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सियासत में गौतम कभी नहीं दिखे 'गंभीर' इसलिए विकेट गिरना तो तय था

पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने गौतम गंभीर ने अब सियासत से भी तौबा कर ली है. उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

क्रिकेट को अलविदा कहने वाले गौतम गंभीर(Gautam Gambhir) ने अब सियासी अखाड़े से भी संन्यास ले लिया है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वो चुनाव नहीं लड़ेंगे. गौतम ने अपने निर्णय के बारे में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अवगत करा दिया है. साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर भी इसकी जानकारी दी है. ऐसे में यह सवाल लाजमी है कि आखिर गौतम ने इतनी जल्दी अपने सियासी करियर पर फुल स्टॉप क्यों लगा दिया? क्या वह खुद अपनी परफॉरमेंस से खुश नहीं थे या उन्हें अहसास हो गया था कि उनका विकेट गिरना तय है?

आलाकमान भी है नाराज
सियासी मामलों के जानकारों का कहना है कि भाजपा सांसद गौतम गंभीर एक राजनेता के तौर पर किसी को खुश नहीं कर पाए. जनता के साथ-साथ पार्टी आलाकमान भी उनसे नाराज था. गंभीर चुनिंदा अवसर पर ही पार्टी की तरफ से चलाए गए अभियानों का हिस्सा बने. उन्होंने स्थानीय स्तर पर होने वाले आयोजनों से भी खुद को दूर रखा. पार्टी के कई नेताओं से भी उनके मतभेद बने रहे. उनके खिलाफ आलाकमान को लगातार शिकायतें मिल रही थीं. ऐसे में उनकी विदाई तय थी. पार्टी नेतृत्व ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पूर्वी दिल्ली से गौतम गंभीर का टिकट काट कर नए प्रत्याशी को मैदान में उतारने का भी मन पहले ही बना लिया था. 

गंभीर पर लगते रहे हैं आरोप
लोकसभा प्रत्याशी के तौर पर दिल्ली भाजपा की तरफ से केंद्रीय चुनाव सीमित को पूर्वी दिल्ली सीट के लिए प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और प्रदेश इकाई में महामंत्री हर्ष मल्होत्रा का नाम प्रस्तावित किया गया है. इससे गौतम गंभीर को स्पष्ट संदेश चला गया था कि उनका टिकट कटना तय है. इसलिए उन्होंने खुद ही चुनाव से पहले सियासत को अलविदा कह दिया. गंभीर कई मौकों पर विवादों में रह चुके हैं. पिछले साल क्रिकेटर श्रीसंत ने आरोप लगाया था कि गौतम गंभीर ने उन्हें गाली दी और फिक्सर कहा. इतना ही नहीं एक मैच के दौरान उन पर दर्शकों की तरफ देखते हुए अश्लील इशारा करने का भी आरोप लगा था.

विधायक से हुआ था विवाद
पिछले साल एक कार्यक्रम के दौरान BJP सांसद गौतम गंभीर का स्थानीय विधायक ओपी शर्मा के साथ भी विवाद हुआ था. इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद थीं. बताया जाता है कि इस घटना के बाद भाजपा दिल्ली से जुड़े कुछ नेताओं ने सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी. स्थानीय विधायक ने कहा था कि सर्व समाज के सम्मेलन में सांसद गंभीर ने उनके खिलाफ तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया. इस मामले को आलाकमान ने गंभीरता से लिया था. इसके अलावा भी कई मौकों पर गंभीर सूए स्थानीय नेताओं से मनमुटाव की खबरें आती रही हैं. 


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