होम / साक्षात्कार / “गिफ्टिंग एक इमोशन है, सिर्फ बिजनेस नहीं” - स्टार्टअप्स के लिए यहां सुनहरे अवसर : गौरव भगत

“गिफ्टिंग एक इमोशन है, सिर्फ बिजनेस नहीं” - स्टार्टअप्स के लिए यहां सुनहरे अवसर : गौरव भगत

गौरव भगत न सिर्फ एक सफल उद्यमी हैं, बल्कि इंडस्ट्री को एक बेहतर दिशा देने के लिए लगातार प्रयासरत हैं. उनकी सोच, अनुभव और दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है.

रितु राणा 1 year ago

साक्षात्कार विशेष

दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित गिफ्ट्स वर्ल्ड एक्सपो 2025 (Gifts World Expo 2025) में हमारी मुलाकात हुई गिफ्टिंग इंडस्ट्री के दिग्गज उद्यमी गौरव भगत से. The Gaurav Bhagat Academy के संस्थापक और Consortium Gifts के प्रबंध निदेशक गौरव भगत न सिर्फ एक सफल उद्यमी और निवेशक हैं, बल्कि वह एक स्पीकर और सेल्हैंस ट्रेनर भी हैं. उन्होंने हमारे साथ साझा किए अपने अनुभव, विचार और इस इंडस्ट्री को लेकर उनकी दूरदृष्टि. पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश—

शुरुआत कठिन थी, लेकिन इरादे मजबूत थे

1. प्रश्न : आपने इस उद्योग में कैसे कदम रखा और इसकी प्रेरणा क्या रही?

मुझे स्कूल और कॉलेज के दिनों से ही व्यापार में दिलचस्पी थी, फिर जब कॉलेज पहुंचा तो थोड़ा बहुत काम भी किया, लेकिन एक हादसे ने मुझे उद्यमी बनने के लिए बहुत प्ररित किया. मैं जब अपने कॉलेज के पहले साल में था, तब एक दिन पापा घर आए और उनसे कहा कि उनके साथ धोखा हो गया है और सारा पैसा, कारोबार डूब चुका है, अब उनके पास कुछ नहीं बचा. उन्होंने कहा – “बेटा अब तुम्हें ही सब संभालना होगा.” उस दिन मैंने तय किया कि अब परिवार के लिए कुछ तो करना पड़ेगा और गिफ्टिंग इंडस्ट्री में तो मेरी एंट्री बाय एक्सीडेंट हुई. मेरी एक दोस्त ने मायापुरी में एक व्यक्ति से मिलवाया, जिनका ग्लव्ज और माउस पैड बनाने का कारोबार था, बस उनकी मदद से मैंने सबसे पहले माउस पैड बेचना शुरू किया. वहीं से यह सफर शुरू हुआ.

D2C ब्रांड्स: क्रेज, कॉम्प्रोमाइज नहीं

2. प्रश्न: D2C ब्रांड्स और कस्टमाइजेशन के बढ़ते ट्रेंड पर आपकी क्या राय है?

D2C ब्रांड्स का आज जबरदस्त क्रेज है. हर कोई आज अपना ब्रांड बनाकर शार्क टैंक तक जाना चाहता है. लेकिन मेरा मानना है कि सिर्फ पैसा कमाने या इन्वेस्टर को इंप्रेस करने के लिए ब्रांड न बनाएं. आपके ब्रांड का विजन, उसकी ऑथेंटिसिटी और लॉन्ग टर्म गोल नॉन-नेगोशिएबल हैं. अगर आप ब्रांड बना रहे हैं, तो सोचें कि उसका असली मकसद क्या है – बस उसी को मत भूलिए.

गिफ्टिंग में अब ब्रांड वैल्यू सबसे बड़ी चीज है

3. प्रश्न: भारतीय उपभोक्ताओं की गिफ्टिंग आदतों में क्या बदलाव आया है?

आज उपभोक्ता ब्रांड कॉन्शियस हो गया है. कोई पेन या टी-शर्ट भी गिफ्ट में देता है, तो सामने वाला सबसे पहले उसका ब्रांड देखता है. यही कारण है कि ब्रांड्स खुद को लगातार अपस्किल कर रहे हैं. उपभोक्ता अब पिकी हो गया है, लेकिन ये बदलाव सकारात्मक है और इंडस्ट्री के लिए लाभकारी भी.

पोस्ट कोविड में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

4. प्रश्न: कोविड के बाद कॉरपोरेट गिफ्टिंग में क्या बदलाव आया?

अब चाइना से आने वाला सामान कम हो गया है. भारतीय सामान की मांग बढ़ी है. सरकार ने भी BIS सर्टिफिकेशन जैसी सख्त नीतियां लागू की हैं. स्टेनलेस स्टील की बोतलें अब चीन से नहीं बल्कि भारत के कुंडली और जोधपुर जैसे शहरों में बन रही हैं. 'मेक इन इंडिया' के तहत नए ब्रांड्स और नए अवसर पैदा हो रहे हैं.

Gifts World Expo: एक निर्णायक मंच

5. प्रश्न: गिफ्ट एक्सपो का भारतीय गिफ्टिंग उद्योग में क्या योगदान रहा है?

इस एक्सपो ने गिफ्टिंग इंडस्ट्री को एक संगठित मंच दिया है. पहले छोटे-छोटे एग्जीबिशन होते थे. लेकिन आज 'गिफ्ट्स वर्ल्ड एक्सपो' ही सबसे बड़ा और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म बन गया है, जहां देश ही नहीं विदेशों से भी लोग आते हैं. गौरव जुनेजा और टीम ने इसे एक नई ऊंचाई दी है.

नए उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर

6. प्रश्न: इस मंच पर नए ब्रांड्स और स्टार्टअप्स को कैसे अवसर दिए जाते हैं?

हमने इस साल 34 स्टार्टअप्स को लगभग मुफ्त में स्टॉल दिए हैं. अगले साल यह संख्या 100 तक ले जाने की योजना है. हमारा उद्देश्य है कि हम छोटे उद्यमियों को बड़ा प्लेटफॉर्म दें, जिससे वो आगे बढ़ें और आत्मनिर्भर बनें.

टेक्नोलॉजी और स्केल

7. प्रश्न: इस साल के एक्सपो में क्या कुछ नया देखने को मिलेगा?

इस बार टेक्नोलॉजी में काफी इनोवेशन देखने को मिलेगा. स्मार्ट गिफ्टिंग सॉल्यूशंस और डिजिटल इंटीग्रेशन पर फोकस किया गया है.

भविष्य की झलक

8. प्रश्न: अगले 5 साल में आप इस इंडस्ट्री को कहां देखते हैं?

मुझे विश्वास है कि आने वाले 5 सालों में भारतीय गिफ्टिंग इंडस्ट्री 2 से 3 गुना बढ़ेगी. लेकिन इसमें टिके रहने के लिए पूंजी, क्रेडिट मैनेजमेंट और सस्टेनेबिलिटी की समझ जरूरी है. बड़ी कंपनियों की इम्पैनलमेंट प्रक्रिया भी सख्त हो रही है, तो तैयार रहना जरूरी है.

युवाओं के लिए सलाह: स्ट्रॉन्ग प्रोडक्ट और विजन हो

9. प्रश्न: नए उद्यमियों के लिए आपकी क्या सलाह है?

अगर आपके पास मजबूत विजन और प्रोडक्ट है, तो इस इंडस्ट्री में आपके लिए ढेरों मौके हैं. हम जैसे ब्रांड्स स्टार्टअप्स को अवसर देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं. हमने मदुरई और कोडैकनाल की फैक्ट्रियों को सीधे ऑर्डर देकर उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है.

डिजिटल अप्रोच अपनाइए, सिर्फ ऑफलाइन से नहीं होगा

10. प्रश्न: तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म इस इंडस्ट्री को कैसे बदल रहे हैं?

मेरी शिकायत यही है कि आज भी बहुत लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI टूल्स का सही उपयोग नहीं कर रहे हैं. इन टूल्स से डिजाइनिंग, इनोवेशन और मार्केटिंग बेहद आसान हो जाती है. आज के दौर में डिजिटल प्रेजेंस जितनी मजबूत होगी, आपका ब्रांड उतना आगे जाएगा.

अर्थव्यवस्था में योगदान

11. गिफ्टिंग इ़ंडस्ट्री का भारत की अर्थव्यवस्था में क्या योगदान है?

गिफ्टिंग इंडस्ट्री आज न सिर्फ एक तेजी से बढ़ता हुआ उपभोक्ता बाज़ार है, बल्कि यह भारत की अर्थव्यवस्था और सस्टेनेबिलिटी एजेंडा में भी अहम भूमिका निभा रही है. इस इंडस्ट्री ने MSMEs, लोकल मैन्युफैक्चरिंग और महिला उद्यमिता को सपोर्ट करने में बड़ा योगदान दिया है. जब आप भारत में बना कोई गिफ्ट आइटम खरीदते हैं, तो आप एक पूरी वैल्यू चेन को मज़बूती देते हैं डिजाइनर से लेकर मैन्युफैक्चरर और पैकेजिंग तक.

गिफ्टिंग इंडस्ट्री का विजन

12. गिफ्टिंग इंडस्ट्री टिकाऊ विकास में कैसे योगदान दे रही है? 

आज हम देख रहे हैं कि बहुत से ब्रांड इको-फ्रेंडली और सस्टेनेबल गिफ्ट्स पर ध्यान दे रहे हैं. बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग, री-साइकल मटेरियल्स, और वेस्ट फ्री प्रोडक्शन अब इस इंडस्ट्री का हिस्सा बन चुके हैं. यह बदलाव उपभोक्ताओं की जागरूकता और सरकार की नीतियों दोनों का परिणाम है.

इसके अलावा, यह इंडस्ट्री रोजगार भी पैदा कर रही है चाहे वो अर्बन मैन्युफैक्चरिंग हो या रूरल हैंडीक्राफ्ट्स. गिफ्टिंग एक ऐसा सेक्टर है जो इनोवेशन, लोकल टैलेंट और इकोनॉमिक ग्रोथ तीनों को एक साथ जोड़ता है. मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले वर्षों में गिफ्टिंग इंडस्ट्री भारत के सतत विकास (Sustainable Development) और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों में भी एक मजबूत स्तंभ साबित होगी.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

महिला सुरक्षा से आर्थिक सशक्तिकरण तक, लता गुप्ता ने बताया दिल्ली महिला आयोग का पूरा रोडमैप

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि आयोग का फोकस केवल शिकायतों के निपटारे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं तक सीधे पहुंच बनाने, उन्हें कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने, घरेलू हिंसा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसी समस्याओं से निपटने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी रहेगा.

25-August-2026

नेतृत्व में बदलाव: पराग साहनी कैसे THE Park New Delhi को दे रहे हैं नई दिशा

THE Park New Delhi के जनरल मैनेजर पराग साहनी ने रुहैल अमीन से 226 कमरों वाली संपत्ति के कायाकल्प और Tyde को स्वतंत्र भोजन स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर बातचीत की.

25-August-2026

GDP से आगे: क्यों भारत की प्रगति का पैमाना सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि खुशहाली और जीवन गुणवत्ता भी होना चाहिए

पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव और लेखक आलोक रंजन का मानना है कि भारत की विकास यात्रा को केवल आर्थिक उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उनके अनुसार, खुशहाली, जीवन की गुणवत्ता, शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशी विकास को भी प्रगति का महत्वपूर्ण पैमाना बनाया जाना चाहिए.

22-June-2026

इनोवेशन का मूल्यांकन उसके प्रभाव से होना चाहिए, वैल्यूएशन से नहीं: डॉ. प्रफुल आर. नाइक

आविष्कारक, उद्यमी और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. प्रफुल रामचंद्र नाइक ने BW Businessworld से विशेष बातचीत में पेटेंट, भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और भविष्य में स्थिरता व मानव कल्याण की बढ़ती भूमिका पर अपने विचार साझा किए.

20-June-2026

म्यूचुअल फंड और PMS के बीच नया विकल्प बनेगा SIF? JioBlackRock ने समझाया पूरा मॉडल

JioBlackRock की चीफ क्लाइंट ऑफिसर कोमल नारंग ने BW हिंदी से की खास बातचीत में कंपनी की निवेश रणनीति, AI और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल, भारतीय निवेशकों की बदलती जरूरतों और मौजूदा वैश्विक हालात में निवेश के सही तरीके पर विस्तार से अपनी बात रखी.

08-May-2026


बड़ी खबरें

मोदी @76: वडनगर से दिल्ली तक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्ष, संगठन और नेतृत्व के 25 साल का सफर

17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 76 वर्ष के हो गए हैं. उनके जन्मदिन के मौके पर BJP देशभर में महीने भर चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करेगी.

1 day ago

मोदी के जन्मदिन पर पुतिन और ट्रंप की शुभकामनाएं, रूस-अमेरिका के साथ रिश्तों के बीच भारत का संतुलन

रूस और अमेरिका से आए जन्मदिन संदेश ऐसे समय में आए हैं, जब बदलते वैश्विक आर्थिक संबंधों के बीच भारत रणनीतिक रिश्तों, व्यापार हितों और ऊर्जा सुरक्षा के बीच संतुलन साध रहा है.

14 hours ago

मोदी @76: भारत की विकास गाथा के केंद्र में उद्योग और उद्यमिता

इस लेख में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के महानिदेशक डॉ. राजीव सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक विजन और भारत को एक मजबूत विनिर्माण, नवाचार और निर्यात अर्थव्यवस्था में बदलने पर विचार रखें हैं.

14 hours ago

टाटा संस में चंद्रशेखरन की री-अपॉइंटमेंट पर नोएल टाटा की आपत्ति, बोले- ‘अब आगे बढ़ने का समय’

टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन ने कहा- चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल नहीं लेने का फैसला पहले ही स्वीकार किया जा चुका था.

14 hours ago

PM मोदी @76: ड्रोन विजन से इनोवेशन से इम्पैक्ट की ओर बढ़ता भारत

कृषि, रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर सर्वे और आपदा प्रबंधन तक बढ़ रहा ड्रोन का इस्तेमाल, नीति सुधार, मैन्युफैक्चरिंग, स्किलिंग और उद्यमिता से सेक्टर को मिल रही रफ्तार

15 hours ago