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केवल 2 से अधिक बच्चे वाले ही लड़ सकेंगे चुनाव, इस राज्य में बनने वाला है अजीब कानून!
एक तरफ जहां जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनने जाने की मांग चल रही है. वहीं, भाजपा की एक सहयोगी पार्टी के राज्य में आबादी बढ़ाने की तैयारी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत पर जनसंख्या का भार बढ़ता जा रहा है. लगातार बढ़ती आबादी से देश को कई तरह की चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है और आने वाले समय में स्थिति और भी ज्यादा विकराल हो सकती है. इसलिए जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनाए जाने की मांग उठती रहती है. इस बीच, आंध्र प्रदेश कुछ अलग ही करने की तैयारी में है. राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि सरकार ऐसा कानून लाने की योजना बना रही है, जिसके तहत केवल वही लोग स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए पात्र होंगे जिनके दो से अधिक बच्चे हैं.
आबादी बढ़ाने की अपील
दरअसल, नायडू राज्य की उम्रदराज आबादी को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने दक्षिणी राज्यों के परिवारों से अधिक बच्चे पैदा करने का आग्रह भी किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारी सरकार केवल दो से अधिक बच्चों वालों को ही स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने के लिए पात्र बनाने के लिए कानून लाने की योजना बना रही है. इसका उद्देश्य लोगों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना और आने वाले सालों में युवा आबादी सुनिश्चित करना है.
गांवों में बुजुर्ग ही बचे
उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास 2047 तक जनसांख्यिकीय लाभ है, लेकिन दक्षिण भारत में उम्रदराज आबादी बढ़ रही है. जापान और चीन सहित कुछ यूरोपीय देशों इस समस्या से जूझ रहे हैं, जहां आबादी का एक बड़ा हिस्सा बुजुर्ग है. बेहतर अवसरों की तलाश में युवाओं के देश के दूसरे हिस्सों या विदेश जाने से दक्षिणी राज्यों में यह चुनौती और भी बदतर हो गई है. केंद्र की मोदी सरकार के प्रमुख सहयोगी एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश और देश के कई गांवों में केवल बुजुर्ग ही बचे हैं. युवा पीढ़ी शहरों में चली गई है. दक्षिणी राज्यों में प्रजनन दर पहले ही 1.6 तक गिर गई है, जो राष्ट्रीय औसत 2.1 से कम है. CM ने कहा कि यदि प्रजनन दर में गिरावट जारी रही, तो हम 2047 तक गंभीर वृद्धावस्था समस्या का सामना करेंगे.
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