नहीं की थी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार माना जा रहा है कि बजट में इस बार सरकार कई मंत्रालयों को एक मिनिस्‍ट्री के अंदर करने का ऐलान कर सकती है. इनमें ट्रांस्‍पोर्ट से जुड़े मंत्रालय शामिल हैं. सरकार की योजना के अनुसार वो ट्रांसपोर्ट के तीनों मंत्रालयों को एकसाथ ला सकती है. ऐसा करने के पीछे सरकार की मंशा काम को और तीव्रता से करने का है. माना जा रहा है बजट में इसका ऐलान हो सकता है. 


अभी अप्रूवल मिलने में होती है देरी 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार आने वाले बजट में इसका ऐलान कर सकती है. ऐसा करने के पीछे दरअसल सरकार की मंशा ट्रांसपोर्ट मोड से जुड़े अलग-अलग प्रोजेक्‍ट पर चल रहे कामों को और तीव्रता से करने का है. कई बार ऐसा देखा जाता है कि कभी रेलवे के कारण ट्रांसपोर्ट मंत्रालय का काम अप्रूवल के चलते डिले हो जाता है या तो कभी ट्रांसपोर्ट सेक्‍टर के किसी प्रोजेक्‍ट के कारण रेलवे का काम डिले हो जाता है. ऐसे में मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार रेलवे, ट्रांसपोर्ट और मेट्रो को एक ही मंत्रालय के तहत ला सकती है. सरकार इसका ऐलान बजट में कर सकती है. 


इससे पहले भी सरकार कर चुकी है कई ऐलान
मोदी सरकार अब तक कई परंपराओं में बदलाव कर चुकी है. इनमें जहां पहले रेल बजट अलग से पेश हुआ करता था और आम बजट अलग से पेश हुआ करता था. लेकिन अब सरकार ने दोनों को एक साथ मर्ज कर दिया है. सरकार इससे पहले सहकारिता जैसे मामले को लेकर भी एक मंत्रालय बना चुकी है. दरअसल सरकार का ऐसा करने के पीछे किसी भी तरह के अप्रूवल में लगने वाले समय को और कम करने का है. ऐसे में सरकार इन तीनों मंत्रालयों को एक छत के नीचे ला सकती है.


अप्रूवल को लेकर गडकरी भी जता चुके हैं चिंता 
कई मामलों को लेकर बेबाक राय रखने वाले नितिन गडकरी देरी से मिलने वाले अप्रूवल को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर चुके हैं. अभी कुछ दिन पहले उन्‍होंने एक मीडिया कार्यक्रम में ये कहा था कि अगर आपको किसी राज्‍य में होटल डालना है तो वहां से अप्रूवल के लिए आपको कई महीने लग जाते हैं. यही नहीं उन्‍होंने कहा कि हमारे पीएम लगातार इन अप्रूवल को देने के लिए डिजिटल सेवा का इस्‍तेमाल करने की सलाह दे चुके हैं. लेकिन हमारे देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में स्थिति बेहतर न होने के कारण हमारी रैंकिंग वर्ल्‍ड बैंक में भी खराब है. 
 


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