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सर्किल रेट में उछाल के बावजूद NCR में निवेश क्यों है फायदेमंद? जानें वजह

नोएडा-ग्रेटर नोएडा बढ़ती मांग, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और नई परियोजनाओं के चलते यह क्षेत्र अब प्रीमियम रियल एस्टेट डेस्टिनेशन बनता जा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

देश की राजधानी से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा को उत्तर प्रदेश (UP) की बिजनेस कैपिटल कहा जाता है और आज यहां घर लेना हर किसी का सपना बन चुका है. यही कारण है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी ने तेजी से विकास भी किया है. विकास होने के साथ निवेशकों और घर खरीदारों का रुझान बढ़ा है, जिसे देखते हुए अथॉरिटी ने यहां के सर्किल रेट भी बढ़ा दिए हैं. ऐसे में यहां मकान और फ्लैटों की कीमत अचानक महंगी हो गई है, लेकिन आपको घबराने की जरूरत रहीं है. अगर आप भी नोएडा, ग्रेटर नोएडा या यमुना एक्‍सप्रेस वे के आसपास प्रॉपर्टी खरीदने की इच्‍छा रखते हैं तो ये खबर आपके लिए है. जानते हैं एक्सपर्ट ने इस पर निवेशकों के लिए क्या प्रतिक्रिया दी है? 

सर्किल रेट में 5-62 प्रतिशत की बढ़ोतरी

दरअसल, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्स्प्रेसवे अथॉरिटी ने सर्किल रेट में 5-62% तक की बढ़ोतरी कर दी है. सर्किल रेट वह दर है जिसपर भूखंडों का आवंटन अथॉरिटी करती है. रेट बढ़ने के बाद न केवल भूखंड आवंटन महंगा होगा, घर खरीदारों के लिए प्रॉपर्टी लेना भी महंगा हो जाएगा. नोएडा में लैंड अलॉटमेंट रेट में 6% की हाइक की गई है जो रेजिडेंशल, इंस्टीट्यूशनल और इंडस्ट्रियल प्लॉट्स पर लागू होगी. इसी प्रकार ग्रेटर नोएडा ऑथोरिटी द्वारा भूखंड के सभी वर्गों में अलॉटमेंट रेट 5% बढ़ा दी गई हैं और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी ने सभी श्रेणी के भूखंडों की कीमत में 5 से 62% तक की बढ़ोतरी की है. इसमें आवासीय प्लॉट में 35% और ग्रुप हॉऊसिंग के प्लॉट में 62% की बढ़ोतरी की गई है. सर्कल रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी के स्टाम्प ड्यूटी भी बढ़ेगी, ऐेसे में प्रॉपर्टी महंगी होनी तय है.

दरें हुई महंगी, लेकिन निवेशकों के लिए है फायदे का सौदा
प्रॉपर्टी की दरें भले ही महंगी हुई हों लेकिन मार्केट एक्स्पर्ट्स कुछ और ही कहते हैं. पिछली तिमाही में एनसीआर में न केवल यूनिटस की सप्लाइ बढ़ी है बल्कि डिमांड में भी कोई कमी नहीं आई है. यही कारण है कि लगातार नए प्रोजेक्‍ट्स लांच हो रहे हैं। सरकारी आंकड़े इसकी गवाही देते हैं. पिछले साल यूपी रेरा के पोर्टल पर प्रदेश भर के प्रोमोटर्स द्वारा 250 से ज्यादा प्रोजेक्ट का पंजीकरण कराया गया जिसमें गौतम बुद्ध नगर में 51 प्रोजेक्ट शामिल है और इनमें 1 लाख से ज्यादा प्लॉटस एवं यूनिटस का निर्माण होना है. मार्केट ट्रेंड को प्रॉपर्टी सर्वे संस्‍था प्रापइक्विटी के डाटा से भी समर्थन मिल रहा है जिसके अनुसार एनसीआर के मार्केट में प्राइस करेक्शन होने के साथ सप्लाइ और डिमांड दोनों पहले जैसी बनी हुई है और इसमें भी ग्रेटर नोएडा का मार्केट सबसे तेजी से ऊपर आया है क्योंकि यहाँ पूरे एनसीआर और देश के अन्य रियल एस्टेट डेस्टिनेशन की तुलना में कम दरों पर उपलब्ध है.

निवेशकों को लाभ होना तय
उधर, प्राप टाइगर के नवीनतम डाटा पर नजर डाले तो एनसीआर मार्केट में 2025 की प्रथम तिमाही में लगभग 7,960 यूनिटस की सप्लाइ हुई हैं जबकि 2024 में लगभग 6,850 यूनिटस की सप्लाइ हुई थी, यानि नए यूनिटस की सप्लाइ 16% तक बढ़ गई है. इसके पीछे हाई डिमांड को कारण माना जा रहा है. ऐसे में एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि डिमांड में तेजी बनी हुई है, ऐसे में निवेशकों का लाभ होना तय माना जा रहा है. डिमांड बढ़ने के साथ ही रिटर्न में भी लगातार इजाफा हो रहा है। रियल एस्‍टेट डेवलपर्स की सबसे बड़ी संस्‍था क्रेडाई पश्चिमी यूपी के सचिव दिनेश गुप्ता के अनुसार नोएडा अपने प्राइम लोकेशन, सीमित भूमि और बढ़ती कनेक्टिविटी के कारण लक्जरी सेगमेंट में जा चुका है, जहां अब देश के नामी प्रोमोटर्स द्वारा केवल प्रीमियम प्रॉपर्टी लॉन्च की जा रही है. यमुना एक्स्प्रेसवे के क्षेत्र में हुई बढ़ोतरी घर खरीदारों को ग्रेटर नोएडा की तरफ आने पर मजबूर कर सकती है क्योंकि बढ़ी हुई दरों का भार घर खरीदारों पर भी आएगा

आरजी ग्रुप के डायरेक्टर हिमांशु गर्ग के अनुसार नोएडा और ग्रेटर नोएडा में निवेश पर प्राप्त हुआ रिटर्न बहुत ही संतुलित रहा है. जनपद में हुए इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और वैश्विक निवेश से नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसी लोकेशन देश में लक्जरी डेस्टिनेशन का विकल्प बन गई है. थीम आधारित और अल्ट्रा लक्जरी हाई राइज़ सोसाइटी के निर्माण से एचएनआई (हाई नेटवर्थ इंकम) और एनआरआई खरीदारों की एंट्री भी हो रही है जिससे प्रोमोटर्स यहाँ प्रोजेक्ट लाने में रुचि दिखा रहे है.

रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन शैलेन्द्र शर्मा का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में ग्रेटर नोएडा में आधारभूत ढांचे के तेजी से विकास के कारण देश विदेश से निवेश के अवसर बने है और यह अनवरत जारी है जो आने वाले समय में देश के अन्य लोकेशन के लिए उदाहरण बनेगा. निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग के अनुसार नए सर्कल रेट के लागू होने से प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ना तय है. ऐसे में एफोर्डेबल प्रोजेक्ट बनाना संभव नहीं है. फिर भी जनपद में बेहतर हुई कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं से देश और विदेश से निवेश बढ़ा है. इनसे न केवल रोजगार के अवसर बन रहे है बल्कि लोगों में आवासीय विकल्पों के प्रति भी उत्सुकता आई है.


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