होम / BW HealthCare / नेशनल क्रेडल कॉन्फ्रेंस 2025: फर्टिलिटी, मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य में नई तकनीक और प्रैक्टिस पर मंथन

नेशनल क्रेडल कॉन्फ्रेंस 2025: फर्टिलिटी, मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य में नई तकनीक और प्रैक्टिस पर मंथन

नेशनल क्रेडल कॉन्फ्रेंस 2025 ने फर्टिलिटी, मातृत्व और बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत की चिकित्सा प्रगति को नई दिशा दी है. अपोलो की यह पहल भारत को विश्वस्तरीय हेल्थकेयर नवाचारों के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और ठोस कदम है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago

नई दिल्ली में अपोलो क्रेडल एंड चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल और अपोलो फर्टिलिटी की ओर से दो दिवसीय नेशनल क्रेडल कॉन्फ्रेंस 2025 (NCC-2025) का आयोजन किया गया. इस कॉन्फ्रेंस में देशभर के प्रमुख विशेषज्ञों ने फर्टिलिटी, मातृत्व और बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई तकनीकों, कानूनी ढांचों और नैतिक मानकों पर विचार साझा किए. इस वर्ष 'यूनाइटिंग एक्सपर्टीज इन प्री-कॉन्सेप्शन, मेटर्निटी एंड चाइल्डकेयर इन इंडिया' की थीम के तहत कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य क्लिनिकल एक्सीलेंस, रिसर्च और सहयोग को बढ़ावा देना है. इस मंच पर विशेषज्ञों ने नियोनेटोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, ऑब्स्टेट्रिक्स, फीटल मेडिसिन और संबंधित क्षेत्रों में नई वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति पर गहन चर्चा की. सत्रों के दौरान चिकित्सकों को नवीन दिशानिर्देशों और ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई ताकि वे आधुनिक चिकित्सा मानकों के अनुरूप अपनी सेवाओं को और बेहतर बना सकें.

 

कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन अपोलो हॉस्पिटल्स समूह की संयुक्त प्रबंध निदेशक डॉ. संगीता रेड्डी ने किया. उनके साथ ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अनुपम सिब्बल, फीटल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अनीता कौल, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. (प्रो.) चित्रा राममूर्ति और डॉ. (प्रो.) साधना काला सहित कई वरिष्ठ विशेषज्ञ मौजूर रहे. डॉ. रेड्डी ने अपने संबोधन में कहा कि “अपोलो में हमारा प्रयास हमेशा से मातृत्व और नवजात देखभाल की गुणवत्ता को ऊंचा उठाने का रहा है. इस दिशा में हम रोबोटिक तकनीक, एआई आधारित जांच और जीनोमिक मेडिसिन जैसे इनोवेशन को नैतिकता के साथ चिकित्सा प्रणाली में एकीकृत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

डॉ. संगीता रेड्डी ने बताया कि पिछले वर्षों में आयोजित कॉन्फ्रेंस में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी ने मातृत्व और नवजात देखभाल को नई दिशा दी है. इस वर्ष का सम्मेलन भी महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए उन्नत तकनीकों और बेहतर चिकित्सा पद्धतियों को सामने लाने का एक बड़ा मंच बना. कॉन्फ्रेंस ने यह संदेश दिया कि चिकित्सा विज्ञान केवल उपचार का नहीं बल्कि सामूहिक शिक्षण, नवाचार और मानकों को ऊंचा उठाने का माध्यम भी है.

प्रमुख चर्चाएं और तकनीकी नवाचार

कॉन्फ्रेंस के दौरान कई उभरती तकनीकों और अवधारणाओं पर विचार-विमर्श हुआ.

1. हेल्थकेयर में रोबोटिक्स : विशेषज्ञों ने बताया कि फर्टिलिटी, गायनेकोलॉजी और नवजात शिशुओं के उपचार में रोबोटिक तकनीक कैसे सटीकता और परिणामों में सुधार ला रही है.
2. जीनोमिक मेडिसिन और NGS : चर्चा हुई कि जीनोमिक मेडिसिन और नेक्स्ट-जेनरेशन सीक्वेंसिंग एम्ब्रियो चयन से लेकर नवजात जांच तक उपचार को मरीज की जरूरतों के अनुसार कैसे अनुकूल बना रहे हैं.
3. कानूनी और नैतिक ढांचा : सत्रों में ART एक्ट, सरोगेसी कानूनों, सहमति, डोनर अधिकारों और नियामकीय अनुपालन पर महत्वपूर्ण अपडेट साझा किए गए.
4. एआई का समावेश : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका एम्ब्रियो ग्रेडिंग, साइकिल प्रेडिक्शन, फीटल मॉनिटरिंग और क्लिनिकल निर्णय लेने में कैसे तेजी से बढ़ रही है, इस पर विशेष चर्चा हुई.
5. नियोनेटल लाइफ सपोर्ट टेक्नोलॉजी : विशेषज्ञों ने नवजात शिशुओं के लिए आधुनिक वेंटिलेशन, रिससिटेशन प्रोटोकॉल और लाइफ-सपोर्ट सिस्टम पर जानकारी दी, जो सबसे कमजोर मरीजों के नतीजों में सुधार लाने में सहायक हैं.### निष्कर्ष


टैग्स
सम्बंधित खबरें

फैटी लिवर से आंतों के कैंसर तक बढ़ा खतरा, भारत में पहली बार होगी विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉंग्रेस

फैटी लिवर से लेकर कोलोरेक्टल कैंसर तक बढ़ रही चुनौती, 30 सितंबर से नई दिल्ली में होगी विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉंग्रेस

02-September-2026

कॉर्नियल ट्रांसप्लांट की मांग 1 लाख, हो रहे सिर्फ 25–30 हजार; टिशू की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा

भारत में पर्याप्त विशेषज्ञता और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद जरूरतमंद मरीजों और उपलब्ध डोनर टिशू के बीच बड़ा गैप; विशेषज्ञों ने तेज रिट्रीवल, मजबूत आई-बैंक नेटवर्क और बेहतर टिशू उपयोग पर दिया जोर

01-September-2026

‘व्यावसायिक स्वास्थ्य एक निवेश है’: डॉ. प्रकाश शेंडगे

ओम गगनगिरी हॉस्पिटल्स एंड ऑक्यूपेशनल हेल्थ सर्विसेज के संस्थापक और लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. प्रकाशराव शेंडगे ने बताया, कार्यस्थल पर मोबाइल डायग्नोस्टिक्स किस तरह कारोबार के लिए उपयोगी है.

25-August-2026

अपोलो हॉस्पिटल्स की नई पहल: अब सातों दिन मिलेंगी रूटीन और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर सेवाएं

‘ऑलवेज ओपन, ऑलवेज हियर’ अभियान के तहत रविवार को भी कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक्स, हेल्थ चेकअप और फॉलो-अप सेवाएं उपलब्ध होंगी

19-August-2026

स्वस्थ कर्मचारी, मजबूत कंपनियां: कार्यस्थल तक पहुंची हेल्थकेयर की नई पहल

डॉ. प्रकाशराव शेंडगे ने BW से भारत के कार्यबल के लिए मोबाइल ऑक्यूपेशनल हेल्थ सर्विसेज की शुरुआत, बीमारियों की शुरुआती पहचान में सुधार और एक अत्यंत नवोन्मेषी व प्रिवेंटिव हेल्थकेयर मॉडल विकसित करने पर विस्तार से बात की.

17-August-2026


बड़ी खबरें

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

1 hour ago

नेस्ले इंडिया के खिलाफ FSSAI ने दर्ज किए 3 केस, फॉर्मूला फूड के प्रचार और पोषण मानकों पर उठे सवाल

FSSAI के मुताबिक, Nestlé India के दो उत्पादों के प्रचार में ऐसे दावे पाए गए जिन्हें संबंधित नियमों का उल्लंघन माना गया. इनमें NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1 शामिल हैं.

1 hour ago

आंध्र प्रदेश में बनेगा 12 लाख ग्रॉस टनेज क्षमता वाला मेगा शिपयार्ड, ₹15 हजार करोड़ निवेश

इस पूरे क्लस्टर के लिए आंध्र प्रदेश मैरीटाइम बोर्ड और विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी ने मिलकर NSHIP-AP नाम की विशेष कंपनी बनाई है. इस परियोजना के लिए MDL को एंकर शिपयार्ड के तौर पर चुना गया है.

1 hour ago

प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT से सरकार की कमाई 53% बढ़ी

17 सितंबर तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़ा, एडवांस टैक्स में भी 16.18% की तेज वृद्धि

19 hours ago

Infosys के सीनियर VP बोले, सेमीकंडक्टर में भारत के लिए ‘Invent in India’ का बड़ा मौका

Semicon India 2026 में मेघल ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की पारंपरिक सप्लाई चेन और डिजाइन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो रहा है. खासकर AI आधारित वर्कलोड यह तय कर रहे हैं कि चिप्स को किस तरह डिजाइन किया जाए.

17 hours ago