होम / एक्सप्लेनर / क्यों गिर रहा रुपया, क्या है इसका मतलब, कब रुकेगी गिरावट और किसकी हो रही चांदी
क्यों गिर रहा रुपया, क्या है इसका मतलब, कब रुकेगी गिरावट और किसकी हो रही चांदी
निवेशकों को डॉलर पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा. इस कारण निवेशकों का ध्यान अमेरिकी बाजार की तरफ बढ़ा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: डॉलर के मुकाबले रुपये का भाव लगातार गिरता ही जा रहा है. इसमें गिरावट रिकॉर्ड स्तर पर है. फिलहाल एक डॉलर के मुकाबले रुपये का भाव लगभग 78 है. यानी यदि आप आज एक डॉलर बेचेंगे तो आपको लगभग 78 रुपये मिलेंगे. भारतीय सरकार अर्थव्यवस्था की मजबूती का दावा कर रही है, बावजूद इसके रुपया इतना गिर क्यों रहा है?
किन परिस्थितियों में रुपये का भाव गिरता है?
इसे हम बिल्कुल आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं. जब हम इंपोर्ट ज्यादा करने लगते हैं और एक्सपोर्ट कम करते हैं तो रुपये का भाव बहुत अधिक प्रभावित होता है. आपको हम सबसे पहले यह बता दें कि हम कोई इंपोर्ट या एक्सपोर्ट करते हैं तो सौदा डॉलर में होता है, क्योंकि डॉलर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा है. इसका मतलब यह हुआ कि जब हम ज्यादा इंपोर्ट करते हैं तो मुद्रा कोष से ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं और जब एक्सपोर्ट कम करते हैं तो बदले में हम कम डॉलर इकट्ठा कर पाते हैं. यानी हम डॉलर अर्जित करने के मुकाबले उसे खर्च ज्यादा कर रहे हैं. ऐसी परिस्थिति में रुपया कमजोर होता जाता है.
रुपये के भाव गिरने के कारण
1. कच्चे तेल का महंगा होना
हम अभी भी करीब 80 प्रतिशत कच्चा तेल दूसरे देशों से इंपोर्ट करते हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक बैरल कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर से ऊपर है. इसका सबसे बड़ा कारण रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध का होना है. मांग बढ़ने के कारण डॉलर का भाव तेजी से बढ़ रहा है, यानी हमें अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं. सोना सहित कई जरूरी चीजों को इंपोर्ट करने के लिए हमें डॉलर खर्च करना पड़ता है.
2. शेयर बाजार में बिकवाली
डॉलर का भाव बढ़ने के कारण विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से तेजी से निवेश खींच रहे हैं और ज्यादा फायदे के लिए विदेशी बाजारों में निवेश कर रहे हैं. एक आंकड़े के अनुसार, विदेशी निवेशक 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच चुके हैं. ये भी एक बड़ा कारण है, जिससे रुपये का भाव तेजी से गिर रहा है.
3. अमेरिका में ब्याज दर बढ़ना
तीसरा कारण अमेरिका में ब्याज दर का बढ़ना है. महंगाई पर नियंत्रण के लिए अमेरिका में भी ब्याज दरें तेजी से बढ़ रही हैं. इस कारण निवेशकों को डॉलर पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा. इस कारण निवेशकों का ध्यान अमेरिकी बाजार की तरफ बढ़ा है. जितना रूझान डॉलर की तरफ बढ़ता दिखेगा, उसका भाव उतना ही बढ़ेगा और रुपया कमजोर होता जाएगा.
कब स्थिर होगा रुपया
इसका सीधा सा जवाब है, आपको एक्सपोर्ट ज्यादा करना होगा, तभी RBI के मुद्रा कोष में ज्यादा डॉलर इकट्ठा होगा. यानी डॉलर जितना खर्च हो रहा है, उसी अनुपात में उसे इकट्ठा करना होगा. बहरहाल, ये स्थिति अभी दूर है, तो रुपये के भाव में जल्द कोई बहुत सुधार देखने को नहीं मिलने वाला है.
किनकी चांदी
- NRI जो भारत में अपने परिवार वालों को पैसे भेजते हैं. डॉलर का भाव बढ़ने के कारण अब उन्हें ज्यादा रुपया मिलेगा.
- जो बिजनेसमैन अपने प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करते हैं, उन्हें अब ज्यादा रकम मिलेगी, क्योंकि डील डॉलर में ही होते हैं.
- भारत घूमना सस्ता होगा. यानी विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है.
टैग्स