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Weekend Special: एक छोटे से कमरे से शुरू हुई कंपनी, आज करोड़ों का है टर्नओवर

कोलकाता के एक छोटे से घर से, साल 1892 यानी आजादी मिलने के 55 साल पहले, एक ब्रिटिश कारोबारी ने इस छोटे से घर से 295 रुपये से बिस्किट बनाने का बिजनेस शुरू किया

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

डेयरी प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में ब्रिटानिया (Britannia) एक बड़ा नाम है. हम और आप अपनी सुबह की शुरुआत कहीं न कहीं ब्रिटानिया के किसी प्रोडक्ट्स से करते हैं, चाहे वो बिस्किट हो या ब्रेड. लेकिन क्या आपको पता है कि आज 60 से ज्यादा देशों और हजारों करोड़ रुपये के टर्नओवर वाली ब्रिटानिया कंपनी की शुरुआत एक छोटे से कमरे से सिर्फ 295 रुपये से हुई थी. आज की सक्सेस स्टोरी में हम ब्रिटानिया की कहानी जानेंगे.

Britannia की कहानी की शुरुआत

कहानी शुरू होती है कोलकाता के एक छोटे से घर से, साल 1892 यानी आजादी मिलने के 55 साल पहले, एक ब्रिटिश कारोबारी ने इस छोटे से घर से 295 रुपये से बिस्किट बनाने का बिजनेस शुरू किया. उस वक्त शायद उस ब्रिटिश बिजनेसमैन को भी नहीं पता था कि ये कंपनी एक दिन दुनिया भर में ब्रिटानिया के नाम से जानी जाएगी. हालांकि उस दौरान भारत में आजादी के लिए अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई तेज हो चुकी थी, ब्रिटिश बिजनेसमैन ने इस कारोबार को किसी भारतीय को बेचकर निकलने में ही अपनी भलाई समझी. 1897 में गुप्ता ब्रदर्स ने इस कंपनी को खरीद लिया, जिसमें मुख्य हिस्सेदार नलिन चंद्र गुप्ता थे. इस कंपनी को तब V.S. Brothers के नाम से चलाया जाने लगा. 

गुप्ता ब्रदर्स ने खरीदी कंपनी

इसके बाद साल 1918 में गुप्ता ब्रदर्स ने एक अंग्रेज बिजनेसमैन सी एच होल्म्स (C H Holmes) को कंपनी में पार्टनर बनाया. 21 मार्च 1918 को ये कंपनी पब्लिक लिस्टेड कंपनी के तौर पर Britannia Biscuit Company Limited (BBCo) के नाम से रजिस्टर्ड हुई. कंपनी के प्रोडक्ट्स अपनी स्वाद और बेहतरीन क्वालिटी के लिए धीरे धीरे मशहूर हो रहे थे. कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही थी, कंपनी के लिए टर्निंग प्वाइंट दूसरे विश्व युद्ध के दौरान आया, जब ब्रिटानिया को सरकार की ओर से सेना के लिए बिस्किट सप्लाई का बड़ा ऑर्डर मिला, इसने कंपनी की बिक्री को कई गुना बढ़ा दिया. 

1920 के दशक की शुरुआत में, यूके में दो सबसे सफल बिस्किट निर्माताओं का एक विलय हुआ- Peek Freans and Huntley & Palmers. उन्होंने 1921 में Associated Biscuit Manufacturer’s Ltd को होल्डिंग कंपनी के रूप में बनाया. यह जल्द ही एक बेहद ताकतवर यूनिट के रूप में उभकर सामने आई, जिसने दुनिया भर में अपना विस्तार किया. 1924 में ब्रिटानिया बिस्कुट के साथ विलय के हिस्से के रूप में उन्होंने भारत में प्लांट खोले. साल 1924 में कंपनी ने अपना एक नया प्लाटं मुंबई में खोला, यानी अब कंपनी कोलकाता और मुंबई दो जगह प्लांट से ऑपरेट कर रही थी, कंपनी के दोनों प्लांट उस समय ही ऑटोमैटिक थे. 

कंपनी का नाम बदला गया

इसके बाद कंपनी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा, कंपनी को कोलकाता में एक बड़े प्लांट की जरूरत थी इसलिए 1952 में कोलकाता की फैक्ट्री को दम-दम शिफ्ट कर दिया गया, 1965 में दिल्ली में ब्रेड बेकरी की स्थापना की गई. 1978 में Britannia पब्लिक लिस्टेड कंपनी बनी. इसके बाद इसकी भारतीय शेयरहोल्डिंग घटकर 62 परसेंट हो गई. 38 परसेंट हिस्सेदारी यूके की Associated Biscuits International (ABIL) की थी. इसका नाम बदलकर 1979 में Britannia Industries Limited (BIL) कर दिया गया. कई बार इस कंपनी की ओनरशिप बदलने की वजह से ये कंपनी कानून पचड़ों में भी पड़ी, केरल के बिजनेसमैन राजन पिल्लई और नुस्ली वाडिया के बीच भी मालिकाना हक को लेकर कई सालों तक लड़ाई चली. 

कंपनी ने लगातार ग्रोथ की

इन कानूनी पचड़ों के बीच ब्रिटानिया तरक्की की सीढ़िया चढ़ता रहा. 2004 में ब्रिटानिया को सुपरब्रांड की स्टेटस दिया गया. ब्रिटानियो को उसके इनोवेटिव प्रोडक्ट्स के लिए कई अवॉर्ड्स दिये गए. कंपनी के कई प्रोडक्ट्स जैसे Litlle Hearts, 50-50, Cake, Cake Biscuit काफी पॉपुलर हैं. 60 से ज्यादा देशों में कंपनी मौजूद है. कंपनी बिस्किट, ब्रेड, केक, रस्क, डेयरी प्रॉडक्ट कैटेगरी में प्रॉडक्ट्स बेचती है. भारत में कंपनी के 50 लाख से ज्यादा रिटेल आउटलेट हैं. ब्रिटानिया ब्रेड, आर्गेनाइज्ड ब्रेड मार्केट में सबसे बड़ा ब्रांड है. भारत में ब्रिटानिया की 13 फैक्ट्री हैं. इसे सेक्टर में ब्रिटानिया का 38 परसेंट मार्केट शेयर है.

तो ये थी ब्रिटानिया की कहानी, जिसने अपने 100 साल से भी ज्यादा के समय में कई उतार चढ़ाव देखे, आजादी से लेकर आजादी के बाद का इतिहास इस कंपनी के सामने से गुजरा, आजादी की जंग से लेकर विश्व युद्ध तक इस कंपनी ने देखे, मालिकाना हक की लड़ाईयां देखी, लेकिन इस दौरान एक ही चीज थी जिससे कंपनी ने कभी समझौता नहीं किया, वो थे इसके प्रोडक्ट्स. कंपनी ने हमेशा लोगों को अच्छे, स्वादिष्ट और सेहतमंद प्रोडक्ट्स दिये, यही वजह है कि जो भरोसा कंपनी पर आज से 100 साल पहले था, आज भी कायम है. 


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