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PCOS के कारण महिलाओं में क्या होता है? क्या हैं इसके लक्षण और बचाव के उपाय

आपकी लाइफस्टाइल का PCOS पर बहुत प्रभाव पड़ता है. PCOS की समस्या पर कंट्रोल करने के लिए आपकी सही डाइट बहुत जरूरी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

Dr. Garima Sawhney
Co-founder and Gynecologist, Pristyn Care

नई दिल्ली: जो महिलाएं पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) से पीड़ित होती हैं, वे सामान्य महिलाओं की तुलना में पुरुष हार्मोन अधिक प्रोड्यूस करती हैं. इसके कारण महिलाओं को चेहरे और शरीर पर अधिक बाल दिखाई देते हैं. यह एक ऐसी स्थिति होती है, जब महिलाओं के पीरियड्स कभी-कभी मिस हो जाते हैं या फिर बार-बार पीरियड्स आते हैं.

PCOS के लक्षण
PCOS के कुछ सामान्य लक्षण हैं, जैसे- अनियमित मासिक धर्म, बालों का अत्यधिक बढ़ना, पतले बाल होना, बालों का झड़ना, विशेष रूप से कमर में त्वचा का काला पड़ना, स्तनों के नीचे और गर्दन के आसपास की झुर्रियों, चेहरे, पीठ के ऊपरी हिस्से और छाती पर मुंहासे.

लाइफस्टाइल का बहुत बड़ा प्रभाव
आपकी लाइफस्टाइल का PCOS पर बहुत प्रभाव पड़ता है. PCOS की समस्या पर कंट्रोल करने के लिए आपकी सही डाइट और खाने का सही टाइम-टेबल काफी मदद करता है. इन दिनों मल्टीटास्क करने और हर चीज में अच्छा होने की होड़ मची है. इस वजह से लोग यह भूल चुके हैं कि सही खाना, व्यायाम करना, अच्छी नींद लेना और एक अच्छा भावनात्मक संतुलन रखना जीवन के लिए कितना जरूरी है. PCOS की समस्या युवा वर्ग में तेजी से बढ़ रही है. यह सीधे तौर पर एक गतिहीन लाइफस्टाइल और पोषण वाले भोजन की कमी से संबंधित हो सकता है. व्यायाम की कमी, वजन बढ़ना और मोटापा मेटाबोलिक असंतुलन को जन्म देता है, जैसे इंसुलिन रेजिस्टेंस. यह भारत की शहरी आबादी में अधिक है. इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण निष्क्रिय हार्मोन की मात्रा बढ़ती है, जिसकी वजह से डायबिटीज जैसी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है.

Genes की भी होती है भूमिका
इसमें हमारे genes हमेशा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वे निश्चित रूप से इस तरह की बीमारी का खतरा बढ़ाते हैं, पर यह जरूरी नहीं कि वे एक निश्चित स्थिति की ओर हमें ले जाएं. हालांकि, यूके में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि PCOS से ग्रसित 24% महिलाओं की मां में भी ये समस्या थी. वहीं, 32% महिलाओं की बहनें भी इस स्थिति से गुजर रही थीं.

कैसा हो भोजन
हमारा भोजन हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ होता है और यह हमारी कोशिकाओं के लिए ईंधन की तरह काम करता है. PCOS से पीड़ित महिलाओं को उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थों के साथ बैलेस्ड डाइट का सेवन करना चाहिए, जो इंसुलिन रेजिस्टेंस से लड़ते हैं. साथ ही वैसा भोजन करना चाहिए, जिसमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में हो. 

भरपेट खाने से बचें
तीन बार भरपेट खाने की बजाय, पांच बार हल्का-हल्का भोजन करना चाहिए. इससे वजन घटाने में मदद मिलती है. हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए. अपने आहार में ढेर सारी सब्जियां और फल शामिल करें. इस बात को सुनिश्चित करें कि आप दोबारा गर्म, प्रोसेस्ड जंक फूड न खाएं. अनरिफाइंड नमक, चीनी, आटा और तेल का इस्तेमाल करें. घी, सरसों का तेल, बीज, तिल और काजू का सेवन करें.

वजन घटाना बहुत जरूरी
ऐसी समस्याओं से पीड़ित महिलाओं के लिए वजन घटाना भी बहुत जरूरी है. लेकिन ये ध्यान रखें कि वजन घटाने के लिए किसी भी फैंसी क्रैश डाइट का सेवन न करें. इसकी वजह से गंभीर पोषण संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

महिलाओं में इन पांच पोषक तत्वों की भारी कमी
कभी-कभी हम सोचते हैं कि हम स्वस्थ हैं और अच्छा खा रहे हैं, लेकिन PCOS में पुराने  विकारों के कारण एक महिला में पोषण की भारी कमी हो सकती है. PCOS वाली महिलाओं में प्रमुख रूप से जिन पांच पोषक तत्वों की कमी होती है, वे हैं- विटामिन डी (लगभग 67 से 85 प्रतिशत महिलाओं में कमी), विटामिन बी 12, जिंक, मैग्नीशियम और फोलेट. इस समस्याओं पर नियंत्रण के लिए दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बहुत जरूरी है.

कितने घंटे की नींद जरूरी
सोने का एक निश्चित शेड्यूल भी महिलाओं की मदद कर सकता है. आठ घंटे की नींद जरूर लें. सोने से कम से कम एक घंटे पहले सभी गैजेट्स से दूर हो जाएं. इससे आपको निश्चित रूप से अच्छी नींद आएगी. जब PCOS को कंट्रोल करने की बात आती है तो वेट का बैलेंस बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है. इसके लिए आपको डेली कम से कम 30 मिनट का व्यायाम करना है.
 


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