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प्रदूषित यमुना से ताजमहल को हो रहा है खतरा, पीएम-सीएम ने भी नहीं किया अपना ये वादा पूरा

यमुना के पानी से लगातार बदबू आ रही है, इसका पानी जहरीले अपशिष्टों और दिल्ली व अन्य अपस्ट्रीम शहरों से निकलने वाले कचरे से प्रदूषित हो रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्ली/आगराः (बृज खंडेलवाल) पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगरा के साथ ही पवित्र शहरों मथुरा और वृंदावन में 2014 एक वादा किया था जिसे आज तक पूरा नहीं किया जा सका है. ये वादा था यमुना के जल को स्वच्छ करने का, जिस पर अभी तक किसी तरह का कोई ठोस काम नहीं हुआ है. इसकी वजह से ताजमहल के अलावा अन्य ऐतिहासिक इमारतों पर एक बड़ा संकट खड़ा हो रहा है.  

पानी बन चुका है जहरीला और बदबूदार

यमुना के पानी से लगातार बदबू आ रही है, इसका पानी जहरीले अपशिष्टों और दिल्ली व अन्य अपस्ट्रीम शहरों से निकलने वाले कचरे से प्रदूषित हो रहा है. मानसूनी बारिश के कारण अभी स्थिति इतनी खराब नहीं है, लेकिन दो महीने बाद फिर से यह हो जाएगा. अभी पानी साफ आ रहा है क्योंकि बारिश की वजह से डैम भी ओवरफ्लो कर रहे हैं. 

यमुना के प्रदूषण से खतरे में ऐतिहासिक इमारतें

यमुना के प्रदूषण से ताजमहल के अलावा किनारों पर मौजूद अन्य ऐतिहासिक इमारतें भी खतरे में आ चुकी है. पर्यावरणविद् देवाशीष भट्टाचार्य के अनुसार अगर यमुना में प्रदूषण को कम करने पर तत्काल किसी तरह का कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो फिर यह आगे के लिए पर्यावरण को भी खतरा पैदा करेगा.

भाजपा के वादे भी लोगों को लग रहे हैं झूठ

एक ग्रीन एक्टिविस्ट के अनुसार, "अगर लोग चुनावी बयानबाजी को गंभीरता से लेते हैं तो यह उनकी गलती नहीं है. आठ साल पहले जनता में ऐसी धारणा थी कि यह एक ऐसी पार्टी है, जो बुनियादी बातों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी, लेकिन अफसोस ऐसा कुछ अभी धरातल पर देखने को नहीं मिला है."

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कई मौकों पर वादा किया था कि स्टीमर और एक नौका सेवा दो साल के भीतर दिल्ली से पर्यटकों को आगरा लाएगी. कार्यकर्ता रंजन शर्मा कहते हैं, ''जब नदी में पानी ही नहीं है, तो कोई नौका सेवा के चालू होने की उम्मीद कैसे कर सकता है. रिवर कनेक्ट कैंपेन के काउंटर एक्टिविस्ट सत्यम शर्मा कहते हैं, ''जमीनी हकीकत इससे काफी अलग है.'' 

बड़े झूठ का पर्दाफाश करते हैं नाले

इको-एक्टिविस्ट चतुर्भुज तिवारी कहते हैं, " एत्मौद्दौला पार्क से सटे भैरों नाला और किले के साथ बहते हुए ताजमहल के करीब मंटोला नाला, अच्छे उदाहरण हैं जो बड़े झूठ का पर्दाफाश करते हैं. " राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि ताज के डाउनस्ट्रीम नगला पाइमा के पास जल्द ही रबर बांध के लिए एक नया सर्वेक्षण किया जाएगा. दिलचस्प बात यह है कि आगरा में यमुना पर बैराज के निर्माण के लिए दो बार आधारशिला रखी जा चुकी है, लेकिन बस इतना ही था. नदी कार्यकर्ता राहुल राज कहते हैं, ''अब वे पत्थर भी गायब हो गए हैं.''

प्रदूषण देखकर सहम जाते हैं पर्यटक

ताजमहल और अन्य ऐतिहासिक स्मारकों को देखने आने वाले पर्यटक यमुना को प्रदूषित देखकर सहम जाते हैं. टूरिस्ट गाइड वेद गौतम के अनुसार, कई लोगों को आश्चर्य होता है कि मुगल बादशाह शाहजहां ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए इस जगह को क्यों चुना.

पहले की सरकारों ने कुछ नहीं किया और वर्तमान सरकार का भी इस तरफ ध्यान नहीं है. अखिलेश यादव सरकार ने इटावा से आगरा तक 140 किलोमीटर लंबे साइकिल ट्रैक पर ध्यान केंद्रित किया और मायावती ने यमुना किनारे विवादित ताज हेरिटेज कॉरिडोर पर काम शुरू किया और इसमें काफी भ्रष्टाचार होने पर 2003 में उनकी सरकार भी चली गई थी. 

भाजपा के एजेंडे में भी नहीं यमुना

आगरा में यमुना के किनारे प्रसिद्ध श्री मथुराधीश मंदिर के पुजारी पंडित जुगल श्रोत्रिय ने शिकायत करते हुए कहा "अब हमारे पास भारतीय जनता पार्टी के नौ विधायक और दो सांसद हैं, लेकिन यमुना उनके एजेंडे में नहीं है. वे हर समय विकास की बात करते हैं, लेकिन ब्रज मंडल की जीवन रेखा को बचाना उनकी प्राथमिकताओं में सबसे कम है." 

ताजमहल को बचाने के लिए साफ करनी होगी यमुना

कार्यकर्ता अमित कोहली कहते हैं, "पानी के बिना नदी मच्छरों और कीड़ों के लिए प्रजनन स्थल बन रही है, जो ताजमहल की सतह पर अपना हरा मलमूत्र जमा कर रहे हैं. इसे समय-समय पर साफ करने की जरूरत है."

ताजमहल के लिए सबसे बड़ा खतरा प्रदूषित यमुना है जिसे जीवित रखने के लिए सफाई और पानी के निर्बाध न्यूनतम प्रवाह की आवश्यकता है. कानूनी कार्यकर्ता दीपक राजपूत कहते हैं, "नदी का पानी न केवल स्मारकों की सुंदरता को बढ़ाएगा बल्कि प्रदूषकों को भी समाप्त करेगा और हवा में धूल के कणों (एसपीएम) के खतरनाक स्तर को नियंत्रित करेगा."

VIDEO: आगरा में बाढ़ का खतरा, DM ने सभी से सावधान रहने को कहा

 


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