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अमेरिका में आ रही मंदी की आहट, ये पांच फैक्टर्स दे रहे हैं इकोनॉमी में गिरावट के संकेत

माहौल में उत्साह की कमी के बावजूद उपभोक्ता खर्च कर रहे हैं और बेरोजगारी से जुड़े लाभ लेने के लिए आवेदक बहुत निचले स्तर पर चले गए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्लीः अमेरिका में मंदी की आहट सुनाई देने लगी है. इस हफ्ते सामने आए डाटा में इकोनॉमी में इसके संकेत मिलने लगे हैं. महंगाई में उछाल के साथ ही इसका असर ग्लोबल इकोनॉमी पर भी पड़ने की संभावना दिख रही है. माहौल में उत्साह की कमी के बावजूद उपभोक्ता खर्च कर रहे हैं और बेरोजगारी से जुड़े लाभ लेने के लिए आवेदक बहुत निचले स्तर पर चले गए हैं. 

हाउसिंग मार्केट में कमी

एक जमाना था, जब अमेरिका में हाउसिंग मार्केट बहुत तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन वर्तमान समय में इसकी तेजी की चाल धीमी पड़ गई है. कंस्ट्रक्शन से जुड़ी गतिविधियां भी कम हो गई हैं, जो 2021 की शुरुआत के बाद सबसे निचले स्तर पर हैं. घरों की बिक्री भी दो साल के सबसे निचले स्तर पर है.बॉयर्स भी घर खरीदने की डील्स को रद्द कर रहे हैं. 

बेसिक आइटम्स पर खर्चा ज्यादा

अमेरिकी नागरिक केवल बेसिक आइटम्स पर ही ज्यादा खर्च कर रहे हैं. महंगाई की वजह से लोग अब घूमने-फिरने और पार्टी करने पर कम ध्यान दे रहे हैं. वॉलमार्ट और टारगेट जैसी कंपनियों द्वारा रिटेल शॉपिंग में कीमतों में करने के बाद अब एक अच्छे शॉपिंग सीजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं. वहीं पेट्रोल समेत ईंधन की कीमतों में कमी से लोगों को थोड़ी राहत मिली है और वो इससे बचे पैसे को सेव कर रहे हैं ताकि आने वाले दिनों में इससे काम चलाया जा सके. 

मैन्युफेक्चरिंग में सुस्ती

हाउसिंग की तुलना में मैन्युफेक्चरिंग एक्टिविटीज में सुस्ती का दौर छाया हुआ है. 2001 के बाद से इसमें इस हफ्ते सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है. 

लेबर मार्केट

13 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में बेरोजगारी के आंकड़ों में कमी देखने को मिली है. इस हफ्ते फेड की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक मजबूत हायरिंग आउटलुक के संकेत मिले हैं. लेबर डिमांड भी अच्छी है. बेरोजगारी दर गिरकर फिलहाल 3.5 फीसदी के स्तर पर बनी हुई है. 

आउटलुक

हालांकि कुछ सेक्टर्स की वजह से अमेरिकी इकोनॉमी में मुश्किलों के संकेत मिल रहे हैं. कॉन्फ्रेंस बोर्ड के लीडिंग इकोनॉमिक इंडेक्स में लगातार पांचवे महीने गिरावट रही है. इस इंडेक्स को संचालित करने वाले बिल्डिंग परमिट्स और स्टॉक्स की कीमतों को संचालित करने वाले एसएंडपी 500 इंडेक्स ने आशंका जताई है कि भविष्य में देश भारी मंदी का शिकार हो सकता है. 

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