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श्रीराम के स्वागत के लिए तैयार अयोध्या, 28 लाख दीपों से जगमगाएगा सरयू का तट
राम नगरी अयोध्या में दिवाली की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. दिवाली के मौके पर सरयू नदी के घाट पर 28 लाख दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिवाली के पावन पर्व में राम नगरी अयोध्या लाखों दीयों की रौशनी से जगमग होगी. प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में दिवाली की तैयारियां खूब जोर-शोर के साथ चल रही हैं. सनातन धर्म में दिवाली का अत्यधिक महत्व होता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार जब भगवान राम वनवास पूरा करके और लंकापति रावण का वध करके अयोध्या लौटे थे, तो उनके आगमन की खुशी दिवाली के रूप में मनाई गई थी. अब इसी दिन को हर साल दिवाली के रूप में मनाया जाता है, जिसकी तैयारियां अयोध्या (Ayodhya) में धूमधाम से हो रही हैं. इस साल अयोध्या के राम मंदिर में पहली दिवाली मनाई जाएगी.
28 लाख दीये जलाकर बनाया जाएगा विश्व रिकॉर्ड
योगी आदित्यनाथ सरकार अयोध्या में आठवें दीपोत्सव के लिए तैयारियों में लगी है. यह अयोध्या के राम मंदिर की पहली दिवाली भी होने जा रही है. इस मौके पर इको फ्रेंडली दिवाली मनाने पर जोर दिया जा रहा है. साथ ही दीपोत्सव की तैयारियों के अंतर्गत डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने दीयों और स्वयंसेवकों की संख्या का निर्धारण कर लिया है, जिससे इस आयोजन को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर योजनाबद्ध कार्य हो सके. उत्तर प्रदेश सरकार इस साल नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है, जिसके लिए सरयू के तट पर 28 लाख दीये जलाए जाएंगे.
वैक्स से बनकर तैयार हुए इको फ्रेंडली दीये
इस दीपोत्सव में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल जिन दीयों का इस्तेमाल किया जाना है वो मोम (Wax) से बनकर तैयार हुए इको फ्रेंडली दीये हैं. इनसे कार्बन उत्सर्जन कम होगा. साथ ही उन्हें इस तरह तैयार किया गया है कि उनसे मंदिर प्रांगण में या मंदिर की दीवारों वगैरह पर किसी तरह का निशान नहीं पड़ेगा. साथ ही ये दीये लंबे समय तक जलते रहेंगे और जल्दी नहीं बुझेंगे. मंदिर ट्रस्ट का लक्ष्य है कि इस दिवाली अयोध्या को न केवल धर्म और आस्था का केंद्र बनाया जाए, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण चेतना का प्रतीक भी बनाया जाए.
फूलों से होगी भव्य सजावट
राम मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा. सजावट के लिए मंदिर परिसर को कई भागों में बांटा गया है और हर भाग को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. प्रकाश व्यवस्था, प्रवेश द्वार की सजावट और पूरी तरह से सफाई की देखरेख का जिम्मा बिहार कैडर के सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी आशु शुक्ला को सौंपा गया है. भक्तों को दिव्य दृश्य का अनुभव होगा क्योंकि मंदिर को फूलों और रोशनी से खूबसूरती से सजाया गया है.
घाटों पर दीयों और स्वयंसेवकों की संख्या
अवध विश्वविद्यालय ने घाटों पर प्रज्वलित किए जाने वाले दीयों और तैनात किए जाने वाले स्वयंसेवकों की संख्या का भी विस्तृत आंकड़ा जारी किया है. उदाहरण के लिए राम की पैड़ी के घाट एक पर 65,000 दीयों को जलाने के लिए 765 स्वयंसेवक तैनात होंगे जबकि घाट दो पर 38,000 दीयों के लिए 447 स्वयंसेवक जिम्मेदारी संभालेंगे. इसी प्रकार घाट तीन पर 48,000 दीयों के लिए 565 स्वयंसेवक और घाट चार पर 61,000 दीयों के लिए 718 स्वयंसेवक तैनात होंगे. सभी 55 घाटों पर इसी प्रकार दीयों की संख्या के अनुसार स्वयंसेवकों को तैनात किया जाएगा. आयोजन में विभिन्न कॉलेजों और संस्थाओं से जुड़े स्वयंसेवक पूरे उत्साह के साथ भागीदारी करेंगे और घाटों पर दीयों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे.
छोटी दिवाली पर होगा दीपोत्सव
सरयू नदी के तट पर 80,000 दीयों से स्वास्तिक का चिन्ह भी बनाया जा रहा है, जो दीपोत्सव के मुख्य आकर्षणों में से एक होगा. इसके साथ ही, 30 अक्टूबर के दिन छोटी दिवाली पर अयोध्या में 28 लाख दीप जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जाएगा. दीपोत्सव की भव्यता एक स्थायी छाप छोड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने मंदिर को 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक मध्यरात्रि तक दर्शन के लिए खुला रखने का निर्णय लिया है.
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