सेबी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब बाजार अनिश्चितता और वैश्विक जोखिमों से जूझ रहा है. IPO और MPS नियमों में दी गई यह अस्थायी राहत कंपनियों को न केवल राहत देगी, बल्कि पूंजी बाजार में स्थिरता लाने में भी अहम भूमिका निभा सकती है.
मंगलवार को बाजार हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ, जहां सेंसेक्स करीब 74,100 अंक और निफ्टी लगभग 22,500 अंक के आसपास बंद हुआ.
वॉशिंगटन ने तेहरान को मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक की समय-सीमा दी है. इस डेडलाइन के तहत ईरान से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और चल रहे अमेरिका-इज़राइल-ईरान संघर्ष में समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने की मांग की गई है.
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते इस क्षेत्र में शिपिंग रूट प्रभावित हुए हैं. भारत अपनी लगभग 90 प्रतिशत LPG जरूरतों के लिए मध्य पूर्व पर निर्भर है.
रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि भारत की वित्तीय प्रणाली पर इस संकट का सबसे बड़ा असर धीरे-धीरे सामने आएगा. लंबे समय तक जारी तनाव MSME और रिटेल सेक्टर में एसेट क्वालिटी पर दबाव बढ़ा सकता है और आर्थिक स्थिरता को चुनौती दे सकता है.
रिपोर्ट में ग्रीन फाइनेंस के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित किया गया है. ग्रीन बॉन्ड्स के प्रति निवेशकों की मांग तेजी से बढ़ रही है. हाल ही में 10,000 करोड़ रुपये के ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड इश्यू को मजबूत प्रतिक्रिया मिली.
एयरलाइन ने घरेलू रूट्स के लिए अब दूरी आधारित फ्यूल सरचार्ज लागू किया है, यानी जितनी लंबी दूरी, उतना ज्यादा सरचार्ज होगा.
क्लियरिंग कॉर्पोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक 30 मार्च को NDF मार्केट में क्लाइंट ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़कर 7.54 अरब डॉलर तक पहुंच गया.
रेलवे के कवच प्रोजेक्ट्स और बढ़ते सुरक्षा खर्च ने केईसी इंटरनेशनल, एचबीएल इंजीनियरिंग और केर्नेक्स माइक्रोसिस्टम्स के स्टॉक्स को निवेशकों के रडार पर ला दिया है.
मध्य पूर्व तनाव के बीच कंपनी ने कहा कि कीमतों में संतुलित वृद्धि और लागत अनुकूलन के माध्यम से दबाव को कम किया जाएगा.
उच्च लागत, लंबी आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी चुनौतियों का सामना कर रहे भारतीय स्टार्टअप्स के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ.
कैंपबेल विल्सन ने जुलाई 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी. उनका कार्यकाल जून 2027 तक चलना था, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया.
सोने और चांदी के ETF ने भी इस साल निवेशकों को आकर्षित किया. कीमतों में तेजी और बेहतर रिटर्न के चलते इन फंड्स में निवेश बढ़ा है.
सोमवार को BSE सेंसेक्स 787 अंकों की बढ़त के साथ करीब 74,000 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 भी उछलकर लगभग 22,500 के आसपास बंद हुआ.
रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि आने वाले महीनों में ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है. बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती क्रेडिट विस्तार की गति को प्रभावित कर सकती है.
विनय एम. टोंसे के पास बैंकिंग क्षेत्र में साढ़े तीन दशकों से ज्यादा का अनुभव है. वे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं.
अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि रेजोल्यूशन प्रोसेस में गड़बड़ी हुई है. कंपनी के मुताबिक, उसका बेहतर ऑफर होने के बावजूद उसे खारिज कर दिया गया.
कैसे अमेरिकी पूंजी भारत की वित्तीय प्रणाली में एक ऐसी संरचना के जरिए दाखिल हुई जिसे ज्यादातर निवेशकों ने कभी परखने की कोशिश नहीं की और क्यों यह सवाल कि वास्तव में HDFC बैंक को किसने आकार दिया, कभी ठीक से जवाब नहीं पा सका.
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य ATM और UPI के जरिए सीधे अपने PF खाते से पैसा निकाल सकेंगे. इसका उद्देश्य लोगों को तेज, आसान और बिना परेशानी वाली सुविधा देना है.
कैसे बिना प्लानिंग के अनुमोदन, बिना OC वाली इमारतें और चयनात्मक पार्किंग जुर्माने शासन को जबरन वसूली करने वाले ठग में बदल देते हैं.