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CGHS में बड़ा बदलाव: अब प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज होगा आसान, नए रेट आज से लागू

नए CGHS रेट्स लागू होने से न केवल प्राइवेट अस्पतालों की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत की खबर है. केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) में 15 साल बाद सबसे बड़ा बदलाव लागू हो गया है. अब प्राइवेट अस्पतालों में कैशलेस इलाज पहले की तुलना में ज्यादा सरल और सुचारू होगा. आज से लगभग 2,000 मेडिकल पैकेज के नए रेट प्रभाव में आ गए हैं. 

क्यों जरूरी थे ये बदलाव?

लंबे समय से CGHS से जुड़े प्राइवेट अस्पताल पुराने पैकेज रेट और भुगतान में देरी के चलते कैशलेस इलाज देने से हिचकिचा रहे थे. इसके कारण मरीजों को इलाज का खर्च पहले खुद उठाना पड़ता था और रीइंबर्समेंट में महीनों का इंतजार होता था. अगस्त 2025 में सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज यूनियन (GENC) ने सरकार से इस व्यवस्था में सुधार की मांग की थी. इमरजेंसी के समय कई मामलों में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाने की शिकायतें भी सामने आई थीं.

क्या हैं नए CGHS रेट्स?

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा घोषित नए नियमों के तहत लगभग 2,000 मेडिकल प्रक्रियाओं के रेट शहर की श्रेणी और अस्पताल की स्थिति के आधार पर तय होंगे:

- टियर-II शहरों में रेट बेस रेट से 19% कम होंगे

- टियर-III शहरों में रेट 20% कम होंगे

- NABH-मान्यता प्राप्त अस्पतालों में बेस रेट लागू

- गैर-NABH अस्पतालों में रेट 15% कम

- सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों (200+ बेड) में रेट 15% अधिक होंगे

कर्मचारियों और अस्पतालों को क्या लाभ होगा?

नए रेट लागू होने से प्राइवेट अस्पतालों के लिए कैशलेस इलाज देना आसान और व्यावसायिक रूप से व्यवहारिक होगा. इससे:

- कर्मचारियों को इलाज का खर्च खुद नहीं उठाना पड़ेगा

- रिफंड की प्रक्रिया तेज होगी

- CGHS कार्डधारकों का भरोसा बढ़ेगा

नए लाभार्थी: ट्रांसजेंडर बच्चे और भाई-बहन भी शामिल

16 सितंबर 2025 को जारी नई अधिसूचना के अनुसार अब ट्रांसजेंडर बच्चे और भाई-बहन, यदि आर्थिक रूप से आश्रित हैं और Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019 के तहत प्रमाणित हैं, तो वे भी CGHS के तहत लाभ ले सकेंगे.

डिजिटल और सुविधाजनक

पिछले एक साल में CGHS को और सुलभ व डिजिटल बनाने की दिशा में कई सुधार किए गए हैं, CGHS पोर्टल और मोबाइल ऐप को अपग्रेड किया गया है. अधिक प्राइवेट अस्पतालों को कैशलेस इलाज के लिए जोड़ा गया. ऑनलाइन रेफरल सिस्टम से मंजूरी प्रक्रिया तेज हुई और दवाइयों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग शुरू कर दी गई है. सीनियर सिटीजन के लिए विशेष हेल्पडेस्क की व्यवस्था की गई है.

कौन ले सकता है CGHS का लाभ?

- केंद्रीय सरकार के सभी कर्मचारी (रेलवे और दिल्ली प्रशासन को छोड़कर)

- केंद्रीय पेंशनर्स (रेलवे और सशस्त्र बलों को छोड़कर)

- योजना का लाभ केवल उन्हीं शहरों में मिलेगा, जहां CGHS उपलब्ध है, वर्तमान में यह 80 शहरों में लागू है.

CGHS कार्ड कैसे बनवाएं?

1. कर्मचारी: निर्धारित फॉर्म और परिवार की फोटो विभाग में जमा करें

2. पेंशनर्स: संबंधित शहर के CGHS कार्यालय में आवेदन करें या वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड करें

3.  PPO न होने पर: Last Pay Certificate के आधार पर प्रोविजनल कार्ड जारी किया जा सकता है

नए रेट और पैकेज कोड कहां देखें?

CGHS की आधिकारिक वेबसाइट cghs.gov.in पर जाकर "Notifications" सेक्शन से PDF डाउनलोड करें. इसमें सभी नई प्रक्रियाओं के कोड और पैकेज रेट्स विस्तार से उपलब्ध हैं.

 


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