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WhatsApp पर ई-चालान भेजकर साइबर ठगी कर रहे हैकर्स, भारतीयों को बना रहे निशाना
वियतनाम के स्कैमर्स WhatsApp पर नकली ई-चालान भेजकर भारतीय यूजर्स को निशाना बना रहे हैं. ये हैकर्स अब तक 16 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
एक ओर दुनिया डिजिटलीकरण और टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रही है. अब पेमेंट से लेकर चालान तक सीधा ऑनलाइन भेजे जाते हैं. दूसरी ओर साइबर ठग इस टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल करके लोगों का बैंक अकाउंट खाली कर रहे हैं. हाल में एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिसमें पता चला है कि हैकर्स व्हाट्सऐप पर फर्जी ई-चालान का लिंक भेजकर लोगों के बैंक अकाउंट को खाली कर रहे हैं. तो आइए जानते हैं ये साइबर ठग कैसे लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और इनसे आप कैसे बच सकते हैं?
व्हाट्सऐप पर भेज रहे ई-चालान
एक रिपोर्ट के अनुसार वियतनाम हैकर समूह के स्कैमर्स WhatsApp पर नकली ई-चालान भेजकर भारतीय उपयोगकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक स्कैमर्स मैसेज के जरिए लोगों को एक फर्जी ऐप डाउनलोड करने को उकसाते हैं, ऐसा करते ही ठग लोगों के व्यक्तिगत डेटा चुरा लेते हैं. जिसके जरिए वे उनके बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं.
ऐसे बनाते हैं लोगों को शिकार
स्कैमर्स खुद को परिवहन सेवा या कर्नाटक पुलिस विभाग का दिखाते हैं और उन्हीं के हवाले से फर्जी मैसेज भेजते हैं. वे ई-चालान भेजकर ट्रैफ़िक उल्लंघन के लिए जुर्माना भरने की सूचना देते हैं. जब यूजर्स दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं, तो यह एक APK (एंड्रॉइड एप्लिकेशन पैकेज) डाउनलोड करने को कहता है. एक बार ऐप इंस्टॉल होने के बाद यह आपके कॉन्टैक्स, फ़ोन कॉल, एसएमएस और यहां तक कि डिफ़ॉल्ट मैसेजिंग ऐप बनने जैसे कई परमिशन ले लेता है. यह मैलवेयर वन-टाइम पासवर्ड (OTP) और अन्य संवेदनशील संदेशों को इंटरसेप्ट करता है, जिससे हैकर्स पीड़ितों के ई-कॉमर्स अकाउंट तक पहुंच सकते हैं फिर वे गिफ्ट कार्ड खरीदते हैं और उन्हें भुनाते हैं, जिससे डायरेक्ट फंड ट्रांसफर का कोई सबूत नहीं रहता है.
इस राज्य के लोग बने सबसे ज्यादा शिकार
इस घोटाले ने पूरे भारत में उपयोगकर्ताओं को प्रभावित किया है. एक रिपोर्ट के अनुसार स्कैमर्स के निशाने पर गुजरात के लोग सबसे ज्यादा पाए गए. उसके बाद कर्नाटक का स्थान है. ठगों की पहचान वियतनाम के बाक गियांग प्रांत से की गई है. वे खुद की पहचान छुपाने के लिए प्रॉक्सी IP का इस्तेमाल करते थे. ये स्कैमर्स व्रोम्बा ग्रुप के एक मैलवेयर से इस ठगी को अंजाम दे रहे हैं. वहीं, अब तक ये ठग 16 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी कर चुके हैं.
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खुद को ऐसे रखें सुरक्षित
1. ऐसे घोटालों का शिकार होने से बचने के लिए एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का उपयोग करें.
2. आप किन ऐप्स को अपने मोबाइल में परमिशन दे रहे हैं ये नियमित रूप से चेक करें.
3. महज Google Play Store या ऐप स्टोर जैसे आधिकारिक सोर्स से ही ऐप डाउनलोड करें.
4. अपने डिवाइस के ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप को अप-टू-डेट रखें.
5. संदिग्ध एसएमएस गतिविधि का पता लगाने और आपको अलर्ट करने के लिए आधुनिक टूल्स का इस्तेमाल करें.
6. बैंकिंग और अन्य संवेदनशील सेवाओं के लिए अलर्ट सेट करें.
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