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छह साल बाद फिर शुरू होगा इंडियन रीडरशिप सर्वे, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पाठकों की संख्या भी मापेगा IRS
MRUCI ने दो चरणों में सर्वे कराने की योजना बनाई है. नए सर्वे में पाठकों की संख्या के साथ मीडिया की विश्वसनीयता और उसके प्रभाव को भी मापने की कोशिश होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल इंडिया (MRUCI) ने अपने प्रमुख इंडियन रीडरशिप सर्वे (IRS) को करीब छह साल के अंतराल के बाद दोबारा शुरू करने की घोषणा की है. यह सर्वे आखिरी बार 2020 की शुरुआत में जारी किया गया था. कोविड-19 महामारी के दौरान इसे रोक दिया गया था. अब इसे ऐसे समय में फिर शुरू किया जा रहा है, जब मीडिया और विज्ञापन उद्योग को दर्शकों और पाठकों की संख्या का विश्वसनीय और मौजूदा आंकड़ा उपलब्ध कराने की जरूरत बढ़ रही है.
नए IRS के जरिए प्रकाशकों, विज्ञापनदाताओं और विज्ञापन एजेंसियों को देशभर में पाठकों की संख्या और मीडिया की खपत से जुड़ी नई जानकारी मिलेगी. इसका इस्तेमाल मीडिया प्लानिंग और निवेश से जुड़े फैसले लेने में किया जा सकेगा.
सर्वे के डिजाइन और सैंपल में बदलाव
MRUCI के मुताबिक, नए सर्वे के डिजाइन और कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा की गई है. इसका उद्देश्य सर्वे की विश्वसनीयता और मजबूती से समझौता किए बिना उसकी प्रक्रिया को बेहतर बनाना है. इसके तहत सैंपल साइज को तर्कसंगत बनाया गया है और संपन्न तथा अति-संपन्न परिवारों का बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए सर्वे के डिजाइन में बदलाव किए गए हैं.
बदलते मीडिया परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए इस बार डिजिटल रीडरशिप को भी मापा जाएगा. इसमें ऐप, ई-पेपर, वेबसाइट और ऑनलाइन संस्करणों पर पाठकों की संख्या शामिल होगी. इस तरह पारंपरिक और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को एक ही सर्वे के तहत मापने की योजना है. इससे भारत में क्रॉस-मीडिया मापन के लिए एक बड़ा सिंगल-सोर्स डेटा तैयार करने में मदद मिलेगी.
मीडिया की विश्वसनीयता और प्रभाव पर भी होगा फोकस
इस सर्वे में एक अहम पहल मीडिया क्वालिटी और इम्पैक्ट मेट्रिक विकसित करने की है. MRUCI की तकनीकी समिति ने इस दिशा में काम किया है. इसमें सर्वे की रिसर्च पार्टनर Inteliphyle के शुरुआती काम को आगे बढ़ाया गया है.
इस प्रस्तावित मेट्रिक के तहत मीडिया का मूल्यांकन केवल उसकी पहुंच (Reach) के आधार पर नहीं होगा, बल्कि उसमें भरोसे और पाठकों का ध्यान जैसे पहलुओं को भी शामिल करने की कोशिश की जाएगी. इससे मीडिया की प्रभावशीलता और उसकी उपयोगिता का अधिक व्यापक आकलन किया जा सकेगा. साथ ही अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म की तुलना और विश्लेषण करना भी आसान होगा.
दो चरणों में लागू होगा सर्वे
MRUCI ने सर्वे को लागू करने के लिए दो चरणों की योजना बनाई है. पहले चरण में दो राज्यों को शामिल किया जाएगा, जिनमें एक मेट्रो शहर भी होगा. इसके बाद सर्वे का विस्तार बाकी बाजारों तक किया जाएगा. इससे पहले एक छोटे स्तर पर प्री-पायलट सर्वे कराया जाएगा, ताकि अध्ययन के डिजाइन के प्रमुख पहलुओं की मजबूती और प्रभावशीलता को परखा जा सके.
पहले चरण की रिपोर्ट सर्वे शुरू होने के छह महीने के भीतर आने की उम्मीद है. इस चरण का खर्च MRUCI उठाएगा.
MRUCI के चेयरमैन और Madison World के पार्टनर एवं डायरेक्टर विक्रम सखुजा ने सर्वे की वापसी पर कहा कि देश के हर हिस्से में विश्वसनीय ऑडियंस मापन की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है. नए IRS में मीडिया की पहुंच के साथ उसके प्रभाव को भी मापने पर ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सर्वे को दो चरणों में लागू किया जाएगा और उन्हें भरोसा है कि उद्योग इसे एक मानक के रूप में स्वीकार करेगा.
वहीं, MRUCI की IRS तकनीकी समिति के चेयरमैन और मीडिया उद्योग के अनुभवी पेशेवर शशिधर सिन्हा ने कहा कि बदलते मीडिया परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए सर्वे के डिजाइन को बेहतर बनाया गया है. साथ ही इसकी विश्वसनीयता और सख्त कार्यप्रणाली को बनाए रखने पर भी ध्यान दिया गया है. सैंपल डिजाइन को मजबूत करने, प्रतिनिधित्व में सुधार करने और मीडिया मापन का दायरा बढ़ाने पर काम किया गया है, ताकि उद्योग को अधिक व्यापक और भरोसेमंद जानकारी मिल सके.
Inteliphyle को रिसर्च एजेंसी की जिम्मेदारी
MRUCI ने इस सर्वे के लिए Inteliphyle को रिसर्च एजेंसी नियुक्त किया है. MRUCI की तकनीकी समिति के परामर्श से Inteliphyle ने प्रस्ताव के लिए अनुरोध (RFP) प्रक्रिया के तहत मिले आवेदनों की विस्तृत समीक्षा के बाद फील्डवर्क एजेंसियों का चयन किया है.
नए IRS का उद्देश्य प्रकाशकों, विज्ञापनदाताओं और एजेंसियों को भारत में पाठकों और मीडिया उपभोग की बदलती स्थिति की स्पष्ट जानकारी देना है. इससे मीडिया और विज्ञापन उद्योग को कारोबारी फैसले लेने के लिए एक साझा मानक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
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