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लोकसभा चुनाव से कितनी प्रभावित होगी Stock Market की चाल? इस रिपोर्ट में है जवाब

अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं. इस चुनाव का आम आदमी से लेकर शेयर बाजार तक पर प्रभाव पड़ेगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

इस साल कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं और उसके बाद अगले साल यानी 2024 में देश लोकसभा चुनाव (General Election) का सामना करेगा. लोकसभा चुनाव में तय होगा कि देश बदलाव चाहता है या नहीं. देश की दिशा तय करने वाले इस चुनाव में मतदान से लेकर परिणाम तक, हर गतिविधि शेयर बाजार (Stock Market) को भी प्रभावित करेगी. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने अपनी एक रिसर्च रिपोर्ट में भारत में होने वाले लोकसभा चुनाव के स्टॉक मार्केट पर प्रभाव को रेखांकित किया है. 

ऐसा हो सकता है असर
इस अमेरिकी कंपनी का कहना है कि मई-2024 में होने वाले आम चुनावों से पहले भारतीय शेयर बाजार 10% की बढ़त ले सकता है, लेकिन यदि चुनाव के नतीजे उम्मीद के अनुरूप नहीं आए, तो बाजार 40% तक की गिरावट भी देखने को मिल सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार आम चुनाव को लेकर हमेशा से आशावान रहा है. बाजार को इस बार भी बेहतर नतीजे की उम्मीद और यह उम्मीद इस बात से जुड़ी है कि मौजूदा सरकार फिर चुनकर आएगी. संस्था का अनुमान है कि यदि चुनाव में BJP 543 सीटों में से 260 सीटें जीतती है, तो बाजार में 5% की बढ़त दर्ज हो सकती है.  

समय पर ही होंगे चुनाव
शेयर बाजार की नजर इस बात पर भी रहेगी कि विपक्षी गठबंधन किस तरह से सीटों का बंटवारा करता है. रिपोर्ट के अनुसार, बाजार यह मानकर चल रहा है कि लोकसभा चुनाव समय पर ही होंगे. यदि 2004 की तरह चुनाव समय पहले हुए तो बाजार का मिजाज बदल सकता है. गौरतलब है कि 2004 में चुनाव के नतीजे अनुमान से बिल्कुल विपरीत रहे थे, और बाजार एक ही दिन में 17% लुढ़क गया था. रिपोर्ट यह भी कहती है कि इस बार स्टॉक मार्केट पर आम चुनाव के नतीजे पहले की तुलना में ज्यादा असर डालेंगे.

बाजार में आ रही है रौनक
वहीं, शेयर बाजार के मौजूदा प्रदर्शन की बात करें, तो मार्केट में तेजी का रुख है. इस साल 1 जनवरी को सेंसेक्स 61,167 पर था और अब यह 65,777.78 पर पहुंच गया है. आज यानी मंगलवार को यह ग्रीन लाइन पकड़कर कारोबार कर रहा है. सेंसेक्स के साथ ही निफ्टी में भी तेजी का रुख बरकरार है. बाजार में तेजी के कई कारण हैं. उदाहरण के तौर पर, भारत की अर्थव्यवस्था में निखार आ रहा है. अर्थव्यवस्था के उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के चलते बाजार ने भी रफ्तार पकड़ ली है. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) द्वारा भारतीय बाजार में निवेश में तेजी आई है. बीते शुक्रवार को ही विदेशी निवेशकों ने 487.94 करोड़ रुपए मूल्य की शुद्ध खरीदारी की थी. इसके अलावा, RBI द्वारा ब्याज दरों में इजाफा न करना भी बाजार में तेजी का एक कारण है.
 


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