✕

होम / बातें साहित्य की / Kargil War के दर्द को शब्दों में पिरोकर शिखा सक्सेना ने लिखी Nation First

Kargil War के दर्द को शब्दों में पिरोकर शिखा सक्सेना ने लिखी Nation First

शिखा सक्सेना ने अपनी किताब में कारगिल युद्ध से जुड़े अनुभवों को साझा किया है. उन्होंने सैनिकों के परिवारों की पीड़ा को भी दर्शाया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

कारगिल युद्ध (Kargil War) के दौरान देश ने कई जवानों को खोया. इन जवानों में किसी का बेटा, किसी का भाई, तो किसी का पति भी शामिल था. पाकिस्तान की तरफ से थोपे गए इस युद्ध की पीड़ा हर उस परिवार ने भी भोगी, जिसका कोई न कोई देश की रक्षा के लिए दुश्मन से दो-दो हाथ कर रहा था. ऐसी ही पीड़ा को शब्दों में पिरोकर शिखा सक्सेना ने किताब की शक्ल में दुनिया के सामने रखा है. शिखा आर्टिलरी ऑफिसर कैप्टन अखिलेश सक्सेना की पत्नी हैं. साथ ही शिखा ने यह भी बताया है कि युद्ध के दौरान जवानों को किस मनोदशा से गुजरना पड़ा था. इस किताब को कारगिल के अनुभवों को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाने के लिए सरल भाषा में लिखा गया है.

बहादुरी और भावनाओं का जिक्र
शिखा ने अपनी किताब 'Nation First' में कारगिल युद्ध के दौरान अपने अनुभव और अपने पति अखिलेश सक्सेना के अनुभवों को समेटने की कोशिश की है. अखिलेश Tololing, Hump और Three Pimples को फतह कराने के मिशन में शामिल थे. अपनी किताब में शिखा ने बताया है कि युद्ध के दौरान एक आत्मघाती मिशन की तरफ बढ़ते हुए सैनिक की मनोदशा क्या होती है? कैसे वो गंभीर चोटों के बाद भी दुश्मनों को माकूल जवाब देते हुए देश की रक्षा करता है. इस किताब में भारतीय सैनिकों की बहादुरी के साथ-साथ युद्ध और उसके बाद इन सैनिकों के परिवार द्वारा जिस भावनात्मक ज्वार का सामना किया गया, उसका भी जिक्र है. शिखा के पैरेंट्स डॉक्टर हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत HCL नोएडा में बतौर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ट्रेनी के तौर पर की थी. 1999 में उनकी शादी कैप्टन अखिलेश सक्सेना से हुई और शादी के कुछ समय बाद ही कारगिल युद्ध शुरू हो गया.

नए सिरे से शुरू की जिंदगी
Nation First में ऐसी जानकारी है, जो युद्ध में शामिल जवानों की मानसिक स्थिति, उनकी भावनाओं और उनके बीच होने वाली बातचीत को उजागर करती है. शिखा ने अपनी किताब में कारगिल युद्ध से जुड़ी ऐसी बातों का भी जिक्र किया है जिसे जानने के बाद हर भारतीय का सिर हमारे जवानों के सम्मान में झुक जाएगा. दरअसल, शिखा ने अपने पति अखिलेश से युद्ध की चुनौतियों, भारतीय सेना के सामने आई मुश्किलों आदि के बारे में विस्तार से जाना है और उस अनुभव को उन्होंने शब्दों में पिरोकर पाठकों के सामने रख दिया है. कारगिल युद्ध के दौरान शिखा के पति गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बाद उन्हें अपनी जिंदगी को नए सिरे से शुरू करना पड़ा. अखिलेश इस समय टाटा कम्युनिकेशन में बतौर वाइस प्रेसिडेंट काम कर रहे हैं. वहीं, शिक्षा Inspiring Mantras की सीईओ हैं.  

युवाओं को प्रेरित करेगी किताब
Hachette India द्वारा प्रकाशित शिखा सक्सेना की 'Nation First' को हर तरफ से सराहना मिल रही है. उन्होंने न केवल सेना के जवानों, उनके परिवार के दर्द, पीड़ा और अनुभव को बयां किया है, बल्कि ये भी बताया है कि भारतीय सेना से क्या-क्या सीखा जा सकता है. मशहूर अभिनेता अनुपम खेर ने भी शिखा की किताब की तारीफ करते हुए कहा है कि उन्होंने कारगिल युद्ध को इस तरह शब्दों में पिरोया है कि पढ़ने वाले की आंखें नम हो जाती हैं. वहीं, BW Business World के चेयरमैन और फाउंडर डॉक्टर अनुराग बत्रा का कहना है कि Nation First युवाओं को सेना से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी. ये किताब सैनिक, उनके परिवारों और युद्ध के प्रभाव को रेखांकित करती है. 

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हुए आर. वैरामुथु, बोले- साहित्य ने ही जीवन को दिशा दी

वैरामुथु ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले तीसरे तमिल साहित्यकार और पहले तमिल कवि बन गए हैं. उन्होंने इस सम्मान को पूरी तमिल भाषा और भारतीय साहित्य जगत का गौरव बताया. 

14-July-2026

दोहरीघाट से दिल्ली, संस्कारों की विरासत’: संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश

यह पुस्तक केवल लेखक की व्यक्तिगत यात्रा नहीं, बल्कि पूर्वांचल की सांस्कृतिक विरासत, भारतीय पारिवारिक मूल्यों, माता-पिता के संघर्ष, संस्कारों और बदलते सामाजिक परिवेश के बीच मानवीय संवेदनाओं की कहानी को प्रस्तुत करती है.

29-June-2026

'क्लाइमेट जस्टिस' केवल कानूनी विश्लेषण नहीं, प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का दस्तावेज: राजीव

राजीव मलिक ने पुस्तक पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, यह पुस्तक अंतरात्मा की ऐसी कृति, जिसे कानून की भाषा में व्यक्त किया गया है.

18-June-2026

ग्रामीण भारत, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण की नई कथा ‘उड़ चल अपने देस’

रक्षा मंत्रालय में निदेशक अभिषेक चौहान ने अपनी नई पुस्तक 'उड़ चल अपने देस' के माध्यम से अपने अनुभवों, सामाजिक अवलोकनों और सांस्कृतिक सरोकारों को अभिव्यक्त करने का प्रयास किया है.

16-June-2026

मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन, भोपाल में 91 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

बशीर बद्र अपनी गजलों और यादगार शेरों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे. उनकी कई रचनाएं आज भी लोगों की जुबान पर हैं और उर्दू साहित्य में उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा.

29-May-2026


बड़ी खबरें

घर खरीदने या किराये पर लेने से पहले जांच सकेंगे इंटरनेट कनेक्टिविटी, TRAI ने लॉन्च किया रेटिंग प्लेटफॉर्म

इस प्लेटफॉर्म पर घरों, दफ्तरों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों की डिजिटल कनेक्टिविटी को एक से पांच स्टार के पैमाने पर रेटिंग दी जाएगी.

7 hours ago

अगले हफ्ते 7 शेयर होंगे एक्स-डिविडेंड, R Systems देगी ₹8 प्रति शेयर

BSE के आंकड़ों के मुताबिक, 29 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच इन कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे. इस सूची में Steel Authority of India (SAIL), Indraprastha Gas (IGL) और R Systems International जैसी कंपनियां शामिल हैं.

13 minutes ago

शादी अब सिर्फ रस्म नहीं, पूरा एक्सपीरियंस है: VanVivaha 2026 में दिखी बदलती वेडिंग इंडस्ट्री की तस्वीर

फैशन से ज्वेलरी, डेस्टिनेशन वेडिंग से ट्रैवल और डेकोर से टेक्नोलॉजी तक, भारतीय शादियों का कारोबार तेजी से एक बड़े लाइफस्टाइल इकोसिस्टम में बदल रहा है. गुरुग्राम में आयोजित VanVivaha 2026 में इसी बदलती तस्वीर की झलक देखने को मिली

1 hour ago

UPITS 2026: YEIDA में 469 करोड़ रुपये की 5 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटित

शुक्रवार को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 के उद्घाटन के दौरान इन कंपनियों को जमीन आवंटन पत्र सौंपे गए. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पांचों कंपनियों के प्रतिनिधियों को लेटर ऑफ अलॉटमेंट प्रदान किए.

1 hour ago

JSW One Platforms ने 3,054 करोड़ रुपये के IPO के लिए दाखिल किए ड्राफ्ट पेपर, जानें पूरा प्लान

प्रस्तावित IPO में 1,300 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और मौजूदा निवेशकों की ओर से 1,754 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है.

5 hours ago