Grant Thornton Bharat की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का हेल्थकेयर डील मार्केट स्थिर तो है लेकिन सतर्क मोड में आगे बढ़ रहा है. निवेशक अब बड़े सौदों की बजाय डिजिटल हेल्थ, हेल्थटेक और मिड-मार्केट कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं.
यह लॉन्च दिखाता है कि भारत में प्रीमियम कैफे बाजार तेजी से बढ़ रहा है. उपभोक्ता अब सिर्फ कॉफी नहीं, बल्कि माहौल, कनेक्शन, कहानी और व्यक्तिगत अनुभव खरीदना चाहते हैं.
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के लिए केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि आर्थिक परिवर्तन का एक बड़ा इंजन बनकर उभर रहा है. यह परियोजना उद्योग, कृषि, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट को एक साथ गति देकर पूरे राज्य की विकास कहानी को नई दिशा दे रही है.
यह लॉन्च भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्टम को OTP आधारित प्रक्रिया से आगे ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह पहल सुरक्षित, तेज और आधुनिक भुगतान प्रणाली की ओर देश के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को मजबूत करती है.
यह अधिग्रहण भारत में पेस्ट कंट्रोल सेवाओं के क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल तकनीक और वैश्विक मानकों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
यह नियुक्ति भारत में उन्नत इंजीनियरिंग क्षमताओं को मजबूत करने और कंपनी की वैश्विक विकास रणनीति को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
बैंक के एमडी और सीईओ स्वरूप साहा ने बताया कि बोर्ड ने ₹3000 करोड़ तक पूंजी जुटाने को मंजूरी दे दी है. इसके लिए मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति भी कर दी गई है और जल्द ही निवेशकों के साथ बातचीत शुरू होगी.
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब ईरान से जुड़े जियो-पॉलिटिकल तनाव तेजी से बढ़ रहे हैं. UAE, OPEC+ समूह का चौथा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश रहा है, जिसमें रूस जैसे सहयोगी देश भी शामिल हैं.
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2025 में IIP ग्रोथ 3.9% थी, जो इस साल बढ़कर 4.1% हो गई.
मंगलवार को BSE सेंसेक्स 416.72 अंक गिरकर 76,886.91 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, NSE निफ्टी 50 भी 97 अंक गिरावट के साथ 23,995.70 पर आ गया.
रिपोर्ट के अनुसार, आधार, जन धन खातों, मोबाइल कनेक्टिविटी और UPI पर आधारित भारत के DPI के पहले चरण ने यह दिखाया कि साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म किस तरह दशकों की प्रगति को कुछ ही वर्षों में संभव बना सकते हैं.
कैसे एक आदमी जिसने कभी ठाणे की सड़कों पर पाव भाजी बेची और ऑटो रिक्शा चलाया, अब उसने एक रियल-एस्टेट-राजनीतिक मशीन खड़ी कर दी. कैसे एक खौफनाक एनकाउंटर-युग की सत्ता संरचना ने उस उभार को आकार दिया और कैसे यह परिवार अब रेडिसन जैसे वैश्विक होटल चेन के साथ टाई-अप करके मुंबई के बाहरी उपनगरों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है.
मार्च 2026 में भारत ने रूस से लगभग 20 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा था, लेकिन अप्रैल में यह आंकड़ा घटकर औसतन 15.7 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया.
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सबसे अधिक सैन्य खर्च करने वाले पांच देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी और भारत शामिल रहे. इन पांच देशों का कुल रक्षा खर्च वैश्विक सैन्य व्यय का करीब 58 प्रतिशत हिस्सा रहा.
पिछले 6 महीनों में स्टॉक करीब 20% चढ़ा है. वहीं 3 साल की अवधि में इसने निवेशकों का पैसा लगभग दोगुना कर दिया है, जिससे यह एक मजबूत लॉन्ग टर्म पिक बना हुआ है.
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका चीन की एडवांस चिप्स और AI तकनीक तक पहुंच को सीमित करने के लिए निर्यात प्रतिबंध कड़े कर रहा है.
बैंकों की कुल जमा राशि 15 अप्रैल 2026 तक ₹256.5 लाख करोड़ रही, जो साल-दर-साल 12.2% की वृद्धि दर्शाती है. लेकिन तिमाही आधार पर जमा में ₹5.8 लाख करोड़ यानी 2.2% की गिरावट दर्ज की गई.
रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी केवल भारतीय बैंकों तक सीमित नहीं रहेगी. विदेशी शाखाओं और सहयोगी संस्थाओं को भी सीधे डेटा देने की अनुमति दी गई है.
ऑयल इंडिया ने यह महत्वपूर्ण खोज लीबिया के गदामेस बेसिन में की है, जो हाइड्रोकार्बन संसाधनों के लिए जाना जाता है. कंपनी ने ऑनशोर एक्सप्लोरेशन ब्लॉक 95/96 में ड्रिलिंग के दौरान तेल और गैस के नए भंडार का पता लगाया.
यह प्रोजेक्ट भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर क्लस्टर होगा, जो आकार में Google के 1 गीगावाट प्रोजेक्ट से भी बड़ा बताया जा रहा है. राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन समिति से इसे मंजूरी मिल चुकी है.