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छोटे शहरों में बढ़ा क्रेडिट कार्ड का क्रेज, UPI इंटीग्रेशन से डिजिटल खर्च को मिली नई रफ्तार
वित्त वर्ष 2026 में देश में लगभग 11.86 करोड़ क्रेडिट कार्ड प्रचलन में रहे. इसी दौरान क्रेडिट कार्ड के जरिए कुल खर्च ₹23.62 लाख करोड़ से अधिक पहुंच गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 58 minutes ago
भारत में अब क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा. बढ़ती डिजिटल जागरूकता, आय में इजाफा और UPI के साथ रुपे क्रेडिट कार्ड के इंटीग्रेशन ने छोटे और मझोले शहरों में भी डिजिटल भुगतान को नई गति दी है. एसबीआई कार्ड की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अब सबसे ज्यादा UPI-सक्रिय क्रेडिट कार्ड उपयोग और खर्च टियर-2 और टियर-3 शहरों से हो रहा है, जो देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल फाइनेंशियल इकोसिस्टम की ओर इशारा करता है.
छोटे शहरों में तेजी से बढ़ रहा क्रेडिट कार्ड उपयोग
रिपोर्ट के अनुसार भारत में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल महानगरों से बाहर भी तेजी से बढ़ रहा है. बढ़ती आय, बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी और भुगतान ढांचे के विस्तार ने इस बदलाव को मजबूती दी है. UPI के साथ रुपे क्रेडिट कार्ड के जुड़ने से अब छोटे शहरों के ग्राहक भी रोजमर्रा के भुगतान और छोटी खरीदारी के लिए आसानी से क्रेडिट का इस्तेमाल कर पा रहे हैं.
UPI ने बदली डिजिटल पेमेंट की तस्वीर
एसबीआई कार्ड के आंकड़ों के मुताबिक लगभग 77% UPI-सक्रिय क्रेडिट कार्ड ग्राहक और करीब 81% UPI-आधारित क्रेडिट कार्ड खर्च छोटे और मझोले शहरों से आते हैं. यह दर्शाता है कि डिजिटल क्रेडिट सेवाओं को अब तेजी से अपनाया जा रहा है और वित्तीय समावेशन में क्रेडिट कार्ड की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है.
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कार्ड खर्च
वित्त वर्ष 2026 में देश में लगभग 11.86 करोड़ क्रेडिट कार्ड प्रचलन में रहे. इसी दौरान क्रेडिट कार्ड के जरिए कुल खर्च ₹23.62 लाख करोड़ से अधिक पहुंच गया. यह संकेत देता है कि भारत में क्रेडिट कार्ड इंडस्ट्री अब सिर्फ कार्ड जारी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपयोग और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर अधिक फोकस बढ़ रहा है.
ऑनलाइन खर्च में भी तेज उछाल
रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में खुदरा खर्च बढ़कर ₹3.54 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 15% अधिक है. कुल खुदरा खर्च में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की हिस्सेदारी लगभग 62.5% रही. इससे साफ है कि ग्राहक तेजी से डिजिटल-फर्स्ट खरीदारी और ऑनलाइन भुगतान को प्राथमिकता दे रहे हैं.
बदल रही है उपभोक्ताओं की खर्च करने की आदत
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आय, शहरीकरण और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं ने लोगों के खर्च करने के तरीके को बदल दिया है. अब ग्राहक सिर्फ जरूरतों पर ही नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल, अनुभव और सुविधाजनक भुगतान विकल्पों पर भी ज्यादा खर्च कर रहे हैं.
डिजिटलीकरण से बदलेगा भुगतान इकोसिस्टम
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार प्रगतिशील नीतियां, डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और आसान क्रेडिट एक्सेस आने वाले वर्षों में भारत के भुगतान इकोसिस्टम को और तेजी से बदल सकते हैं. विशेष रूप से छोटे शहरों में डिजिटल लेनदेन और क्रेडिट उपयोग का बढ़ना देश की अर्थव्यवस्था में वित्तीय समावेशन को नई मजबूती दे रहा है.
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