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Diagnostic सेक्टर में उतरी हैं अंबानी-अडानी से लेकर ये बड़ी कंपनियां, क्या है आखिर माजरा?
मई 2022 में अडानी एंटरप्राइजेज ने स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए एक सहायक कंपनी की घोषणा करते हुए डायग्नोस्टिक्स में भी कदम रखा था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः डायग्नोस्टिक्स सेक्टर यानी कि पैथोलॉजी लैब खोलने की फील्ड में छोटी कंपनियों के आगमन के बाद अब कॉर्पोरेट सेक्टर की बड़ी और जानी-मानी कंपनियां भी इस फील्ड में उतर गई हैं. अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज से लेकर के अडानी समूह और टाटा संस के अलावा कई ऐसी कंपनियां हैं, जो हेल्थकेयर से जुड़े इस सेक्टर में अपने आप को बड़े स्तर पर उतारने की तैयारी में जुट गई हैं.
अडानी ने खोली ये कंपनी
मई 2022 में अडानी एंटरप्राइजेज ने स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए एक सहायक कंपनी की घोषणा करते हुए डायग्नोस्टिक्स में भी कदम रखा था. इसके लिए अडानी हेल्थ वेंचर्स के जरिए कंपनी स्वास्थ्य सहायता, स्वास्थ्य तकनीक-आधारित सुविधाओं, अनुसंधान केंद्रों और संबद्ध गतिविधियों की स्थापना, संचालन और एडमिनिस्ट्रेशन करेगी.
नेटमेड्स के जरिए रिलायंस की एंट्री
अरबपति मुकेश अंबानी द्वारा प्रवर्तित रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अगस्त 2020 में 620 करोड़ रुपये (रिलायंस रिटेल) में नेटमेड्स में बहुमत हिस्सेदारी हासिल कर ली थी, जिसके जरिए कंपनी इस सेक्टर में प्रवेश कर चुकी है. रिलायंस के अलावा जून 2021 में टाटा डिजिटल ने 720 करोड़ रुपये में ऑनलाइन फॉर्मेसी 1MG का अधिग्रहण किया था और फिर अपनी डायग्नोस्टिक्स विंग लॉन्च कर दी थी.
इन कंपनियों ने भी किया विस्तार
जुलाई 2022 में फार्मा प्रमुख ल्यूपिन ने ल्यूपिन डायग्नोस्टिक्स नामक अपनी डायग्नोस्टिक लैब लॉन्च की थी. अहमदाबाद की टोरेंट फार्मा ने फरवरी, 2022 में एक गैर-सूचीबद्ध निजी कंपनी के रूप में टोरेंट डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड का गठन करके डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र में प्रवेश किया था. जून 2021 में ई-फार्मेसी श्रृंखला PharmEasy ने 4,546 करोड़ रुपये में नवी मुंबई-मुख्यालय डायग्नोस्टिक्स चेन थायरोकेयर का अधिग्रहण किया. फार्मेसी रिटेलर मेडप्लस ने भी मार्च 2022 में हैदराबाद में अपना डायग्नोस्टिक सेंटर लॉन्च करके डायग्नोस्टिक्स में प्रवेश किया. गुड़गांव स्थित मैक्स हॉस्पिटल्स अपने डायग्नोस्टिक सेगमेंट को लगातार बढ़ा रहा है.
क्यों बढ़ रहा है डायग्नोस्टिक्स में कॉर्पोरेट्स का दखल
बढ़िया कैश फ्लो, अच्छा रिटर्न रेशियो और विस्तार की संभावना के कारण डायग्नोस्टिक्स में कॉर्पोरेट्स का दखल बढ़ गया है. एंटिक के डायग्नोस्टिक इंडस्ट्री एनालिस्ट मोनीश शाह और प्रणव चावला ने कहा, 'इन नए लोगों ने न केवल टेक के साथ बाजार को अस्त-व्यस्त कर दिया है, बल्कि वॉल्यूम हासिल करने के लिए आक्रामक छूट का सहारा भी लिया है. "आक्रामक मूल्य निर्धारण बड़े खिलाड़ियों को उनके सबसे आकर्षक मार्जिन व्यवसाय, यानी वेलनेस में नुकसान पहुंचा रहा है."
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