होम / सोशल मीडिया / Ex RBI गवर्नर रघुराम राजन ने क्‍यों कहा कि मैं शिक्षाविद हूं राजनीतिज्ञ नहीं…

Ex RBI गवर्नर रघुराम राजन ने क्‍यों कहा कि मैं शिक्षाविद हूं राजनीतिज्ञ नहीं…

रघुराम राजन ने कहा था कि राजनेताओं से उनकी मुलाकात देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति और भविष्‍य को लेकर विचारों के आदान प्रदान की रहती है. उन्‍होंने राजनीति को लेकर अपना पक्ष स्‍पष्‍ट कर दिया है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

राज्‍यसभा चुनावों का ऐलान होते ही उन सीटों पर काबित होने वालों को लेकर कयास लगाए जाने लगते हैं. इसी कड़ी में जब देश में राज्‍यसभा चुनावों के लिए कयास लगाए जा रहे हों तो उस दौरान रघुराम राजन की शिव सेना नेता उद्धव ठाकरे से मुलाकात ने नई चर्चा को जन्‍म दे दिया. चर्चाओं का बाजार इतना गर्म हुआ कि रघुराम राजन को कहना पड़ा कि मैं शिक्षाविद हूं राजनीतिज्ञ नहीं. 

आखिर क्‍या है ये पूरा मामला? 
दरअसल इस हफ्ते की शुरुआत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की शिव सेना (UBT) उद्धव ठाकरे, आदित्‍य ठाकरे और उनके परिवार से हुई थी. इसी मुलाकात के बाद ये कयास लगाए जाने लगे थे कि क्‍या रघुराम राजन राज्‍यसभा के लिए जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर चर्चाओं के बीच रघुराम राजन ने लिंक्‍डइन पर इसे लेकर कहा कि, मेरी हालिया बैठकों और राज्यसभा सीट के बारे में प्रेस में कुछ अटकलें लगाई गई हैं. मैंने किसी भी पार्टी से राज्यसभा सीट को लेकर चर्चा नहीं की है.' मैं एक शिक्षाविद् हूं, राजनीतिज्ञ नहीं. विभिन्न दलों के राजनेताओं के साथ मेरी बैठकों में आम तौर पर भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति और भविष्य के लिए उनकी आशाओं के बारे में विचारों का आदान-प्रदान शामिल होता है. 

31 जनवरी को हुई थी मुलाकात 
उद्धव ठाकरे और आदित्‍य ठाकरे से पूर्व गवर्नर की मुलाकात 31 जनवरी को हुई थी. इस मुलाकात के बाद उद्धव के बेटे आदित्‍य ठाकरे ने ट्वीट भी किया था. इसमें उन्‍होंने कहा था कि हमारे घर, मातोश्री में रघु राजन जी की मेजबानी करना वास्तव में खुशी की बात है. आरबीआई के गवर्नर सहित विभिन्न भूमिकाओं में हमारी अर्थव्यवस्था में उनके पहले से ही व्यापक योगदान के अलावा, हमारा दृढ़ विश्वास है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य को ऐसे व्यक्तियों द्वारा निर्देशित किया जाना चाहिए जिनके पास भविष्य की दृष्टि है.

मोदी सरकार की नीतियों की करते हैं आलोचना 
पूर्व गवर्नर रघुराम राजन अक्‍सर मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं. हाल ही में उन्‍होंने ED के द्वारा की जा रही गिरफ्तारियों को लेकर अपनी बात कही थी. उन्‍होंने कहा था कि चुनावों से पहले इस तरह की गिरफ्तारी सही नहीं है. उन्‍होंने हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को लेकर ये बात कही थी. उन्‍होंने ED के नोटिस को लेकर भी सवाल उठाया था. उन्‍होंने कहा था कि, यदि विपक्षी दलों के नेताओं को सलाखों के पीछे डाल दिया जाए तो आपके पास क्या विकल्प है? यदि यह आपके पास कोई विकल्प नहीं छोड़ता है तो यह केवल राजनेताओं का मुद्दा नहीं है. यह हर किसी के लिए मुद्दा है. इसलिए चुनाव से पहले ईडी को तैनात करना गलत और अलोकतांत्रिक है.

ये भी पढ़ें: आखिरकार सच निकली अफवाह, जिंदा है पूनम पांडे, इसलिए किया था स्‍टंट
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

आखिर कौन हैं Hana-Rawhiti? जिन्होंने न्यूजीलैंड की संसद में बिल फाड़ते हुए किया अनोखा डांस

न्यूज़ीलैंड की संसद में गुरुवार को देश की सबसे युवा सांसद हाना-रावहिती करियारीकी मैपी-क्लार्क ने कुछ ऐसा किया जिसकी काफी चर्चा हो रही है.

16-November-2024

सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा #BanSwiggyPharmacy, जानिए क्या है पूरा मामला? 

दवाओं की 10 मिनट में डिलीवरी को लेकर स्विगी (Swiggy) अब मेडिकल स्टोर एसोसिएशन के निशाने पर आ गई है. स्विगी के विरोध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #BanSwiggyPharmacy खूब ट्रेंड कर रहा है.

11-November-2024

 ऐसा क्‍या है Income Tax के नोटिस में जोकि अश्‍नीर ने कह दिया ‘गोली ही मार दो सीधा’ 

अश्‍नीर ग्रोवर अक्‍सर सरकार की नीतियों को लेकर सवाल खड़े करते रहते हैं. उन्‍होंने इससे पहले पेटीएम पर हुई कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल उठाए थे.

12-March-2024

शादी में इतना खर्च करने वाला अकेला नहीं है अंबानी परिवार, इन्‍होंने भी खर्चें हैं करोड़ों

भारत में अभी तक अंबानी परिवार की इकलौती बेटी ईशा अंबानी की शादी सबसे महंगी शादी रही है. इसमें ईशा ने 90 करोड़ का तो लहंगा ही पहना था. 

02-March-2024

आखिरकार सच निकली अफवाह, जिंदा है पूनम पांडे, इसलिए किया था स्‍टंट

पूनम पांडे का आज एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्‍होंने बताया है कि आखिर उन्‍होंने ये कदम क्‍यों उठाया था.

03-February-2024


बड़ी खबरें

भारत की इकोनॉमी पर Moody’s का भरोसा बढ़ा, FY27 GDP ग्रोथ अनुमान 6% से बढ़ाकर 7%

Moody’s के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और निजी क्षेत्र के निवेश में सुधार से भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है.

1 hour ago

बॉन्ड और एफडी के बाद पैसाबाजार का MF में प्रवेश, ₹10 से डेली SIP की शुरुआत

अनियमित आय वाले लोगों के लिए रोजाना छोटी रकम निवेश करने का विकल्प; पिछले साल बॉन्ड और एफडी के बाद कंपनी ने बढ़ाया निवेश उत्पादों का दायरा

8 minutes ago

सरकार ने वाणिज्यिक कोयला खदानों की 16वीं नीलामी शुरू की, 9 राज्यों के 25 ब्लॉक शामिल

2020 में निजी क्षेत्र की भागीदारी शुरू होने के बाद अब तक 147 कोयला खदानों की नीलामी, छह पहले आवंटित खदानों के लिए विकास एवं उत्पादन समझौते भी हुए.

20 minutes ago

टाटा संस लिस्टिंग पर टाटा ट्रस्ट्स की असहमति, दूसरे विकल्प तलाशने का फैसला

17 सितंबर को हुई टाटा संस के निदेशक मंडल की बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल एन. टाटा ने समूह की एक सदी से अधिक पुरानी संरचना को बनाए रखने के पक्ष में ट्रस्ट्स का रुख दोहराया.

56 minutes ago

ICICI प्रूडेंशियल लाइफ के टर्म प्लान कारोबार में 53.89% की वृद्धि, दावा निपटान अनुपात 99.3%: रिपोर्ट

31 मार्च 2026 तक दिल्ली में 3.69 लाख लोगों को बीमा सुरक्षा, बीमित राशि ₹1.30 लाख करोड़; कंपनी ने पिछले सात साल में ग्राहकों को ₹6,087 करोड़ के लाभ दिए.

30 minutes ago