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Kargil War के दर्द को शब्दों में पिरोकर शिखा सक्सेना ने लिखी Nation First

शिखा सक्सेना ने अपनी किताब में कारगिल युद्ध से जुड़े अनुभवों को साझा किया है. उन्होंने सैनिकों के परिवारों की पीड़ा को भी दर्शाया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

कारगिल युद्ध (Kargil War) के दौरान देश ने कई जवानों को खोया. इन जवानों में किसी का बेटा, किसी का भाई, तो किसी का पति भी शामिल था. पाकिस्तान की तरफ से थोपे गए इस युद्ध की पीड़ा हर उस परिवार ने भी भोगी, जिसका कोई न कोई देश की रक्षा के लिए दुश्मन से दो-दो हाथ कर रहा था. ऐसी ही पीड़ा को शब्दों में पिरोकर शिखा सक्सेना ने किताब की शक्ल में दुनिया के सामने रखा है. शिखा आर्टिलरी ऑफिसर कैप्टन अखिलेश सक्सेना की पत्नी हैं. साथ ही शिखा ने यह भी बताया है कि युद्ध के दौरान जवानों को किस मनोदशा से गुजरना पड़ा था. इस किताब को कारगिल के अनुभवों को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाने के लिए सरल भाषा में लिखा गया है.

बहादुरी और भावनाओं का जिक्र
शिखा ने अपनी किताब 'Nation First' में कारगिल युद्ध के दौरान अपने अनुभव और अपने पति अखिलेश सक्सेना के अनुभवों को समेटने की कोशिश की है. अखिलेश Tololing, Hump और Three Pimples को फतह कराने के मिशन में शामिल थे. अपनी किताब में शिखा ने बताया है कि युद्ध के दौरान एक आत्मघाती मिशन की तरफ बढ़ते हुए सैनिक की मनोदशा क्या होती है? कैसे वो गंभीर चोटों के बाद भी दुश्मनों को माकूल जवाब देते हुए देश की रक्षा करता है. इस किताब में भारतीय सैनिकों की बहादुरी के साथ-साथ युद्ध और उसके बाद इन सैनिकों के परिवार द्वारा जिस भावनात्मक ज्वार का सामना किया गया, उसका भी जिक्र है. शिखा के पैरेंट्स डॉक्टर हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत HCL नोएडा में बतौर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ट्रेनी के तौर पर की थी. 1999 में उनकी शादी कैप्टन अखिलेश सक्सेना से हुई और शादी के कुछ समय बाद ही कारगिल युद्ध शुरू हो गया.

नए सिरे से शुरू की जिंदगी
Nation First में ऐसी जानकारी है, जो युद्ध में शामिल जवानों की मानसिक स्थिति, उनकी भावनाओं और उनके बीच होने वाली बातचीत को उजागर करती है. शिखा ने अपनी किताब में कारगिल युद्ध से जुड़ी ऐसी बातों का भी जिक्र किया है जिसे जानने के बाद हर भारतीय का सिर हमारे जवानों के सम्मान में झुक जाएगा. दरअसल, शिखा ने अपने पति अखिलेश से युद्ध की चुनौतियों, भारतीय सेना के सामने आई मुश्किलों आदि के बारे में विस्तार से जाना है और उस अनुभव को उन्होंने शब्दों में पिरोकर पाठकों के सामने रख दिया है. कारगिल युद्ध के दौरान शिखा के पति गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बाद उन्हें अपनी जिंदगी को नए सिरे से शुरू करना पड़ा. अखिलेश इस समय टाटा कम्युनिकेशन में बतौर वाइस प्रेसिडेंट काम कर रहे हैं. वहीं, शिक्षा Inspiring Mantras की सीईओ हैं.  

युवाओं को प्रेरित करेगी किताब
Hachette India द्वारा प्रकाशित शिखा सक्सेना की 'Nation First' को हर तरफ से सराहना मिल रही है. उन्होंने न केवल सेना के जवानों, उनके परिवार के दर्द, पीड़ा और अनुभव को बयां किया है, बल्कि ये भी बताया है कि भारतीय सेना से क्या-क्या सीखा जा सकता है. मशहूर अभिनेता अनुपम खेर ने भी शिखा की किताब की तारीफ करते हुए कहा है कि उन्होंने कारगिल युद्ध को इस तरह शब्दों में पिरोया है कि पढ़ने वाले की आंखें नम हो जाती हैं. वहीं, BW Business World के चेयरमैन और फाउंडर डॉक्टर अनुराग बत्रा का कहना है कि Nation First युवाओं को सेना से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी. ये किताब सैनिक, उनके परिवारों और युद्ध के प्रभाव को रेखांकित करती है. 

 


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