होम / खास खबर / Failed Startup Stories: कामयाबी की ऊंचाई पर पहुंचकर क्यों फेल हुई Shuttl

Failed Startup Stories: कामयाबी की ऊंचाई पर पहुंचकर क्यों फेल हुई Shuttl

कंपनी की जबरदस्त फंडिंग मिली तो उसने कई शहरों में विस्तार किया, दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता, पुणे, मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई में अपनी सर्विसेज शुरू की.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईको-सिस्टम है, बावजूद इसके 10 में से 8 स्टार्टअप अपने शुरुआती 5 साल में ही फेल हो जाते हैं. हम आज से एक नई सीरीज की शुरुआत कर रहे हैं, जिसमें हम उन स्टार्टअप के फेल होने की कहानी बताएंगे, वो क्यों फेल हुए इसका विश्लेषण करेंगे, फेल होने के कारणों को समझेंगे. 

Shuttl की शुरुआत
इस कड़ी में आज हम सबसे पहले बात करेंगे ऑफिस शटल सर्विस देने वाले स्टार्टअप Shuttl की. साल 2015 में दो IITians अमित सिंह और दीपांशु मालवीय ने इसकी शुरुआत की थी. गुरुग्राम में इसका ऑफिस था, ये एक बस एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म है. आइडिया था कि शहरों में ऑफिस जाने वालों के लिए ऐप बेस्ड AC बस की सर्विस देना. लोग ऐप का इस्तेमाल करके अपनी टाइमिंग के हिसाब से अपनी सीट बुक कर सकते हैं. बस उनके घर आती है और ऑफिस तक ड्रॉप करती है. मेट्रो शहरों के लिए ये सर्विस काफी पॉपुलर हुई. दिल्ली, मुंबई, बैंगलुरू में कंपनी का बढ़िया रिस्पॉन्स मिल रहा है. ये लोकल ट्रेनों और लोकल बसों से काफी सुविधाजनक थी. लोगों को ऑटो, टैक्सी के चक्कर से भी निजात दिलाता था. 

Shuttl को मिली जबरदस्त फंडिंग
आइडिया अच्छा था इसलिए चल निकला, कंपनी ने 122 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई. इस स्टार्टअप में दुनिया के कई निवेशकों ने अपनी भरोसा जताया, जिसमें Sequoia Capital, Amazon Alexa Fund, Toyota Tsusho, SIG Global India Fund, और NAV.VC जैसे निवेशक शामिल थे. साल 2020 में कंपनी ने SIG Global India Fund से 57 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल की. कंपनी की जबरदस्त फंडिंग मिली तो उसने कई शहरों में विस्तार किया, दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता, पुणे, मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई में अपनी सर्विसेज शुरू की. हर दिन वो 150 से भी ज्यादा रूट्स पर कंपनी ऑपरेट करती थी, रोजाना 2000 से ज्यादा बसें चलती थीं और एक लाख से ज्यादा राइड्स एक दिन में होती हैं. कंपनी की योजना विदेशों में भी यही सर्विस शुरू करने की थी. बैंकॉक से इसकी शुरुआत भी हुई. 

इसलिए फेल हुई Shuttl 
ये आंकड़े काफी शानदार थे, ये बताने के लिए कि  Shuttl कामयाबी के रास्ते पर दौड़ पड़ी है, लेकिन तभी आई कोरोना महामारी, जिसने Shuttl के पहियों पर ऐसा ब्रेक लगाया कि वो फिर कभी चल नहीं सकी. कोरोना की पहली लहर जब आई तो कंपनी ने अपने ऑपरेशन में कटौती की, लेकिन जैसे तैसे वो अपना काम करते रहे, क्योंकि लोगों का ऑफिस जाना बंद हो गया था, और कंपनी का पूरा बिजनेस ही इसी एक आइडिया पर टिका था. जब कोरोना की दूसरी लहर आई तो कंपनी ने की हालत बद से बदतर हो गई. कंपनी ने भी अपने हाथ खड़े कर दिये. साल 2020 के जून महीने में कंपनी के को-फाउंडर ने कंपनी को बेचने का ऐलान कर दिया. ऑनलाइन बस टिकटिंग स्टार्टअप Chalo ने अक्टूबर 2021 में Shuttl को काफी कम कीमत पर खरीद लिया. Shuttl ने निवेशकों से 122 मिलियन डॉलर जुटाये थे, सभी निवेशकों को भारी भरकम घाटे के साथ कंपनी से बाहर निकलना पड़ा. 

कई बार बिजनेस में कुछ ऐसी गलतियां होती हैं जिसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, Shuttl का केस भी कुछ ऐसा ही है. अगर कोरोना महामारी नहीं आई होती तो आज की तारीख में Shuttl एक बेहद कामयाब कंपनी होती. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

Dentsu-IWMBuzz Digital Awards Season 8 में OTT इंडस्ट्री की श्रेष्ठ प्रतिभाओं का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान डिजिटल कंटेंट की बेहतरीन कहानियों, कलाकारों और क्रिएटर्स को सम्मानित किया गया. साथ ही 'Stream Culture 2026' रिपोर्ट भी लॉन्च की गई.

09-July-2026

रवि बिश्नोई बने IHL के ब्रांड एंबेसडर, हेल्थकेयर क्रिकेट लीग के सीजन-2 का राष्ट्रीय विस्तार शुरू

IHL सीजन-2 में कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी. लीग ने देशभर में डॉक्टरों के ट्रायल और नई फ्रेंचाइजी जोड़ने की भी घोषणा की है. टूर्नामेंट के मुकाबले जयपुर, जोधपुर और देहरादून में आयोजित किए जाने की योजना है.

23-June-2026

डॉ. शशि दुबे: आध्यात्मिक जागरूकता और उच्च चेतना की साझा यात्रा

तीन दशकों से अधिक समय तक विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. दुबे ने अपनी अनन्य सेवा और बिना शर्त प्रेम के माध्यम से कई अनुयायियों का विश्वास और स्नेह अर्जित किया है

31-March-2026

दिल्ली में छाया यो यो हनी सिंह का जादू: NDTV Good Times के ‘My Story Tour’ ने बनाई यादगार म्यूजिक नाइट

कॉन्सर्ट को हनी सिंह के जीवन और करियर के चार हिस्सों में बांटा गया था- द राइज, द फेम, द डार्कनेस और द कमबैक, हर अध्याय ने मंच पर अलग भावनात्मक रंग पेश किया.

16-March-2026

भारत के मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स को यूनेस्को का दर्जा, राजदूत विशाल शर्मा की अहम भूमिका

“मराठा मिलिट्री लैंडस्केप्स ऑफ इंडिया” को यूनेस्को की मान्यता मिलना भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है.

19-February-2026


बड़ी खबरें

भारत @ 80: उपलब्धियों की लंबी छलांग, अधूरी चुनौतियां और विकसित भारत 2047 की राह

लेखक डॉ. ब्रजेश कुमार तिवारी कहते हैं, अब भारत के सामने सवाल बदल चुका है. सवाल केवल यह नहीं रह गया है कि देश विकास कर सकता है या नहीं, बल्कि यह है कि क्या विकास संतुलित, उत्पादक, समावेशी और मानवीय बन सकता है.

7 hours ago

जी के 3,100 करोड़ रुपये के फंड जुटाने पर रोक क्यों? सैट ने सेबी के फैसले पर उठाए सवाल

प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा कि जब दो महीने की रोक खत्म होने के बाद निवेश की अनुमति है, तो अभी इस पर रोक लगाने का आधार क्या है. सार्वजनिक शेयरधारकों के भारी समर्थन को भी न्यायाधिकरण ने अहम माना.

14 hours ago

स्टेशनरी बेचने से IIGJ के CEO तक... देबाशीष बिस्वास की 30 साल की प्रेरक यात्रा

बैंकिंग से शिक्षा जगत तक 30 साल का सफर, 60 हजार से ज्यादा छात्रों को दे चुके हैं मार्गदर्शन देवाशीष बिस्वास

8 hours ago

लिस्टिंग के बाद LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया की सबसे मजबूत तिमाही, मुनाफा 27% बढ़ा

## वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी की आय 15.5 प्रतिशत बढ़कर 7,233 करोड़ रुपये पहुंच गई. वहीं, शुद्ध मुनाफा 27.2 प्रतिशत की तेजी के साथ 653 करोड़ रुपये रहा.

12 hours ago

कूल किंग तेल विवाद में डाबर को राहत, 30 सितंबर तक पुराना स्टॉक बेचने की मंजूरी

दिल्ली हाईकोर्ट ने डाबर इंडिया को 9,020 कार्टन मौजूदा स्टॉक बेचने की अनुमति दी है. हालांकि कंपनी को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से उत्पाद हटाना होगा और 30 सितंबर के बाद बचा हुआ स्टॉक वापस लेना होगा.

12 hours ago