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आज से महंगी हो गई हैं ये 800 दवाएं, जानते हैं क्‍या है इसकी वजह? 

इससे पहले 2022 में भी दवाओं की कीमत में इजाफा हुआ था. उस वक्‍त भी दवाओं की कीमत में 10 से 12 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ था. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

देशभर में आज यानी 1 अप्रैल से 800 दवाओं की कीमत में इजाफा हो गया है. सरकार की ओर से होल सेल प्राइस इंडेक्‍स में बदलाव के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है. इस बदलाव के कारण दवाओं की कीमत में 10 से 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है. कीमतों में बढ़ोतरी का असर कुछ जरूरी दवाओं में भी देखने को मिलेगा जिन्‍हें आप रोजमर्रा की बीमारी में इस्‍तेमाल करते हैं. 

क्‍यों हुआ है ये इजाफा ? 
दरअसल सरकार की ओर से आवश्‍यक दवा सूची में 0.55 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. समझने वाली बात ये है कि सरकार साल में एक बार ही दवाओं की कीमत में इजाफा कर सकती है. इससे पहले 2022 में भी दवाओं की कीमत में 10 से 12 प्रतिशत तक इजाफा किया गया था. अगर रोजमर्रा की दवाओं पर नजर डालें तो पैरासिटामॉल की कीमत में 100 प्रतिशत से ज्‍यादा का इजाफा हुआ है. जबकि एक्‍सीसिएंट के दामों में 18 से 262 प्रतिशत तक बढ़े हैं. सिर्फ यही नहीं कई और दवाओं की कीमत में भी इजाफा हुआ है. 

किन किन दवाओं में हुआ है इजाफा? 
जिन दवाओं की कीमत में इजाफा हुआ है उनमें पैरासिटामोल, एजिथ्रोमाइसिन जैसी दवाएं जो सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल होती हैं. इसके अतिरिक्‍त एनीमिया विरोधी दवाएं विटामिन और आयरन जैसी दवाएं शामिल हैं. कोविड 19 में इस्‍तेमाल होने वाली दवाओं के दामों में भी इजाफा हुआ है. ग्लिसरीन और प्रोपलीन, ग्‍लाइकोल, सिरप सहित सॉल्‍वैंट्स में 263 प्रतिशत और 80 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. अगर पेनिसिलीन जी की कीमतों में हुए इजाफे पर नजर डालें तों वो 175 प्रतिशत तक महंगा हुई हैं. 

महंगाई पर क्‍या बोली दवा कंपनियां 
दवा कंपनियों की ओर से दाम बढ़ाने के लिए सरकार से इजाजत मांगी जाती है. दवा कंपनियों का तर्क है कि दवाओं में इस्‍तेमाल होने वाले सामान के दामों में इजाफा होने के कारण लागत में इजाफा हो रहा था. लेकिन अब दाम बढ़ने के बाद उनको बड़ी राहत मिली है. 

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