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NBCC ने इस रियलटी कंपनी को दिया 50,000 फ्लैट्स बनाने का ऑफर, प्रोजेक्ट में होंगे इतने खर्च
सुपरटेक लिमिटिड को सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC ने 50 हजार फ्लैट्स बनाने का ऑफर दिया है. ये फ्लैट्स तीन साल में तीन चरणों में पूरे होने हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
रियल्टी कंपनी सुपरटेक (Supertech) के हजारों होमबायर्स के लिए एक अच्छी खबर है. दरअसल, मुश्किलों में घिरी सुपरटेक लिमिटिड को सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (NBCC) ने 50 हजार फ्लैट्स बनाने का ऑफर दिया है. तो आइए जानते हैं ये फ्लैट्स कहां बनाए जाएंगे और इसमें कितना खर्च आएगा?
यहां बनाएं जाएंगे 50 हजार फ्लैट्स
सरकारी कंपनी एनबीसीसी ने सुपरटेक लिमिटेड के 17 प्रोजेक्ट्स को तीन साल में तीन चरणों में पूरा करने का प्रस्ताव दिया है. इन प्रोजेक्ट्स के तहत कुल 50,000 अपार्टमेंट बनाए जाने हैं. ये फ्लैट्स नोएडा, ग्रेटर नोएडा, देहरादून, रुद्रपुर और बेंगलुरू में बनाए जाएंगे.
इतने करोड़ होंगे खर्च
एनबीसीसी ने सुपरटेक के सभी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की लागत लगभग 9,500 करोड़ रुपये और रिसीवेबल्स 16,000 करोड़ रुपये आंकी है. इसमें सेल पर लगे 10,000 अपार्टमेंट भी शामिल हैं, जिनसे 14,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं. इनसॉल्वेंसी रेजॉल्यूशनल प्रोफेशनल ने निर्माण लागत 6,406 करोड़ रुपये आंकी थी. एनबीसीसी के अनुसार विभिन्न प्रोजेक्ट्स के पूरा होने की संभावित समय अवधि 'डे जीरो' से 12 से 36 महीने तक होगी. डे जीरो में लैंड तक एक्सेस से लेकर मंजूरी प्राप्त करने और धन की उपलब्धता तक सब कुछ शामिल है.
सुपरटेक होमबॉयर्स की जागी उम्मीद
बता दें, सुपरटेक लिमिटेड को एक इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल द्वारा चलाया जा रहा है. कंपनी के प्रमोटर पर फंड की हेराफेरी समेत कई आरोप हैं. यूनियन बैंक ने सुपरटेक के खिलाफ इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग शुरू की है. ऐसे में एनबीसीसी ने एनसीएलएटी से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में सुपरटेक के रुके हुए प्रोजेक्ट्स में एंट्री करने की अनुमति मांगी है. एनबीसीसी पहले ही आम्रपाली में यह काम कर रही है. ऐसे में इस कदम से अब सुपरटेक के होमबायर्स को भी प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद जागी है.
एनबीसीसी करेगी अब ये काम
एनबीसीसी ने एनसीएलएटी द्वारा नियुक्त एक समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा है. इसमें बैंकों और कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ-साथ इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल भी शामिल होंगे. यह समिति प्रोजेक्ट को पूरा करने, होमबायर्स से पैसा लेने, अनबिके फ्लैट्स को बेचने और बैंकों को बकाये के भुगतान पर फैसला करेगी.
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