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RBI के फैसले से बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में क्यों आई तेजी? ये रहा जवाब

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में इजाफा कर दिया है. इस घोषणा के साथ ही बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में तेजी देखी गई.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर से रेपो रेट बढ़ा दी है. RBI के रेपो रेट में 0.50 फीसदी की बढ़ोत्तरी के ऐलान के साथ ही शेयर बाजार में हलचल देखी गई. खासकर बैंकिंग सेक्टर के शेयरों ने रिजर्व बैंक के इस फैसले को पॉजिटिव ढंग से लिया. कोटक महिंद्रा बैंक, फेडरल बैंक, HDFC बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों ने बाजार के शुरुआती समय में जो गिरावट दर्ज की थी, न केवल उससे बाहर निकले बल्कि 2% की बढ़त भी हासिल की. इसी तरह, एक्सिस बैंक, ICICI बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई. बता दें कि रेपो रेट अब 5.4% से बढ़कर 5.9% हो गई है. इसके साथ रिवर्स रेपो रेट में भी 0.5% का इजाफा किया गया है, जो अब 3.85% हो गई है. 

दूसरों से बेहतर स्थिति
एक मीडिया हाउस के साथ बातचीत में Samco Securities के मार्केट पर्सपेक्टिव्स के प्रमुख Apurva Sheth ने कहा कि RBI के इस कदम ने 7 प्रतिशत पर पहुंच चुकी महंगाई और ब्याज दर के बीच के अंतर के कम कर दिया है. हम अन्य सभी प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बहुत बेहतर स्थिति में हैं, जो अभी भी हाई इन्फ्लेशन से जूझ रही हैं. चूंकि हमारी मुद्रास्फीति और ब्याज दरों के बीच की खाई कम हुई है, इसलिए उम्मीद कर सकते हैं कि आगे दरों में बढ़ोत्तरी कम होगी.

अधिक तरलता होगी
शेयर बाजार पर नज़र रखने वाले एक्सपर्ट्स के मुताबिक, RBI ने रेपो रेट में उम्मीद के अनुरूप इजाफा किया है. त्योहारी सीजन में कर्ज की ज्यादा मांग से बैंकिंग कंपनियों को अपने मार्जिन में सुधार करने में मदद मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा, RBI का यह फैसला रुपए के लिए भी अच्छा साबित हो सकता है, जो डॉलर के मुकाबले अप्रैल से अब तक 7% से अधिक गिर चुका है. उनका यह भी मानना है कि उच्च ब्याज दरों के चलते, बैंकों के पास अब अधिक तरलता होगी, क्योंकि वे खाताधारकों से अधिक सेविंग की उम्मीद कर सकते हैं.

मार्जिन में होगा सुधार
एक मीडिया हाउस से बातचीत में GCL सिक्योरिटीज के सीईओ रवि सिंघल ने कहा, 'RBI द्वारा रेपो रेट में इजाफे की घोषणा के बाद से बैंकों के शेयरों में तेजी देखी गई. इसकी एक वजह यह है कि RBI के इस फैसले से बैंकों के पास ज्यादा डेब्ट इन्वेस्टमेंट मनी पहुंचने की उम्मीद है, जिससे आगामी सालों में उनके मार्जिन में सुधार होगा. इससे बैंकों को उच्च ब्याज दरों में अधिक तरलता मिलने की उम्मीद है, जिससे बचत ब्याज दरों में भी वृद्धि हो सकती है.

मजबूत होगा रुपया
IIFL Securities के वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता का मानना है कि रेपो रेट में इजाफे से रुपए की स्थिति में सुधार होगा, जो डॉलर के मुकाबले लगातार गिरता जा रहा है. रुपए में मजबूती से भारतीय बैंकों के Current Account Deficit में सुधार करने में मदद मिलेगी. यह भी आरबीआई की घोषणा के बाद बैंकिंग शेयरों में वृद्धि का एक प्रमुख कारण है. 

इन शेयरों पर करें फोकस 
कौन से बैंकिंग स्टॉक में पैसा लगाना फायदेमंद रहेगा, इस सवाल के जवाब में अनुज ने कहा कि ICICI Bank, HDFC Bank और SBI का विदेशी व्यापार में अच्छा प्रदर्शन है और उनके पास बेहतर विदेशी मुद्रा भंडार भी है. चूंकि शॉर्ट टर्म में डॉलर के मुकाबले रुपए के मजबूत होने की उम्मीद है, इसलिए इन बैंकिंग शेयरों के अपने प्रतियोगियों के मुकाबले आने वाली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है.


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