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भारत ने बनाया इतिहास! आ गया 'मेड इन इंडिया' सर्जिकल रोबोट
अब ये रोबोट सर्जरी के आधुनिक तरीके को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए तैयार हैं. देश के लोगों को सस्ती और आसान रोबोटिक सर्जरी उपलब्ध हो सकेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: मेडिकल साइंस की दुनिया में भारत नए आसमान छू रहा है. इसी कड़ी में भारत में सर्जिकल रोबोट सिस्टम की शुरुआत हुई है, इसका नाम एसएसआई मंत्रा है, जिसे दिल्ली के राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर में लगाया गया है. ये ऐतिहासिक है कि क्योंकि ये सर्जिकल रोबोट पूरी तरह से भारत में बना है यानी मेड इन इंडिया है, जिसे मेड-टेक स्टार्ट-अप एसएस इनोवेशंस ने बनाया है. इसका डिजाइन दुनिया के जाने माने रोबोटिक कार्डियक सर्जन डॉ. सुधीर पी श्रीवास्तव ने तैयार किया है. ये रोबोट भारत में सर्जिकल प्रक्रियाओं के नए दौर की शुरुआत करेगा.
5 साल में तैयार हुआ सिस्टम
दो पायलट परियोजनाओं के तहत डॉ. सुधीर रावल और आरजीसीआई से उनकी टीम ने एसएसआई मंत्रा की मदद से सफलतापूर्वक 26 सर्जरियों को अंजाम दिया, जिससे इन रोबोट्स की सुरक्षा, व्यवहारिकता और उसके असर की पुष्टि हुई. अब ये रोबोट सर्जरी के आधुनिक तरीके को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए तैयार हैं.
देश के लोगों को सस्ती और आसान रोबोटिक सर्जरी उपलब्ध हो सकेगी. इस रोबोट सिस्टम की खास बात ये है कि इसे सिर्फ 5 साल के अंदर तैयार किया गया है. इस काम को और भी जल्दी किया जा सकता था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते थोड़ा ज्यादा वक्त लग गया.
कैसे काम करता है SSI-Mantra
एसएसआई मंत्रा सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम, आधुनिक तकनीकी फीचर्स से लैस एक मॉड्युलर मल्टी-आर्म सिस्टम है. इसमें 3-5 रोबोटिक आर्म्स का इस्तेमाल किया गया है. साथ ही इसमें ओपन-फेस अर्गोनोमिक सर्जन कमांड सेंटर, 32 इंच का बड़ा 3डी एचडी मॉनिटर, 23 इंच का 2 डी टच पैनल होता है, जिस पर मरीज़ से जुड़ी सभी जानकारी डिस्प्ले होती है. इसके अलावा एक वर्चुअल रियल टाइम इमेज और होलोग्राफिक डाईकोम इमेज के सुपर इम्पोज़िशन की क्षमता भी होती है. विज़न कार्ट टीम को 3D HD व्यू देता है, जिससे सर्जन सर्जरी के दौरान बेहतर सुरक्षा और दक्षता मिलती है. मॉड्युलर रोबोटिक आर्म के जरिए जरूरत के हिसाब से आर्म्स का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे सर्जिकल ऑपरेशन्स में किसी तरह के टकराव की आशंका नहीं रहती है. इसमें 30 विभिन्न प्रकार के रोबोटिक एंडो सर्जिकल उपकरण होते हैं, जिनका इस्तेमाल कार्डियक सर्जरी सहित कई तरह की सर्जरियों में किया जा सकता है.
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