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गुजरात में दो नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, 3,936 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद
सरकार का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का मजबूत हिस्सा बनाना है. इन नई परियोजनाओं को इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए गुजरात में दो नए चिप प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के साथ भारत में घरेलू चिप निर्माण क्षमता विकसित करने की योजना को और गति मिलेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत दो नई परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई. इनमें एक मिनी/माइक्रो-LED डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और दूसरी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट शामिल है. दोनों प्रोजेक्ट्स गुजरात में स्थापित किए जाएंगे.
3,936 करोड़ रुपये का संयुक्त निवेश
इन दोनों परियोजनाओं में कुल मिलाकर लगभग 3,936 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. सरकार के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स से 2,200 से अधिक कुशल रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
धोलेरा में बड़ा सेमीकंडक्टर प्लांट
क्रिस्टल मैट्रिक्स (Crystal Matrix) द्वारा गुजरात के धोलेरा में एक इंटीग्रेटेड कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग यूनिट स्थापित की जाएगी. यह यूनिट मिनी/माइक्रो-LED डिस्प्ले पैनल बनाएगी और गैलियम नाइट्राइड (GaN) फाउंड्री सेवाएं भी प्रदान करेगी.
इस प्लांट की वार्षिक क्षमता 72,000 वर्ग मीटर डिस्प्ले पैनल और 24,000 सेट RGB GaN वेफर्स होगी. इसके उत्पाद टीवी, स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, इन-कार डिस्प्ले और एक्सटेंडेड रियलिटी डिवाइसेज जैसे क्षेत्रों में उपयोग किए जाएंगे.
सूरत में OSAT यूनिट का निर्माण
सुची सेमीकॉन (Suchi Semicon) द्वारा सूरत में एक आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) यूनिट स्थापित की जाएगी. यह यूनिट डिस्क्रीट सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करेगी. इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 1 अरब से अधिक चिप्स की होगी, जो ऑटोमोबाइल, औद्योगिक ऑटोमेशन, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर्स में इस्तेमाल होंगे.
सेमीकंडक्टर मिशन में बढ़ी रफ्तार
इन नई मंजूरियों के बाद भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत कुल परियोजनाओं की संख्या बढ़कर 12 हो गई है. इन सभी परियोजनाओं में कुल अनुमानित निवेश लगभग 1.64 लाख करोड़ रुपये है.
सरकार के अनुसार, इनमें से दो परियोजनाएं पहले ही व्यावसायिक उत्पादन और शिपमेंट शुरू कर चुकी हैं, जबकि दो अन्य जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है.
डिजाइन इकोसिस्टम भी मजबूत
सरकार ने बताया कि देश में सेमीकंडक्टर डिजाइन इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है. अब तक 300 से अधिक शैक्षणिक संस्थान और 100 से ज्यादा स्टार्टअप्स को डिजाइन इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट दिया जा चुका है.
आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
सरकार का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का मजबूत हिस्सा बनाना है. इन नई परियोजनाओं को इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.
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