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इस शहर के फ्लैट मालिकों से 200 करोड़ वसूलने की तैयारी में GDA, जानिए क्या है पूरा मामला?
GDA ने वैशाली के फ्लैट और प्लॉट मालिकों से 200 करोड़ रुपये वसूलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. यह वसूली 36 साल पुराने भूमि अधिग्रहण मामले के तहत की जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अगर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद क्षेत्र में आपका भी कोई फ्लैट है, तो इस खबर पर ध्यान जरूर दें. दरअसल, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने वैशाली क्षेत्र के फ्लैट और प्लॉट मालिकों पर 200 करोड़ रुपये वसूलने की तैयारी शुरू कर दी है. यह राशि 36 साल पुराने एक जमीन अधिग्रहण मामले से जुड़ी है, जिसमें किसानों को मुआवजा देने के मुद्दे पर लंबे कानूनी विवाद के बाद जीडीए को सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत मुआवजा चुकाना होगा. जीडीए के अधिकारियों के अनुसार, यह वसूली अदालत के निर्देशानुसार की जाएगी और इसके लिए एक वसूली योजना तैयार की जा रही है. तो आइए जानते हैं आखिर ये पूरा मामला क्या है?
मुआवजे में हुई थी बढ़ोतरी
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने वैशाली के फ्लैट और प्लॉट मालिकों से 200 करोड़ रुपये वसूलने के लिए एक प्रस्ताव मंजूर किया है. यह फैसला 36 साल पुरानी जमीन अधिग्रहण मामले से जुड़ा है. जीडीए ने साल 1986 से साल 1990 के बीच किसानों से जमीन अधिग्रहित की थी. किसानों को पहले प्रति वर्ग गज 50 रुपये मिले थे. उन्होंने अधिक मुआवजे की मांग की और साल 2001 में जिला न्यायालय ने इसे बढ़ाकर 180 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया है. जीडीए ने इस फैसले को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी. इसके बाद साल 2017 में मुआवजा बढ़ाकर 297 रुपये प्रति वर्ग गज कर दिया.
GDA ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख
इसके बाद जीडीए ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. लेकिन वहां भी उसे निराशा हाथ लगी. सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 में कहा कि जीडीए को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दोबारा याचिका दायर करनी होगी. हालांकि वहां भी उसे राहत नहीं मिली. कोर्ट के आदेश के अनुसार जीडीए को किसानों को 297 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से मुआवजा देना होगा. इस मुआवजे का कुल अमाउंट लगभग 200 करोड़ रुपये बनती है. यह अमाउंट वैशाली के मूल फ्लैट और प्लॉट मालिकों से वसूली जाएगी. जीडीए के सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के तहत होगी और इसके लिए एक वसूली योजना बनाई जा रही है. इसके अलावा जीडीए बोर्ड ने मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग के ऑडिट की योजना को टाल दिया है.
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