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भगवान भी देते हैं टैक्स वो भी 3.5 करोड़ रुपये, यकीन न हो तो यह खबर पढ़ लीजिए
ये जानने से पहले आप ये जान लीजिए कि नियम क्या है? आयकर की धारा 12 (A) के तहत धार्मिक संस्थाओं को लेकर क्या है नियम?
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
आगरा: क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि भगवान भी इनकम टैक्स जमा करते हैं? यदि नहीं, तो ये जान लीजिए कि बांके बिहारी भी आम लोगों की तरह इनकम टैक्स देते हैं. वित्तीय वर्ष 2021-2022 की आय पर बांके बिहारी ने सितंबर, 2022 में 3.5 करोड़ रुपये आयकर के रूप में चुकाए हैं. उनकी महीने की आय 4 से 5 करोड़ रुपये है, जो दान के रूप में मिलती है. उनके बैंक अकाउंट में 248 करोड़ रुपये हैं. आप अभी भी हैरान होंगे कि ये कैसे संभव है बांके बिहारी इनकम टैक्स देते हैं? तो चलिए, हम आपको इसे और विस्तार से बताते हैं.
क्या कहता है धार्मिक संस्थाओं से जुड़ा इनकम टैक्स नियम
ये जानने से पहले आप ये जान लीजिए कि नियम क्या है? आयकर की धारा 12 (A) के तहत धार्मिक संस्थाओं के पंजीयन पर आयकर से छूट मिलती है, लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि उन्हें दान में मिली राशि का 85 प्रतिशत धर्मार्थ व सेवार्थ में खर्च करने होंगे. यदि धनराशि 85 प्रतिशत से कम खर्च हुई हो तो संबंधित संस्था इनकम टैक्स के दायरे में आ जाती है. इसके बाद उन्हें संग्रहित धन पर इनकम टैक्स देना होता है. बांके बिहारी मामले में भी यही नियम लागू है.
सबसे पहले कब भेजा गया नोटिस
अब थोड़ा और प्लैशबैक में चलते हैं. वर्ष 2012 की बात है, जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सबसे पहले बांके बिहारी जी के नाम से मंदिर को नोटिस भेजा था. उस नोटिस में पूछा था कि बांके बिहारी जी अपनी आय कहां दिखाते हैं. उस वक्त मंदिर कमेटी के लोगों ने इसपर ध्यान नहीं दिया, लेकिन एक महीने बाद फिर से बांके बिहारी जी के नाम पर नोटिस भेजा गया. इसी के बाद से बांके बिहारी जी के नाम से हर साल इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया जाने लगा.
जब 85 प्रतिशत हिस्सा धर्मार्थ में नहीं हो सका खर्च
मंदिर कमेटी के सामने असली समस्या तब आई, जब पिछले साल दान की वार्षिक धनराशि 20 करोड़ को पार कर गई. नियम के अनुसार इसका 85 प्रतिशत हिस्सा धर्मार्थ व सेवार्थ में खर्च नहीं हो सका और बांके बिहारी जी इनकम टैक्स के दायरे में आ गए. इसलिए वित्तीय वर्ष 2021-2022 की आय पर बांके बिहारी जी को 3.5 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में चुकाना पड़ा.
बांके बिहारी मंदिर में कितने प्रकार से होता है दान
आपको बता दें कि बांके बिहारी मंदिर में दान के लिए दान पेटी रखी गई है. श्रद्धालु उस पेटी में दान देते हैं. इसके अलावा मंदिर में दान की रसीद भी कटती है. दान पेटी और रसीद काटकर इकट्ठा किए गए दान बांके बिहारी जी के बैंक अकाउंट में जमा किए जाते हैं. इसके अतिरिक्त यदि आप किसी पुजारी को सीधे दान देते हैं तो वो उनकी जेब में जाते हैं. दान के वो पैसे बांके बिहारी जी के बैंक अकाउंट में जमा नहीं होते.
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