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FY2026 भारतीय अस्पताल उद्योग के लिए मजबूत वर्ष रहेगा; ICRA ने आउटलुक 'पॉजिटिव' किया
ICRA के अनुसार, FY2026 में भारतीय अस्पताल उद्योग का प्रदर्शन मजबूत रहेगा. ऑक्युपेंसी, राजस्व और मुनाफे में स्थिरता के साथ बीमा कवरेज और स्वास्थ्य सेवाओं की मांग बढ़ेगी. नए निवेश और विस्तार के बावजूद वित्तीय स्थिति संतुलित बनी रहेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA ने भारतीय अस्पताल उद्योग के आउटलुक को 'स्थिर' से 'सकारात्मक' (Positive) में संशोधित किया है. एजेंसी ने यह कदम FY2026 में क्षेत्र के लगातार मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद को देखते हुए उठाया है. ICRA ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2026 में अस्पतालों की औसत बेड ऑक्युपेंसी 62-64% के बीच बनी रहेगी, जबकि प्रति अधिग्रहीत बेड औसत राजस्व (ARPOB) में 6-8% की वृद्धि और ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (OPM) 22-24% के बीच स्थिर रहने की संभावना है.
मांग में वृद्धि के पीछे ये प्रमुख कारण हैं:
- संगठित अस्पतालों की बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी
- स्वास्थ्य बीमा की पहुंच में विस्तार
- गैर-संक्रामक बीमारियों (लाइफस्टाइल डिजीज) की बढ़ती घटनाएं
अगले दो वर्षों में 14,500 नए बेड जुड़ने की उम्मीद
ICRA के अनुसार, 11 सूचीबद्ध और 2 बड़े असूचीबद्ध अस्पताल समूह FY2026 और FY2027 के दौरान कुल मिलाकर 14,500 नए बेड जोड़ने की योजना बना रहे हैं. इसके लिए 30,000 से 32,000 करोड़ रुपये तक की पूंजीगत व्यय (Capex) की जाएगी. फिर भी, एजेंसी को उम्मीद है कि ऋण कवरेज मैट्रिक्स (Debt Metrics) मजबूत बना रहेगा.
ICRA की उपाध्यक्ष और सेक्टर हेड, मायथ्री माचरला ने कहा “FY2025 में 63.5% की मजबूत ऑक्युपेंसी के बाद, FY2026 में भी यह 62-64% के आसपास बनी रहेगी. इसका प्रमुख कारण बीमा की पहुंच में विस्तार और संगठित खिलाड़ियों की बाजार हिस्सेदारी में निरंतर वृद्धि है. साथ ही, लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों में वृद्धि, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और रोकथाम जांच सेवाओं के चलते हेल्थकेयर सेवाओं की मांग में वृद्धि हो रही है.” उन्होंने आगे कहा कि FY2026 में ARPOB में 6-8% की वृद्धि और डिजिटलीकरण व लागत अनुकूलन के चलते ऑपरेटिंग मार्जिन स्थिर बने रहने की संभावना है.
FY2025 की चुनौतियों और मजबूती
हालांकि बांग्लादेश जैसे देशों से अंतरराष्ट्रीय मरीजों की आवाजाही में कमी देखी गई, फिर भी FY2025 में ARPOB मजबूत बना रहा. ICRA ने बताया कि उच्च तकनीक जैसे रोबोटिक सर्जरी और बेहतर केस व पेयर मिक्स की वजह से अस्पतालों को अधिक राजस्व प्राप्त हुआ.
टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार की योजना
नए बेड जोड़ने की योजना मेट्रो शहरों के साथ-साथ नागपुर, लखनऊ, ओंगोल और कोयंबटूर जैसे टियर-2 शहरों में की जा रही है, ताकि इन क्षेत्रों में अपूर्ण स्वास्थ्य सेवा मांग को पूरा किया जा सके.
अधिग्रहण और निवेश का बढ़ता रुझान
अस्पताल श्रृंखलाएं विलय और अधिग्रहण के जरिए अपने भौगोलिक और विशेषज्ञता दायरे का विस्तार कर रही हैं. बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के चलते संस्थागत निवेशकों की रुचि भी इस क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है.
पूंजीगत व्यय के बावजूद वित्तीय स्थिरता
भले ही ये निवेश आंशिक रूप से कर्ज के जरिए किए जा रहे हों, ICRA का मानना है कि FY2026 के अंत तक अस्पताल उद्योग का कुल ऋण / OPBDITA अनुपात 2.4-2.6x रहेगा, जो FY2025 में 2.1x था. इसके अलावा, उद्योग की रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉइड (ROCE) FY2026 में 13-15% रहने की उम्मीद है, जो प्रदर्शन में सुधार और नए केंद्रों के टर्नअराउंड से संभव होगा.
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