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लोन को लेकर कई बैंकों से आई ऐसी खबर, आपका जानना है ज़रूरी
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के रेपो रेट में बढ़ोत्तरी के ऐलान के साथ ही बैंकों ने लोन महंगा करना शुरू कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
महंगाई के दौर में कर्ज भी महंगा हो गया है. कल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में बढ़ोत्तरी का ऐलान किया था, आज कर्ज महंगा होने की खबर भी आ गई. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) सहित कई बैंकों ने ब्याज दरें बढ़ा दी हैं, जिसका मतलब है कि आपकी EMI बढ़ने वाली है और नए लोन भी महंगे हो गए हैं. महंगाई को काबू करने के लिए रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को रेपो रेट (Repo Rate) में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की थी.
बढ़ी दरें आज से प्रभावी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) को बढ़ाकर 8.55 फीसदी कर दिया है. इसी तरह रेपो रेट से संबंधित उधार दर RLLR को 50 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाकर 8.15 प्रतिशत किया है. ब्याज दरों में ये इजाफा शनिवार से प्रभावी हो गया है. वहीं, बैंक ऑफ इंडिया ने RBLR (Revised Repo Based Lending Rate) को बढ़ाकर 8.75 फीसदी कर दिया है.
ये निजी बैंक भी शामिल
इसी तरह, ICICI बैंक ने भी अपने EBLR में इजाफा किया है और ये बढ़कर 9.60 फीसदी हो गया है. बता दें कि EBLR वो ब्याज दर है, जिससे कम दर पर बैंक कर्ज देने की अनुमति नहीं देते हैं. इस वृद्धि के साथ उन लोगों की EMI बढ़ जाएगी, जिन्होंने EBLR या RLLR पर लोन लिया है. HDFC लिमिटेड ने कल ही लेंडिंग रेट में 50 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोत्तरी का ऐलान कर दिया था, जो आज से प्रभावी हो गई है. HDFC ने पिछले पांच माह में सातवीं बार रेट में इजाफा किया है.
क्या होता है एक्सटर्नल बेंचमार्क?
RBI ने 2019 से फ्लोटिंग रेट (Floating Interest) वाले सभी नए पर्सनल और रिटेल लोन को एक एक्सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ना अनिवार्य कर दिया था. एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) किसी लोन पर ब्याज की न्यूनतम दर होती है. इसमें आरबीआई का रेपो रेट भी शामिल है. बैंकों में फिलहाल तीन तरह के एक्सटर्नल बेंचमार्क रेट चल रहे हैं, जिनके हिसाब से ब्याज दरों को तय किया जाता है.
फिर हो सकती है बढ़ोत्तरी
महंगाई पर काबू पाने के लिए रिजर्व बैंक इस साल मई से लेकर अब तक चार बार रेपो रेट बढ़ा चुका है. शुक्रवार को उसने रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया था. आरबीआई की इस बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट 5.90 फीसदी पर पहुंच गया है. रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है. इस रेट के बढ़ते ही बैंक कर्ज महंगा कर देते हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि RBI की तरफ से ऐसी बढ़ोत्तरी आगे भी हो सकती है.
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