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घरेलू क्रूड उत्पादन पर फिर बढ़ा विंडफॉल टैक्स, क्या पेट्रोल-डीजल के दामों पर होगा असर?
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर क्रूड इंपोर्ट करता है. लेकिन कई कंपनियां देश में ही कच्चे तेल का उत्पादन करती हैं और देश में ही बेचती हैं. लेकिन ये कंपनियां देश में भी तेल अंतरराष्ट्रीय भाव पर बेचती हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: सरकार ने लगातार दूसरी बार घरेलू क्रूड उत्पादन पर विंडफॉल टैक्स (windfall tax) बढ़ा दिया है. मंगलवार दे रात को सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स (CBIC) की ओर से इस बारे में एक नोटिफिकेशन जारी हुआ है. नोटिफिकेशन के मुताबिक डीजल और एविएश टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट टैक्स को कम किया गया है.
फिर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स
सरकार ने घरेलू क्रूड उत्पादन पर पर विंडफॉल टैक्स को 17,000 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 17,750 रुपये प्रति टन कर दिया है. इसका असर ONGC, Vedanta और Reliance
जैसी कंपनियों पर होगा. जो कि देश में क्रूड का उत्पादन करती हैं.
क्यों बढ़ाया विंडफॉल टैक्स
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर क्रूड इंपोर्ट करता है. लेकिन कई कंपनियां देश में ही कच्चे तेल का उत्पादन करती हैं और देश में ही बेचती हैं. लेकिन ये तेल उत्पादक कंपनियां देश में भी तेल अंतरराष्ट्रीय भाव पर बेचती हैं, जो कि इस वक्त काफी ज्यादा है. जिससे इन कंपनियों को मोटा मुनाफा होता है. जैसे मान लीजिए कि घरेल क्रूड के उत्पादन का खर्च 70 डॉलर है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मार्केट में ये 100 डॉलर है तो ये कंपनियां देश में भी 100 डॉलर में ही क्रूड बेचती हैं, जिससे उन्हें 30 डॉलर प्रति बैरल का मोटा मुनाफा होता है. इसी मुनाफे को करने के लिए सरकार इन कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स लगाती है. क्योंकि इस मुनाफे को कमाने में कंपनियों की अपनी कोई रणनीति या कोशिश नहीं होती है, उन्हें तो मुनाफा अंतरराष्ट्रीय हालातों की वजह से मिल जाता है.
डीजल, ATF पर एक्सपोर्ट टैक्स घटाया
इसके अलावा सरकार ने एक और कदम उठाया है. डीजल पर एक्सपोर्ट टैक्स को घटाकर 5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है जो कि पहले 11 रुपये प्रति लीटर था. इसके अलावा एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी विमानों में भरे जाने वाले ईंधन पर लगने वाले 4 रुपये प्रति लीटर के एक्सपोर्ट टैक्स को भी खत्म कर दिया है. पेट्रोल पर पहले से ही एक्सपोर्ट टैक्स जीरो है.
कब टैक्स लगाया, कब हटाया
सरकार ने सबसे पहले 1 जुलाई को घरेलू क्रूड उत्पादन पर 23,250 रुपये प्रति टन विंडफॉल टैक्स लगाया था. फिर 20 जुलाई को इसे घटाकर 17,000 रुपये प्रति टन कर दिया, और आज फिर से इसमें बढ़ोतरी कर दी है. 1 जुलाई को पेट्रोल और ATF पर 6 रुपये प्रति लीटर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई थी, जबकि डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर टैक्स लगाया था. इसके बाद 20 जुलाई को पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को खत्म कर दिया गया. ATF और डीजल की ड्यूटी में 2 रुपये की कटौती की गई और ये 11 रुपये और 4 रुपये हो गए. आज इसमें फिर से कटौती की गई है.
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे
विंडफॉल टैक्स का इस्तेमाल सरकार सिर्फ तेल कंपनियों के हद से ज्यादा मुनाफे को कम करने के लिए करती है और उसमें से अपना हिस्सा लेती है. इसका देश में बिक रहे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर कोई असर नहीं होता, ये जिस भाव पर बिक रहे हैं, उसी भाव पर बिकते रहेंगे. जब पहली बार 1 जुलाई को विंडफॉल टैक्स लगाया गया था तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 120 डॉलर के उफान पर था, जिसका फायदा घरेलू तेल कंपनियों ने उठाया. जब दूसरी बार 20 जुलाई को जब कच्चा तेल थोड़ा नरम हुआ और 100 डॉलर के आस-पास आया तो विंडफॉल टैक्स में कटौती की गई.
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