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BW IBLF विपरीत परिस्थिति में हमेशा कहिए यस : राकेश दीवान
आपके सामने कोई भी परिस्थिति हो उसमें हमेशा यस कहना सीखिए, क्योंकि यस वो माटिवेशन है जो आपके किसी भी संकट से बाहर ला सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
बिजनेस वर्ल्ड के ILBF कार्यक्रम में पहुंचे स्टार अकेडमी एंड होम एपलाइंस कंपनी के चेयमैन राकेश दीवान ने अपनी किताब के बारे में बताते हुए कहा कि मैंने कोशिश की लोगों को मैं मोटीवट करूं. लेकिन वो पर्याप्त नहीं हो रहा था. मेरा मानना है कि लाइफ किसी भी एक चीज के लिए सफलता पाने का मकसद नहीं है. जिंदगी जीने के लिए है और जिंदगी के कई एक्सपोजर हैं. हम अपनी सफलता के लिए बनाई गई परिभाषा के अनुसार भाग रहे हैं. फिर मैंने सोचा कि किताब अगर लिखी जाए तो उसका टाइटल क्या होगा. तब मैंने तय किया इस किताब का नाम "TAKE A CHANCE DON'T SAY NO, IF YOU CAN" . जब आप यस को हां कहते हैं तो वो आपकी जिंदगी को बदल सकता है.
आखिर यस कहने से क्या हासिल होता है
राकेश दीवान ने कहा कि जिस वक्त आप किसी मकसद के लिए हां कहते हैं तो उस वक्त उसमें रिस्क जरूर शामिल होता है. लेकिन मैं कभी अपने आप को अनुमति नहीं दूंगा कि मैं आज जिस कंफर्ट जोन में हूं वहा आगे भी जाउंगा. मैं आज कहां हूं मैं एक तरह के कंफर्ट जोन में हूं, मैं उससे बाहर निकलूंगा. इसलिए हमें उससे बाहर निकलना है.
यस और नो है पूरी बुक की फिलोसफी
मैं इसे अपने पर्सनल अनुभव से आपको समझाता हूं कि मैंने इसे कैसे अनुभव किया. मैं उस वक्त निर्माण क्षेत्र काम कर रहा था जहां एक दिन मेरे जन्मदिन से पहली रात को मेरे जनरल मैनेजर का मेरे पास फोन आया , जिसमें वो मुझसे कहते हैं कि मिस्टर दीवान हमारी फैक्टरी में आग लग गई है और वो पूरी तरह से जल गई है. हम फिनिश हो गए हैं. लेकिन मैं उस वक्त किताब पढ़ रहा था, तभी मैंने उनसे कहा कि हम फिनिश नहीं हुए हैं. मुझे लगता है कि हम इसके बारे में आगे भी कुछ कर सकते हैं. अगले दिन मैंने फैक्टरी के देखने के बाद कहा कि हम इसे फिर से खड़ा करेंगें और दीवाली पर अपने सभी ऑर्डर पूरे करेंगें. मैं आपको बताना चाहूंगा कि मेरे उस यस के बाद हमने उस पूरे साल में सितंबर महीने में अब तक का सबसे ज्यादा प्रोडक्शन किया. ये यस का नतीजा है.
कर्म ये नहीं है कि जो होना है वो होगा
हमारे वहां अक्सर ये कहा जाता है कि जो भी हुआ वो इस कारण हुआ है, क्योंकि हमारे कर्म में यही निर्धारित था. आपको बताना चाहूंगा कि बौध धर्म में कर्म को लेकर जितना बताया गया है उतना कहीं नहीं बताया गया है. इसलिए आपको जो करना है आप सोचिए तय कुछ नहीं है. करनें में विश्वास रखिये.
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