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विवाद के बाद तमिलनाडु सरकार ने वापस लिया ज्योतिषी की नियुक्ति, CM विजय ने रद्द किया OSD पद का आदेश
निजी ज्योतिषी को सरकारी पद देने पर उठे सवाल, विपक्ष और सहयोगियों के दबाव में सरकार का यू-टर्न
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
चंद्रशेखरन जोसेफ विजय सरकार ने भारी विवाद और आलोचना के बाद मुख्यमंत्री के निजी ज्योतिषी रिक्की राधान पंडित वेट्रिवेल की नियुक्ति रद्द कर दी है. तमिलनाडु सरकार ने 13 मई 2026 को जारी आदेश में कहा कि वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी (OSD-Political) के पद पर नियुक्त करने संबंधी आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है.
एक दिन पहले हुई थी नियुक्ति
रिकी राधान पंडित वेट्रिवेल, जो ज्योतिषी होने के साथ-साथ TVK के प्रवक्ता भी हैं, को 12 मई 2026 को मुख्यमंत्री के राजनीतिक OSD के रूप में नियुक्त किया गया था. इस संबंध में राज्य सरकार के सार्वजनिक विभाग ने आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि नियुक्ति की शर्तें अलग से जारी की जाएंगी.
कौन हैं राधान पंडित वेट्रिवेल?
वेट्रिवेल को ज्योतिष और मेडिटेशन के क्षेत्र में चार दशक से अधिक का अनुभव बताया जाता है. वह पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के करीबी सलाहकारों में भी शामिल रहे थे. बताया जाता है कि 1990 के दशक में उन्होंने जयललिता को कानूनी रणनीतियों को लेकर सलाह दी थी, साथ ही उनके नाम के अंत में दूसरा “a” जोड़ने और Jaya TV के लोगो को अंतिम रूप देने में भी भूमिका निभाई थी.
राजनीतिक और फिल्मी हलकों में वेट्रिवेल अपने ज्योतिषीय और न्यूमरोलॉजी आधारित पूर्वानुमानों के लिए चर्चित रहे हैं. उन्होंने पहले यह भविष्यवाणी भी की थी कि विजय राजनीति में आएंगे और बड़ी चुनावी सफलता हासिल करेंगे.
नियुक्ति पर क्यों शुरू हुआ विवाद?
इस नियुक्ति के सामने आते ही विपक्षी दलों और प्रगतिशील संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी. कई नेताओं ने सवाल उठाया कि एक ज्योतिषी को सरकारी पद देना संविधान की भावना और वैज्ञानिक सोच के खिलाफ है.
सीपीएम के राज्य सचिव पी. शन्मुगम ने कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी वैज्ञानिक सोच और तर्कवादी मूल्यों को बढ़ावा देना है, न कि अंधविश्वास को प्रोत्साहित करना. वहीं CPI ने भी बयान जारी कर कहा कि TVK खुद को धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की राजनीति का समर्थक बताती रही है, ऐसे में यह फैसला चौंकाने वाला है.
कांग्रेस सांसद कर्ति पी चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक सांकेतिक टिप्पणी करते हुए इस फैसले की तुलना रोमन सम्राट कैलिगुला द्वारा अपने घोड़े को कौंसल नियुक्त करने से कर दी.
विधानसभा में विरोध के बाद बदला फैसला
सरकार पर दबाव तब और बढ़ गया जब DMDK महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने विधानसभा में इस फैसले का खुलकर विरोध किया. बढ़ती आलोचना और राजनीतिक दबाव के बीच मुख्यमंत्री विजय सरकार ने एक दिन के भीतर ही नियुक्ति वापस लेने का फैसला कर लिया.
तमिलनाडु की राजनीति और ज्योतिष का पुराना रिश्ता
तमिलनाडु की राजनीति में ज्योतिष और आस्था का प्रभाव लंबे समय से देखा जाता रहा है. चुनाव टिकट, नामांकन की तारीख, शुभ रंग और जीत की संभावनाओं को लेकर कई नेता ज्योतिषीय सलाह लेते रहे हैं. वेट्रिवेल भी पिछले कुछ वर्षों से विजय के करीबी माने जाते हैं और कई राजनीतिक तथा निजी कार्यक्रमों में उनके साथ देखे गए हैं.
हाल ही में विजय के तिरुचेंदूर मुरुगन मंदिर दौरे के दौरान भी वेट्रिवेल उनके साथ कार में नजर आए थे, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई थी.
निजी आस्था बनाम सार्वजनिक पद पर बहस
यह विवाद एक बार फिर निजी धार्मिक विश्वास और सार्वजनिक पद की मर्यादा के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ गया है. हालांकि सरकार ने नियुक्ति रद्द करने के अलावा विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर अब तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है.
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