✕

होम / हेल्थ / क्‍या आपको भी हुआ था कोविड, तो जल्‍दी छोड़ दीजिए ये बुरी आदत 

क्‍या आपको भी हुआ था कोविड, तो जल्‍दी छोड़ दीजिए ये बुरी आदत 

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आपको कोविड हुआ था और आप अभी भी गलत लाइफस्टाइल अपना रहे हैं तो आपको भी सडन अटैक आने के चांस बहुत बढ़ जाते है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

इन दिनों अचानक हो रही हार्ट अटैक की घटनाएं हर घर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं. कभी भी, किसी को, कहीं भी, हार्ट अटैक आता है और उसकी मौत हो जाती है. इस सडन डेथ का वैसे अभी तक कोई कारण तो नहीं मिला है, लेकिन इतना जान लीजिए कि अगर आपको कोविड हुआ है और आप स्‍मोकिंग करते हैं तो आपके लिए ये बड़ी परेशानी बन सकता है. डाक्‍टरों का मानना है कि कोविड के बाद कई तरह की परेशानियां देखने को  मिल रही हैं. डॉक्‍टरों का कहना है कि अगर आप कोविड के बाद अभी भी स्‍मोकिंग कर रहे हैं तो ये भी आपके हार्ट अटैक की बड़ी वजह बन सकती है.

कोविड के कारण और बढ़ा जोखिम
पीएसआरआई हाॅस्पिटल के कॉर्डियोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्‍टेंट डॉ रवि प्रकाश कहते हैं कि कोविड एक ऐसी बीमारी थी, जिसने हमारे ब्‍लड के अंदर बुरी तरह से असर किया.  इस बीमारी में क्‍लॉट बनने की संभावना रहती है, और हार्ट अटैक भी तभी आता है जब ब्‍लड में क्‍लॉटिंग हो जाती है. ऐसे में अगर आपको कोविड हुआ था और आप अभी भी ऐसी आदतों से घिरे हुए हैं जो दिल की बीमारी को बढ़ाती है तो इस बात की संभावना 70 से 80 प्रतिशत तक बढ़ जाती है कि आपको हार्ट अटैक आ सकता है. 

क्‍या वैक्‍सीन का साइडइफेक्‍ट है 
डॉ रवि प्रकाश कहते हैं कि कोई भी मेडिसिन ऐसी नहीं है जिसका साइड इफेक्‍ट नहीं हो. लेकिन ये सडन तरीके से हो रहे हार्ट अटैक वैक्‍सीन के कारण हो रहे हैं इसका कोई प्रमाण नहीं है. वो ये भी कहते हैं कि किसी भी दवा के साइड इफेक्‍ट को स्‍थापित करने में एक लंबा समय लगता है लगभग 5 साल से 10 साल तक, तभी जाकर रिसर्च के बाद ये तय होता है कि इसका ये साइड इफेक्‍ट है.

लाइफस्‍टाइल में भी सुधार करने की है जरूरत 
डॉ रवि प्रकाश कहते हैं कि हार्ट अटैक आने के प्रमुख तौर पर दो कारण होते हैं, एक तो ये होता है कि आपको ये जेनेटिक तौर पर होता है और दूसरा इसका सबसे बड़ा कारण ये रहता है कि आपका लाइफ स्‍टाइल कैसा है. आपका खान-पान कैसा है. अगर आप जंक फूड खाते हैं, खाने में ज्‍यादा कैलोरी कंज्‍यूम करते हैं तो ये आपको अटैक आने की संभावना बढ़ जाती है. इसी तरह अगर आप अपनी लाइफ में ब्रिस्‍क वॉकिंग नहीं करते अपने शरीर के लिए समय नहीं निकालते हैं तो आपको भी सडन अटैक आने की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए जरूरी ये है कि अपने हार्ट को स्‍वस्‍थ रखने की कोशिश करें.

4 S  से रहें दूर 
डॉ रवि प्रकाश कहते है कि आपको अगर फिट रहना है तो 4 तरह के S से दूर रहना होगा. इसमें स्‍मोकिंग, स्‍ट्रेस, सिटिंग और सुगर जैसी चीजें हैं. ये चारों आपको सबसे ज्‍यादा बीमार बनाती हैं. वो कहते हैं कि एक अच्‍छे हार्ट के लिए इन चारों से दूर रहने के साथ-साथ आपको हेल्‍दी फूड लेना, वॉक करना और अपने शरीर में कैलोरी न बढ़ने देना जैसे कारगर कदम उठाने चाहिए.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

स्कैनर का सवाल: अस्पतालों में बेहतर फैसलों के लिए क्यों जरूरी है वित्तीय समझ और चिकित्सकीय ज्ञान का तालमेल

वित्त टीम की शुरुआत लाभ-हानि विवरण से होती है. इससे पता चलता है कि परामर्श, प्रक्रियाओं, डायग्नोस्टिक्स और फार्मेसी से होने वाली आय अस्पताल चलाने की लागत को पूरा करती है या नहीं.

1 week ago

भारत में पहली बार WCOG, 61 देशों के 3,000 विशेषज्ञ जुटे; एआई और मेडिकल टेक्नोलॉजी पर मंथन

WCOG के उद्घाटन पर जेपी नड्डा बोले- पाचन और लिवर संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए इलाज के साथ रोकथाम और शुरुआती जांच पर जोर जरूरी

01-October-2026

दिल्ली में 120 लोगों की हुई हृदय संबंधी जांच, विशेषज्ञों ने समय रहते जोखिम पहचानने पर दिया जोर

विश्व हृदय दिवस के अवसर पर आयोजित इस कैंप में क्लीनिकल जांच, लैब टेस्ट और कार्डियक इमेजिंग को एक साथ शामिल किया गया. इसका उद्देश्य लोगों को हृदय रोग के जोखिम के बारे में जागरूक करना और गंभीर हृदय संबंधी घटना से पहले बीमारी की पहचान तथा रोकथाम पर जोर देना था.

28-September-2026

भारत में बढ़ रहा अल्जाइमर का खतरा, 2036 तक दोगुने हो सकते हैं डिमेंशिया के मरीज

शुरुआती लक्षणों को उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, विशेषज्ञों ने समय पर जांच और डॉक्टर से सलाह लेने की दी सलाह

22-September-2026

IMA और Abbott ने शुरू किया इंडियन इम्यूनाइजेशन वीक, फ्लू वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर

इस अभियान के तहत स्वास्थ्य पेशेवरों को टीका लगाने से जुड़े व्यावहारिक दिशा-निर्देश भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इनमें खास तौर पर यह जानकारी शामिल है कि बुखार या किसी बीमारी से ठीक होने के दौरान या उसके बाद टीकाकरण कब कराया जा सकता है.

22-September-2026


बड़ी खबरें

SBI के मुनाफे में 14.28% की बढ़ोतरी, दूसरी तिमाही में ₹23,038 करोड़ का शुद्ध लाभ

नेट इंटरेस्ट इनकम में 14.69% का उछाल, बढ़कर ₹49,143 करोड़ हुई; बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार

9 hours ago

बच्चों पर सोशल मीडिया के असर को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मेटा के फेसबुक-इंस्टाग्राम पर उठे सवाल

याचिका में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के एल्गोरिदम बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन पर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करते हैं. याचिकाकर्ता ने बच्चों की मानसिक सेहत, निजता और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भारत में विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है.

8 hours ago

टाटा ग्रुप के विवाद पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सलाह, आपसी बातचीत से सुलझाएं मतभेद

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाटा ग्रुप के नेतृत्व से आंतरिक मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने और समूह में सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और इस विवाद का सार्वजनिक रूप से जारी रहना ठीक नहीं है.

8 hours ago

2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य, 50 हजार करोड़ रुपये के निर्यात पर सरकार की नजर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर है जोर, रक्षा बजट बढ़कर रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ रुपये हुआ

9 hours ago

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन ने पकड़ी रफ्तार, 12 साल में तीन गुना बढ़ा आंकड़ा; 99.7% नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिक

आंकड़ों के मुताबिक, 1950 तक देश के केवल 0.7 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ था. 1961 में यह आंकड़ा 1.3 फीसदी और 2001 तक 23.6 फीसदी पहुंचा. इसके बाद भी रफ्तार सीमित रही, लेकिन 2014 के बाद इलेक्ट्रिफिकेशन के काम में तेजी आई.

14 hours ago