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कोटक MF ने लॉन्च किया नया इंडेक्स फंड, Alpha और Low-Volatility रणनीति पर रहेगा फोकस
यह इंडेक्स पूरी तरह नियम-आधारित ढांचे पर काम करता है और समय-समय पर इसका पुनर्संतुलन किया जाता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (Kotak Mahindra AMC) ने निवेशकों के लिए एक नया निवेश विकल्प पेश करते हुए कोटक निफ्टी अल्फा लो-वॉलेटिलिटी 30 इंडेक्स फंड (Kotak Nifty Alpha Low-Volatility 30 Index Fund) लॉन्च करने की घोषणा की है. यह एक ओपन-एंडेड इंडेक्स फंड है, जो निफ्टी अल्फा लो-वॉलेटिलिटी 30 इंडेक्स को ट्रैक करेगा. इस फंड का न्यू फंड ऑफर (NFO) 29 मई 2026 से निवेश के लिए खुल गया है और 12 जून 2026 तक खुला रहेगा.
क्या है कोटक निफ्टी अल्फा लो-वॉलेटिलिटी 30 इंडेक्स फंड?
यह फंड निफ्टी अल्फा लो-वॉलेटिलिटी 30 इंडेक्स फंडकी नकल करेगा, जिसमें 30 ऐसी कंपनियां शामिल हैं जिन्हें अल्फा और लो-वॉलेटिलिटी फैक्टर्स के आधार पर चुना जाता है. Alpha उन शेयरों की क्षमता को दर्शाता है जो व्यापक बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, जबकि Low-Volatility ऐसे शेयरों पर फोकस करता है जिनकी कीमतों में अपेक्षाकृत कम उतार-चढ़ाव होता है. इन दोनों रणनीतियों का संयोजन निवेशकों को बेहतर रिटर्न की संभावना के साथ जोखिम को संतुलित करने का अवसर देता है.
नियम-आधारित और पारदर्शी निवेश रणनीति
यह इंडेक्स पूरी तरह नियम-आधारित ढांचे पर काम करता है और समय-समय पर इसका पुनर्संतुलन (Rebalancing) किया जाता है. इसका उद्देश्य निवेशकों को एक व्यवस्थित और पारदर्शी निवेश ढांचा उपलब्ध कराना है, जिससे वे इक्विटी बाजार में भागीदारी कर सकें.
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए उपयुक्त: निलेश शाह
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध निदेशक निलेश शाह ने कहा कि कंपनी निवेशकों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए समाधान पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि यह नया फंड अल्फा और लो-वॉलेटिलिटी विशेषताओं को जोड़ने वाली फैक्टर-आधारित रणनीति अपनाता है. यह निवेशकों को एक संरचित और पारदर्शी ढांचे के माध्यम से इक्विटी में निवेश का अवसर प्रदान करता है. उनके अनुसार, लंबी अवधि के निवेश क्षितिज वाले निवेशक इस फंड पर विचार कर सकते हैं.
बेहतर अवसरों के साथ नियंत्रित रहेगा उतार-चढ़ाव
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष और फंड मैनेजर देवेंद्र सिंघल ने कहा कि यह रणनीति ऐसे शेयरों की पहचान करती है जिनमें बाजार से बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता हो, जबकि वे अपेक्षाकृत स्थिर भी बने रहें. उन्होंने बताया कि समय के साथ यह दृष्टिकोण एक ऐसा विविधीकृत पोर्टफोलियो तैयार करने में मदद करता है जो निवेशकों को बाजार के अवसरों का लाभ लेने के साथ-साथ अस्थिरता को सीमित रखने में भी सहायता करता है.
निवेशकों को मिलेगा विविधीकृत इक्विटी पोर्टफोलियो
विशेषज्ञों के अनुसार, अल्फा और लो-वॉलेटिलिटी फैक्टर्स का संयोजन निवेशकों को एक संतुलित इक्विटी पोर्टफोलियो प्रदान कर सकता है. यह फंड उन निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प हो सकता है जो लंबी अवधि में इक्विटी बाजार से जुड़े रहना चाहते हैं और साथ ही बाजार की अधिक अस्थिरता से बचाव भी चाहते हैं. NFO के जरिए निवेशकों को फैक्टर-आधारित निवेश रणनीति में भागीदारी का अवसर मिलेगा, जो पारंपरिक मार्केट-कैप आधारित निवेश दृष्टिकोण से अलग एक वैकल्पिक निवेश मॉडल पेश करती है.
(डिस्क्लेमर: म्युचुअल फंड्स बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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