होम / BW HealthCare / CGHS में बड़ा बदलाव: अब प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज होगा आसान, नए रेट आज से लागू

CGHS में बड़ा बदलाव: अब प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज होगा आसान, नए रेट आज से लागू

नए CGHS रेट्स लागू होने से न केवल प्राइवेट अस्पतालों की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत की खबर है. केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) में 15 साल बाद सबसे बड़ा बदलाव लागू हो गया है. अब प्राइवेट अस्पतालों में कैशलेस इलाज पहले की तुलना में ज्यादा सरल और सुचारू होगा. आज से लगभग 2,000 मेडिकल पैकेज के नए रेट प्रभाव में आ गए हैं. 

क्यों जरूरी थे ये बदलाव?

लंबे समय से CGHS से जुड़े प्राइवेट अस्पताल पुराने पैकेज रेट और भुगतान में देरी के चलते कैशलेस इलाज देने से हिचकिचा रहे थे. इसके कारण मरीजों को इलाज का खर्च पहले खुद उठाना पड़ता था और रीइंबर्समेंट में महीनों का इंतजार होता था. अगस्त 2025 में सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज यूनियन (GENC) ने सरकार से इस व्यवस्था में सुधार की मांग की थी. इमरजेंसी के समय कई मामलों में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाने की शिकायतें भी सामने आई थीं.

क्या हैं नए CGHS रेट्स?

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा घोषित नए नियमों के तहत लगभग 2,000 मेडिकल प्रक्रियाओं के रेट शहर की श्रेणी और अस्पताल की स्थिति के आधार पर तय होंगे:

- टियर-II शहरों में रेट बेस रेट से 19% कम होंगे

- टियर-III शहरों में रेट 20% कम होंगे

- NABH-मान्यता प्राप्त अस्पतालों में बेस रेट लागू

- गैर-NABH अस्पतालों में रेट 15% कम

- सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों (200+ बेड) में रेट 15% अधिक होंगे

कर्मचारियों और अस्पतालों को क्या लाभ होगा?

नए रेट लागू होने से प्राइवेट अस्पतालों के लिए कैशलेस इलाज देना आसान और व्यावसायिक रूप से व्यवहारिक होगा. इससे:

- कर्मचारियों को इलाज का खर्च खुद नहीं उठाना पड़ेगा

- रिफंड की प्रक्रिया तेज होगी

- CGHS कार्डधारकों का भरोसा बढ़ेगा

नए लाभार्थी: ट्रांसजेंडर बच्चे और भाई-बहन भी शामिल

16 सितंबर 2025 को जारी नई अधिसूचना के अनुसार अब ट्रांसजेंडर बच्चे और भाई-बहन, यदि आर्थिक रूप से आश्रित हैं और Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019 के तहत प्रमाणित हैं, तो वे भी CGHS के तहत लाभ ले सकेंगे.

डिजिटल और सुविधाजनक

पिछले एक साल में CGHS को और सुलभ व डिजिटल बनाने की दिशा में कई सुधार किए गए हैं, CGHS पोर्टल और मोबाइल ऐप को अपग्रेड किया गया है. अधिक प्राइवेट अस्पतालों को कैशलेस इलाज के लिए जोड़ा गया. ऑनलाइन रेफरल सिस्टम से मंजूरी प्रक्रिया तेज हुई और दवाइयों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग शुरू कर दी गई है. सीनियर सिटीजन के लिए विशेष हेल्पडेस्क की व्यवस्था की गई है.

कौन ले सकता है CGHS का लाभ?

- केंद्रीय सरकार के सभी कर्मचारी (रेलवे और दिल्ली प्रशासन को छोड़कर)

- केंद्रीय पेंशनर्स (रेलवे और सशस्त्र बलों को छोड़कर)

- योजना का लाभ केवल उन्हीं शहरों में मिलेगा, जहां CGHS उपलब्ध है, वर्तमान में यह 80 शहरों में लागू है.

CGHS कार्ड कैसे बनवाएं?

1. कर्मचारी: निर्धारित फॉर्म और परिवार की फोटो विभाग में जमा करें

2. पेंशनर्स: संबंधित शहर के CGHS कार्यालय में आवेदन करें या वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड करें

3.  PPO न होने पर: Last Pay Certificate के आधार पर प्रोविजनल कार्ड जारी किया जा सकता है

नए रेट और पैकेज कोड कहां देखें?

CGHS की आधिकारिक वेबसाइट cghs.gov.in पर जाकर "Notifications" सेक्शन से PDF डाउनलोड करें. इसमें सभी नई प्रक्रियाओं के कोड और पैकेज रेट्स विस्तार से उपलब्ध हैं.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

फैटी लिवर से आंतों के कैंसर तक बढ़ा खतरा, भारत में पहली बार होगी विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉंग्रेस

फैटी लिवर से लेकर कोलोरेक्टल कैंसर तक बढ़ रही चुनौती, 30 सितंबर से नई दिल्ली में होगी विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉंग्रेस

02-September-2026

कॉर्नियल ट्रांसप्लांट की मांग 1 लाख, हो रहे सिर्फ 25–30 हजार; टिशू की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा

भारत में पर्याप्त विशेषज्ञता और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद जरूरतमंद मरीजों और उपलब्ध डोनर टिशू के बीच बड़ा गैप; विशेषज्ञों ने तेज रिट्रीवल, मजबूत आई-बैंक नेटवर्क और बेहतर टिशू उपयोग पर दिया जोर

01-September-2026

‘व्यावसायिक स्वास्थ्य एक निवेश है’: डॉ. प्रकाश शेंडगे

ओम गगनगिरी हॉस्पिटल्स एंड ऑक्यूपेशनल हेल्थ सर्विसेज के संस्थापक और लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. प्रकाशराव शेंडगे ने बताया, कार्यस्थल पर मोबाइल डायग्नोस्टिक्स किस तरह कारोबार के लिए उपयोगी है.

25-August-2026

अपोलो हॉस्पिटल्स की नई पहल: अब सातों दिन मिलेंगी रूटीन और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर सेवाएं

‘ऑलवेज ओपन, ऑलवेज हियर’ अभियान के तहत रविवार को भी कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक्स, हेल्थ चेकअप और फॉलो-अप सेवाएं उपलब्ध होंगी

19-August-2026

स्वस्थ कर्मचारी, मजबूत कंपनियां: कार्यस्थल तक पहुंची हेल्थकेयर की नई पहल

डॉ. प्रकाशराव शेंडगे ने BW से भारत के कार्यबल के लिए मोबाइल ऑक्यूपेशनल हेल्थ सर्विसेज की शुरुआत, बीमारियों की शुरुआती पहचान में सुधार और एक अत्यंत नवोन्मेषी व प्रिवेंटिव हेल्थकेयर मॉडल विकसित करने पर विस्तार से बात की.

17-August-2026


बड़ी खबरें

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

1 hour ago

नेस्ले इंडिया के खिलाफ FSSAI ने दर्ज किए 3 केस, फॉर्मूला फूड के प्रचार और पोषण मानकों पर उठे सवाल

FSSAI के मुताबिक, Nestlé India के दो उत्पादों के प्रचार में ऐसे दावे पाए गए जिन्हें संबंधित नियमों का उल्लंघन माना गया. इनमें NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1 शामिल हैं.

1 hour ago

आंध्र प्रदेश में बनेगा 12 लाख ग्रॉस टनेज क्षमता वाला मेगा शिपयार्ड, ₹15 हजार करोड़ निवेश

इस पूरे क्लस्टर के लिए आंध्र प्रदेश मैरीटाइम बोर्ड और विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी ने मिलकर NSHIP-AP नाम की विशेष कंपनी बनाई है. इस परियोजना के लिए MDL को एंकर शिपयार्ड के तौर पर चुना गया है.

1 hour ago

प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT से सरकार की कमाई 53% बढ़ी

17 सितंबर तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़ा, एडवांस टैक्स में भी 16.18% की तेज वृद्धि

19 hours ago

Infosys के सीनियर VP बोले, सेमीकंडक्टर में भारत के लिए ‘Invent in India’ का बड़ा मौका

Semicon India 2026 में मेघल ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की पारंपरिक सप्लाई चेन और डिजाइन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो रहा है. खासकर AI आधारित वर्कलोड यह तय कर रहे हैं कि चिप्स को किस तरह डिजाइन किया जाए.

17 hours ago