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BW ऑन्कोलॉजी समिट 2025: सर्वाइवर्स, इनोवेशन और उत्कृष्ट कैंसर केयर को समर्पित एक ऐतिहासिक आयोजन

BW हेल्थकेयर वर्ल्ड के चौथे ऑन्कोलॉजी समिट ने भारत की कैंसर कम्युनिटी के लिए इनोवेशन और होलिस्टिक केयर को आगे बढ़ाने हेतु शीर्ष ऑन्कोलॉजिस्ट, सर्वाइवर्स, एडवोकेट्स और इंडस्ट्री लीडर्स को एक मंच पर जोड़ा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago

BW हेल्थकेयर वर्ल्ड (BW HealthcareWorld) ने 30 सितंबर को अपना चौथा ऑन्कोलॉजी समिट 2025 सफलतापूर्वक आयोजित किया, जो भारत की कैंसर केयर यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर रहा. “ऑन्कोलॉजी 360: इनोवेशन, होप, हीलिंग” थीम पर आधारित इस पूरे दिन के कार्यक्रम में अग्रणी शोध, परिवर्तनकारी थैरेपी और होलिस्टिक केयर अप्रोच प्रदर्शित किए गए, जिसमें खास ध्यान कैंसर सर्वाइवर्स और मरीजों पर रहा. विचारशील नेताओं और बदलाव लाने वालों का यह संगम प्रमुख ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, सायको-ऑन्कोलॉजिस्ट, हॉस्पिटल लीडर्स, पेशेंट एडवोकेट्स और सपोर्ट संगठनों को एकजुट करने वाला रहा. आकर्षक उद्घाटन क्षणों में सर्वाइवर्स कम्युनिटी के साथ एक आर्ट जैम शामिल था, जिसमें कैंसर से जूझकर आगे बढ़ने वालों की आवाज और हिम्मत का जश्न मनाया गया.

मुख्य सत्र की खास बातें :

रिसर्च, डायग्नोस्टिक्स और डिलीवरी – कैंसर केयर में इनोवेशन: भारत में हर साल 20 से 25 लाख नए कैंसर केस सामने आते हैं. विशेषज्ञ शुरुआती पहचान, जागरूकता और प्रिसिजन मेडिसिन पर जोर देते हैं. बढ़ती लागत, सामाजिक कलंक और देरी से इलाज परिणामों को बिगाड़ते हैं, जबकि AI, डिजिटल पैथोलॉजी और टारगेटेड थैरेपी से सर्वाइवल रेट में सुधार हो रहा है.

क्योरिंग द इनक्युरेबल – हेमेटोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी में ट्रांसफॉर्मेटिव थैरेपी: भारत में हेमेटोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी लक्षित थैरेपी, जेनेटिक प्रोफाइलिंग और CAR-T ट्रीटमेंट के साथ आगे बढ़ रही है, खासकर बच्चों में सर्वाइवल रेट सुधार रहा है. हालांकि, उच्च लागत, देर से डायग्नोसिस और सिस्टम की खामियां इलाज तक पहुंच को सीमित करती हैं.

ट्रीटमेंट एंड बियॉन्ड – स्ट्रेंथ, सेल्फ-केयर और मेंटल हेल्थ की बहाली: विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर केयर केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें होम-बेस्ड रिहैबिलिटेशन, मानसिक स्वास्थ्य सहयोग और कम्युनिटी एंगेजमेंट शामिल होना चाहिए. शारीरिक रिकवरी, इमोशनल वेलबीइंग और सर्वाइवर्शिप की चुनौतियों (जैसे मेनोपॉज, न्यूट्रिशन और मोबिलिटी) का समाधान मरीजों को ताकत, आत्मविश्वास और गरिमा लौटाने में मदद करता है.

रेडिएशन ऑन्कोलॉजी इन मल्टिडिसिप्लिनरी कैंसर केयर: विशेषज्ञों ने कैंसर के मल्टिडिसिप्लिनरी इलाज में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी की अहम भूमिका बताई, जिससे अंग संरक्षित रहते हैं, शुरुआती पहचान होती है और पर्सनलाइज्ड इलाज संभव बनता है. उन्होंने जागरूकता, ट्यूमर बोर्ड और उन्नत तकनीक की आवश्यकता पर जोर दिया.

कैंसर हॉस्पिटल ऑफ टुमॉरो कैसा होगा?: विशेषज्ञों ने "भविष्य का कैंसर हॉस्पिटल" पर चर्चा की, जिसमें पेशेंट-सेंट्रिक केयर, AI-आधारित ट्रीटमेंट, वर्कफोर्स सस्टेनेबिलिटी, किफायत और कम्युनिटी एंगेजमेंट पर ध्यान दिया गया. टेक्नोलॉजी को संवेदना, इनोवेशन और प्रिवेंशन के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया गया.

फ्यूचर ऑफ कैंसर केयर – आगे का रास्ता: विशेषज्ञों ने कैंसर केयर के भविष्य पर चर्चा की और प्रिवेंशन, शुरुआती पहचान, पेशेंट-सेंट्रिक केयर, टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन और मल्टिडिसिप्लिनरी सहयोग पर जोर दिया. पैनल ने किफायत, वर्कफोर्स सस्टेनेबिलिटी और सामूहिक सीखने को बेहतर परिणामों और वर्ल्ड-क्लास ऑन्कोलॉजी इकोसिस्टम की कुंजी बताया.

सही मरीज के लिए सही इलाज: विशेषज्ञों ने पर्सनलाइज्ड ऑन्कोलॉजी केयर पर चर्चा की, जिसमें जेनेटिक काउंसलिंग, पेशेंट एम्पावरमेंट और सामाजिक-आर्थिक पहलुओं पर जोर दिया गया. बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर खास ध्यान दिया गया और शिक्षा, इमोशनल सपोर्ट और एडवोकेसी को अहम बताया गया.

दिल से जुड़ी बातचीत: डॉ. अनुपम सचदेवा ने अपने कैंसर सफर को साझा किया, जिसमें उम्मीद, धैर्य और परिवार के सहयोग की अहम भूमिका को रेखांकित किया. डॉक्टर और मरीज दोनों रूपों में उनके अनुभव ने सहानुभूति, होलिस्टिक केयर और मानसिक स्वास्थ्य सपोर्ट की आवश्यकता को उजागर किया.

ब्रिजिंग द गैप – यंग एडल्ट कैंसर की चुनौतियां: विशेषज्ञों ने भारत में युवाओं में कैंसर के बढ़ते संकट को रेखांकित किया. आक्रामक बीमारी, देर से डायग्नोसिस, आर्थिक बोझ और खासकर महिलाओं के लिए सामाजिक कलंक के चलते पैनलिस्टों ने फंड, इंश्योरेंस सुधार, खास स्क्रीनिंग और नीति हस्तक्षेप की आवश्यकता बताई.

ऑन्कोलॉजी में क्वालिटी पर फोकस: डॉ. गिर्धर ग्यानी ने कहा कि भारत में कैंसर परिणाम सुधारने के लिए शुरुआती पहचान, मजबूत स्क्रीनिंग, व्यापक बीमा और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी जरूरी है. शहरी-ग्रामीण असमानता, आर्थिक खाई और पैलिएटिव केयर को संबोधित करते हुए उन्होंने सामूहिक प्रयास और समान, मरीज-केंद्रित सुधार की आवश्यकता बताई.

सर्कल ऑफ ग्रैटिट्यूड: दिन का समापन केयरगिवर्स, सर्वाइवर्स और कैंसर केयर कम्युनिटी के चैंपियंस को सम्मानित करने वाले सर्कल ऑफ ग्रैटिट्यूड के साथ हुआ. सर्वाइवर्स ने उन डॉक्टरों को नामित किया जिन्होंने उन्हें जीवन का दूसरा मौका दिया. मरीजों ने उम्मीद और धैर्य की भावनात्मक कहानियां साझा कीं, जबकि डॉक्टरों ने उनकी हिम्मत को सच्ची प्रेरणा बताया. यह समारोह केवल एक अवॉर्ड न होकर करुणा, उपचार और डॉक्टर-मरीज साझेदारी का संवेदनशील प्रतीक बन गया.

परिवर्तन के लिए मल्टी-स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म

इस समिट ने क्लिनिकल एक्सपर्टीज, पेशेंट एडवोकेसी, रिसर्च इनिशिएटिव और इंडस्ट्री इनोवेशन के बीच की खाई को पाट दिया. इसने सर्वाइवर्स की आवाज को बढ़ाया और मानसिक स्वास्थ्य, पोषण व आध्यात्मिकता को सामने लाया. BW ऑन्कोलॉजी समिट 2025 ने इनोवेशन, सहयोग और समावेशिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया. इसने भारत में कैंसर केयर के भविष्य को परिभाषित करने वाले प्रिसिजन मेडिसिन, इंटीग्रेटिव थैरेपी और पेशेंट सपोर्ट प्रोग्राम्स को अपनाने की राह खोली.

BW हेल्थकेयर वर्ल्ड के बारे में

BW हेल्थकेयर वर्ल्ड इंडस्ट्री न्यूज़, थॉट लीडरशिप, इनोवेशन स्टोरीज़ और हाई-इम्पैक्ट हेल्थकेयर इवेंट्स का अग्रणी प्लेटफॉर्म है. अपने वार्षिक ऑन्कोलॉजी समिट के माध्यम से यह कैंसर केयर के मानकों को ऊंचा उठाने, सर्वाइवर्स और पेशेंट की आवाज़ को मजबूत करने और स्टेकहोल्डर्स के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि भारत में कैंसर से लड़ाई में प्रगति हो सके.


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