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चीन में क्या है कोरोना की स्थिति, क्यों पाबंदियां नहीं हटा रही सरकार? जानें सबकुछ
चीन की कम्युनिस्ट सरकार कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर खौफ में है. वो फिलहाल कड़े प्रतिबंधों को खत्म करने के मूड में नहीं है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
कोरोना महामारी के खौफ से चीन सहमा हुआ है. शनिवार को चीन में बीते छह महीनों में सबसे ज्यादा केस आमने आए. इसके साथ ही चीन में कोरोना पाबंदियों के और कड़े होने की संभावना बढ़ गई है. स्वास्थ्य विभाग पहले ही साफ कर चुका है कि जीरो-Covid पॉलिसी के तहत सख्ती जारी रहेगी. बता दें कि कोरोना पाबंदियों के चलते चीन को आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. आम लोगों की परेशानियां भी काफी बढ़ गई हैं.
3 सालों से लागू पॉलिसी
चीन में शनिवार को 4,420 नए स्थानीय रूप से प्रसारित COVID-19 संक्रमण के मामले दर्ज किए गए. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि यह संख्या पिछले छह महीनों में एक दिन में मिलने वाले मामलों में सबसे ज्यादा है. इससे पहले छह मई को 3,659 नए केस सामने आए थे. हालांकि, वैश्विक मानकों के अनुसार, यह संख्या काफी कम है, लेकिन इसके बावजूद चीन कड़ी पाबंदियां लगाए हुए हैं. पिछले तीन वर्षों से वह जीरो-COVID पॉलिसी लागू किए हुए है. इसमें लॉकडाउन, क्वारंटीन, लगातार टेस्टिंग और इनबाउंड यात्रा में भारी कमी शामिल है.
उपायों का किया बचाव
एक प्रेस कांफ्रेंस में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वो कोरोना केस सामने आते ही उसकी रोकथाम के इंतजाम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. रोग नियंत्रण अधिकारी हू जियांग ने कहा कि चीन के एंटी-COVID उपाय पूरी तरह से सही, सबसे किफायती और प्रभावी हैं. उन्होंने कहा कि हमें लोगों और जीवन को पहले रखने के सिद्धांत का पालन करना चाहिए और बाहरी एवं इंटरनल रिबाउंड से आयात को रोकने की व्यापक रणनीति पर फोकस करना चाहिए.
राहत की उम्मीद नहीं
बता दें कि पिछले हफ्ते COVID प्रतिबंधों में संभावित ढील की अफवाहों के चलते शेयर बाजार में एकदम से तेजी देखने को मिली थी, लेकिन जैसे ही साफ हुआ कि ऐसा कुछ नहीं है, बाजार की तेजी गायब हो गई. कई विश्लेषकों का मानना है कि अगले साल मार्च में चीन के वार्षिक संसदीय सत्र से पहले किसी भी तरह की ढील की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए.
यहां मिल रहे नए केस
Goldman Sachs के विश्लेषकों के अनुसार, सरकार के रुख से स्पष्ट है कि उसकी जीरो-COVID नीति में फिलहाल कोई बदलाव नहीं आने वाला. उन्होंने कहा कि पाबंदियों से छूट में कुछ और महीने लग सकते हैं. अप्रैल-जून तिमाही में ऐसा कुछ देखने को मिल सकता है. गौरतलब है कि राजधानी बीजिंग और Guangzho शहर में लगातार कोरोना के मामले सामने अ रहे हैं.
Apple की बढ़ी परेशानी
उधर, Apple ने रविवार देर रात एक बयान जारी करते हुए कहा कि कोरोना प्रतिबंधों ने चीन के Zhengzhou में उसकी iPhone 14 प्रो और iPhone 14 प्रो मैक्स असेंबली फैसिलिटी को अस्थायी रूप से प्रभावित किया है. फैसिलिटी वर्तमान में काफी कम क्षमता पर काम कर रही है. इस साइट से कई कर्मचारियों को चले जाने की भी खबर है. एप्पल के लिए ये बड़े झटके के समान है, क्योंकि इससे क्रिसमस और न्यू ईयर पर भारी डिमांड को पूरा करने में उसे परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
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