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मुलायम सिंह यादव की यादों को समेटे हुए है 2 कृष्ण मेनन मार्ग, पर यहां आज इतनी उदासी!
दरअसल मुलायम सिंह यादव 11 वीं लोकसभा का चुनाव अपने किले यानी मैनपुरी से जीतकर आए थे. केन्द्र में संयुक्त मोर्चा की सरकार बनी तो उन्हें देश का रक्षा मंत्री बनाया गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
विवेक शुक्ला: राजधानी में लगातार हो रही धीमी-तेज बरसात के बीच लुटियंस दिल्ली के 2 कृष्ण मेनन मार्ग के बंगले के बाहर ट्रैफिक रोज की तुलना में कम चल रहा है. इस बंगले से लगभग 100 कदमों की दूरी पर भारत के पूर्व रक्षा मंत्री कृष्ण मेनन की मूरत लगी हुई है. राजधानी में तमाम राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और सियासत में दिलचस्पी लेने वालों को याद आ रहे हैं वे दिन जब मुलायम सिंह यादव 2 कृष्ण मेनन मार्ग के बंगले में रहा करते थे. यह बंगला उन्हें तब मिला था जब वे 1996 में देश के रक्षा मंत्री बने थे. वे जब तक इधर रहे यह बंगला बेहद गुलजार रहा. आज इस बंगले के आसपास और कृष्ण मेनन मार्ग की उदासी की वजह यह तो नहीं कि अब मुलायम सिंह यादव नहीं रहे. उनका आज निधन हो गया.
दरअसल मुलायम सिंह यादव 11 वीं लोकसभा का चुनाव अपने किले यानी मैनपुरी से जीतकर आए थे. केन्द्र में संयुक्त मोर्चा की सरकार बनी तो उन्हें देश का रक्षा मंत्री बनाया गया. जाहिर है, उस सरकार में उनकी समाजवादी पार्टी भी शामिल थी. यूं तो मुलायम सिंह पहले भी दिल्ली आते-जाते थे, पर वे रक्षा मंत्री बनने के बाद पहली बार दिल्ली में रहने लगे थे.
अखिलेश की शादी का जश्न
उनके 2 कृष्ण मेनन मार्ग के आवास में ही उनके पुत्र और उत्तर प्रदेश में विपक्ष के नेता अखिलेख यादव की शादी की रिस्पेशन का आयोजन हुआ था. उस आयोजन में अटल बिहारी वाजपेयी, चंद्रशेखर, आई.के.गुजराल, सोनिया गांधी समेत सभी दलों के सैकड़ों नेता और जमीनी कार्यकर्ता मौजूद थे. मेहमानों को वैष्णो भोजन परोसा गया था. जाहिर है, उस दिन का माहौल बेहद खुशगवार था. मुलायम सिंह खुद मेहमानों का स्वागत कर रहे थे. उसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना भी उपस्थित थे.
मुलायम सिंह के इसी 2 कृष्ण मेनन मार्ग के बंगले में हर साल रमजान के महीने में इफ्तार का आयोजन होता था. उसमें मुलायम सिंह यादव मौजूद रहते थे. हालांकि संयुक्त मोर्चा सरकार तो 1998 में ही गिर गई थी, पर मुलायम सिंह यादव के पास यह बंगला काफी लंबे समय तक रहा. इसके दरवाजे कमोबेश खुले ही रहते थे. रात के 9-10 बजे के बाद बंद होते थे. यहां पर आने वाले हरेक इंसान को भोजन मिलता था.
मधु जी के घर में मुलायम
मुलायम सिंह यादव समाजवादी नेता और चिंतक मधु लिमये का दिल से सम्मान करते थे. जब मधु जी वेस्टर्न कोर्ट में रहते थे तब मुलायम सिंह यादव वहां पर लगातार उनसे मिलने के लिए आया करते थे. मधु जी जब पंडारा रोड शिफ्ट हुए तो वे वहां पर उनसे लगातार मिलने के लिए पहुंचने लगे. वे गंभीर राजनीतिक सवालों पर मधु जी से मशविरा लेते थे. वे मधु लिमये जी के घर फल लेकर आते थे. मधु जी का सन 1995 में निधन हुआ तो वे उनकी शवयात्रा में शामिल थे. उन्होंने ही अंतिम संस्कार की सारी व्यवस्था करवाई थी.
यह जानकारी कम लोगों को होगी कि वे लंबे समय तक दिल्ली आने पर अमर उजाला अखबार के बंगाली मार्केट स्थित गेस्ट हाउस में ठहरा करते थे. उनके अमर उजाला के संस्थापक डोरीलाल अग्रवाल तथा मुरारीलाल माहेश्वरी से घनिष्ठ संबंध थे.
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