होम / यूटिलिटी / आने वाली है PM Kisan Yojana की 17वीं किस्त, फर्जी लाभार्थियों को रोकने के लिए सरकार ने उठाया ये कदम 

आने वाली है PM Kisan Yojana की 17वीं किस्त, फर्जी लाभार्थियों को रोकने के लिए सरकार ने उठाया ये कदम 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samamn Nidhi Yojana) की 17वीं किस्त जून या जुलाई तक किसानों के खाते में आ सकती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

देशभर में करोड़ों की संख्या में किसान केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samamn Nidhi Yojana) का लाभ उठाते हैं, लेकिन कुछ किसान फर्जी रूप से इसका फायदा ले रहे हैं. ऐसे में केंद्र सरकार ने फर्जी लाभार्थियों को रोकने के लिए ई-केवाईसी (E-KYC) और भू सत्यापन  वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है. ऐसे में जिन किसानों का ई-केवाईसी और भू-सत्यापन नहीं हुआ, वे जल्द इसकी प्रक्रिया पूरी कर लें, अगर ऐसा नहीं किया तो उन्हें इस योजना की 17वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा. तो चलिए जानते हैं आपको इसके लिए क्या करना होगा?

कई किसानों का लाभार्थी सूची से हटा नाम 
केंद्र सरकार की ओर से किसानों के लिए शुरू की गई पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Scheme) की अगली किस्त जल्द आने वाली है. अभी तक इस योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर 16 किस्त जारी की जा चुकी है. अब किसानों को 17 वीं किस्त का किसानों को बेसब्री से इंतजार है, लेकिन उसके पहले ही सरकार ने कुछ किसानों को बड़ा झटका दिया. दरअसल, कई किसानों का लाभार्थियों की सूची से नाम हट गया है.  

ऐसे करें ई-केवाईसी

1. सबसे पहले किसान को ई-केवाईसी अपडेट करने के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना की ऑफिशियल वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं. 
2. इसके बाद वहां ई-केवाईसी वाले ऑप्शन पर क्लिक करना होगा. 
3. इसके बाद आपसे आधार नंबर पूछा जाएगा,  आधार नंबर डालने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी आएगा.
4. इसके बाद आप पोर्टल पर ओटीपी वाले बॉक्स में मोबाइल पर आई ओटीपी डाल दें. इस तरह आप की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. 

इसे भी पढ़ें-लोगों को मिलता रहेगा फ्री राशन का लाभ, सरकार ने कर लिया ये इंतजाम


ऐसे कराएं भू सत्यापन

ई-केवाईसी के अलावा जिन किसानों का भू सत्यापन नहीं हुआ है, उनको भी पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 17 वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा. ऐसे में आपको अपने करीबी कृषि कार्यालय में जाकर अपनी जमीन का भू सत्यापन जल्द से जल्द करा लेना चाहिए.

कब आएगी किस्त?
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 17वीं किस्त जून महीने के आखिरी हफ्ते या जुलाई के पहले हफ्ते में जारी होने की उम्मीद है. इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी 2024 को महाराष्ट्र के यवतमाल से रिमोट बटन दबाकर इस योजना के तहत 16वीं किस्त के लगभग 9 करोड़ किसानों के खाते में 21 हजार करोड़ से अधिक की राशि भेजी थी.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

दिवाली-छठ पर घर जाने वालों को राहत, रेलवे ने तैयार किया 3000 स्पेशल फेरों का प्लान

नॉर्दर्न रेलवे ने अब तक 832 फेरों के लिए स्पेशल ट्रेनों का ऐलान किया है. इसके अलावा दूसरे रेलवे जोन से करीब 155 फेरे ऐसी स्पेशल ट्रेनों के होंगे, जो दिल्ली आएंगी और नॉर्दर्न रेलवे के जरिए संचालित होंगी.

1 day ago

सोने की कीमतों में फिर गिरावट, 24 कैरेट का भाव ₹1.53 लाख के पार; चांदी भी फिसली

राजधानी दिल्ली में 18 सितंबर को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,52,980 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,40,240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है.

1 day ago

UPI पर 15 अक्टूबर से बदलेगा शुल्क नियम, ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट पर लगेगा 0.4% MDR

NPCI ने चुनिंदा P2M लेनदेन के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट तय किया, ₹75,000 या उससे अधिक के भुगतान पर शुल्क की अधिकतम सीमा ₹300 होगी

3 days ago

मिडिल ईस्ट तनाव से कच्चे तेल में उबाल, ब्रेंट 107 डॉलर के पार; होर्मुज संकट ने बढ़ाई चिंता

तेल की कीमतें पहले ही 100 डॉलर के पार जा चुकी हैं. पिछले सप्ताह भी ब्रेंट और WTI दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में तेजी दर्ज की गई थी. अब नए हमलों और सप्लाई रूट पर बढ़ते जोखिम ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है.

5 days ago

गणेश चतुर्थी पर सोना हुआ सस्ता, दिल्ली से चेन्नई तक गिरे भाव; चांदी भी ₹5,000 लुढ़की

राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,54,720 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 1,41,840 रुपये प्रति 10 ग्राम है.

5 days ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

8 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

6 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

6 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

7 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

14 hours ago