✕

होम / हेल्थ / सिर्फ 1 महीना डेली खाएं अदरक, फिर देखें कमाल; पलभर में दूर हो जाएंगी ये बीमारियां

सिर्फ 1 महीना डेली खाएं अदरक, फिर देखें कमाल; पलभर में दूर हो जाएंगी ये बीमारियां

अदरक में शोगोल भी होता है, जो कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: इन दिनों लोग अपनी सेहत को लेकर काफी सजग हुए हैं. वे खुद को फिट रखने के लिए हेल्दी डाइट ले रहे हैं. इसी मद्देनजर आज हम आपको एक ऐसे खाद्य पदार्थ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका यदि आप डेली एक महीने तक सेवन करेंगे तो कई बीमारियों से छुटकारा पा लेंगे.

अदरक के फायदे से लोग हैं अनजान
हम बात कर रहे हैं अदरक की. कई लोग इसका सेवन चाय में डालकर करते हैं, पर वे इसका वास्तविक फायदा नहीं जानते. इस आर्टिकल में हम आपको अदरक के कई सारे फायदे बताएंगे, जो आपकी सेहत के लिए वरदान की तरह है. अदरक में जिंजरोल, शोगोल, जिंजिबरीन और विटामिन की भरपूर मात्रा होती है. प्राचीन काल में वैद्य अदरक को औषधी के रूप में इस्तेमाल करते थे.

कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियां भी होती हैं दूर
अदरक में जिंजरोल होता है, जो उल्टी जैसे लक्षणों को कम करने में मदद करता है. जिंजरोला के कारण सूजन वाले जोड़ों को कम करने में भी मदद मिलती है. अदरक में शोगोल भी होता है, जो कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है. अदरक में जिंजिबरीन भी होता है, जो पाचन में सहायक है.

अदरक के बड़े हिस्से से 1.5 सेंटीमीटर काट लें
यदि आप एक महीने तक रोजाना एक निश्चित मात्रा में अदरक का सेवन करते हैं तो आप कई गंभीर बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं और उनसे दूर रह सकते हैं. आपको बता दें कि यदि आप इसे डायरेक्ट खाते हैं तो ये आपको काफी कड़वा लगेगा, लेकिन जरूरी नहीं कि इसे आप ऐसे ही खा लें. आप अदरक के बड़े हिस्से से 1.5 सेंटीमीटर काट लें और फिर उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर लें और उसे अपने खाने में मिक्स कर दें, उसके बाद इसका सेवन करें. आप चाय में भी इसे मिला सकते हैं. इससे आप अदरक का सेवन भी कर लेंगे और यह आपको कड़वा भी नहीं लगेगा.

अदरक के सेवन से और क्या-क्या फायदा होता है:

सूजन विरोधी: अदरक सूजन विरोधी होता है. इसके सेवन से शरीर में सूजन तेजी से कम होती है.

उबकाई दूर होती है: जब आप सुबह-सुबह उठते हैं तो आपको भी उबकाई आती है? तो आपके लिए अदरक का सेवन फायदेमंद होगा. यदि आप एक महीने तक अदरक का सेवन करेंगे तो उबकाई दूर हो जाएगी. गर्भवती महिलाएं और कीमोथेरेपी से गुजर रहे लोगों में भी तेजी से असर करता है और उबकाई की समस्या दूर हो जाती है.

मांसपेशियों के दर्द में कमी: यदि आपको मांसपेशियों या शरीर के किसी हिस्से में दर्द है तो एक महीना अदरक का सेवन करके देखें. आपको काफी फायदा दिखेगा और धीरे-धीरे दर्द पूरी तरह खत्म हो जाएगा.

पेट साफ होता है: यदि आपको अपच की समस्या है तो अदरक का सेवन जरूर करें. यह इस समस्या को दूर करता है और आपका पेट पूरी तरह साफ हो जाता है.

मासिक-धर्म के दौरान दर्द कम करता है: जिन्हें मासिक-धर्म के दौरान दर्द होता है, उन्हें भी अदरक से मदद मिल सकती है. एक महीने तक सेवन करने से दर्द में कमी आएगी.

कोलेस्ट्रॉल कम करता है: यदि आपको कोलेस्ट्रॉल की समस्या है तो फिर आपको अदरक का सेवन जरूर करना चाहिए. अदरक के रेगुलर सेवन से कोलेस्ट्रॉल कम होता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा भी कम हो जाता है.

इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है: एक महीने तक लगातार उचित मात्रा में अदरक का सेवन करने से इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है. यदि आप बदलते मौसम में कोल्ड या किसी वायरस की चपेट में आ गए हैं तो अदरक का सेवन करने से आपको जरूर फायदा मिलेगा. इसके अलावा यदि आपका इम्यून सिस्टम मजबूत होगा तो आप इन बीमारियों से भी दूर रहेंगे. आपके अंदर बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाएगी.

VIDEO : धोनी के पास कहां-कहां और कितनी है प्रॉपर्टी


टैग्स
सम्बंधित खबरें

स्कैनर का सवाल: अस्पतालों में बेहतर फैसलों के लिए क्यों जरूरी है वित्तीय समझ और चिकित्सकीय ज्ञान का तालमेल

वित्त टीम की शुरुआत लाभ-हानि विवरण से होती है. इससे पता चलता है कि परामर्श, प्रक्रियाओं, डायग्नोस्टिक्स और फार्मेसी से होने वाली आय अस्पताल चलाने की लागत को पूरा करती है या नहीं.

1 week ago

भारत में पहली बार WCOG, 61 देशों के 3,000 विशेषज्ञ जुटे; एआई और मेडिकल टेक्नोलॉजी पर मंथन

WCOG के उद्घाटन पर जेपी नड्डा बोले- पाचन और लिवर संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए इलाज के साथ रोकथाम और शुरुआती जांच पर जोर जरूरी

01-October-2026

दिल्ली में 120 लोगों की हुई हृदय संबंधी जांच, विशेषज्ञों ने समय रहते जोखिम पहचानने पर दिया जोर

विश्व हृदय दिवस के अवसर पर आयोजित इस कैंप में क्लीनिकल जांच, लैब टेस्ट और कार्डियक इमेजिंग को एक साथ शामिल किया गया. इसका उद्देश्य लोगों को हृदय रोग के जोखिम के बारे में जागरूक करना और गंभीर हृदय संबंधी घटना से पहले बीमारी की पहचान तथा रोकथाम पर जोर देना था.

28-September-2026

भारत में बढ़ रहा अल्जाइमर का खतरा, 2036 तक दोगुने हो सकते हैं डिमेंशिया के मरीज

शुरुआती लक्षणों को उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, विशेषज्ञों ने समय पर जांच और डॉक्टर से सलाह लेने की दी सलाह

22-September-2026

IMA और Abbott ने शुरू किया इंडियन इम्यूनाइजेशन वीक, फ्लू वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर

इस अभियान के तहत स्वास्थ्य पेशेवरों को टीका लगाने से जुड़े व्यावहारिक दिशा-निर्देश भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इनमें खास तौर पर यह जानकारी शामिल है कि बुखार या किसी बीमारी से ठीक होने के दौरान या उसके बाद टीकाकरण कब कराया जा सकता है.

22-September-2026


बड़ी खबरें

SBI के मुनाफे में 14.28% की बढ़ोतरी, दूसरी तिमाही में ₹23,038 करोड़ का शुद्ध लाभ

नेट इंटरेस्ट इनकम में 14.69% का उछाल, बढ़कर ₹49,143 करोड़ हुई; बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार

9 hours ago

बच्चों पर सोशल मीडिया के असर को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मेटा के फेसबुक-इंस्टाग्राम पर उठे सवाल

याचिका में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन पर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करते हैं. याचिकाकर्ता ने बच्चों की मानसिक सेहत, निजता और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भारत में विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है.

8 hours ago

टाटा ग्रुप के विवाद पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सलाह, आपसी बातचीत से सुलझाएं मतभेद

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ग्रुप के नेतृत्व से आंतरिक मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने और समूह में सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और इस विवाद का सार्वजनिक रूप से जारी रहना ठीक नहीं है.

8 hours ago

2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य, 50 हजार करोड़ रुपये के निर्यात पर सरकार की नजर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर है जोर, रक्षा बजट बढ़कर रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ रुपये हुआ

9 hours ago

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन ने पकड़ी रफ्तार, 12 साल में तीन गुना बढ़ा आंकड़ा; 99.7% नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिक

आंकड़ों के मुताबिक, 1950 तक देश के केवल 0.7 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ था. 1961 में यह आंकड़ा 1.3 फीसदी और 2001 तक 23.6 फीसदी पहुंचा. इसके बाद भी रफ्तार सीमित रही, लेकिन 2014 के बाद इलेक्ट्रिफिकेशन के काम में तेजी आई.

14 hours ago