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इन्वर्टर या नॉन-इन्वर्टर: कौनसा AC है बेस्ट, क्या है दोनों में अंतर; समझें यहां 

आपने अमूमन इन्वर्टर एसी या नॉन-इन्वर्टर एसी के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आप इसे समझते हैं?

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

बारिश का मौसम शुरू हो गया है और गर्मी को बाय-बाय कहने का वक्त आने वाला है. ऐसे में AC का इस्तेमाल भी कम होगा और इसे खरीदने वाले भी घटेंगे. फिर AC टेक्नोलॉजी से जुड़ी बातें जानने में कोई हर्ज नहीं. आपने अमूमन इन्वर्टर एसी या नॉन-इन्वर्टर एसी के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आप इसे समझते हैं?

क्या है Non-Inverter AC?
पहले बात करते हैं पुरानी टेक्नोलॉजी के साथ आने वाले AC यानी कि Non-Inverter AC की. इस प्रकार के AC आमतौर पर ज्यादा बिजली खींचते हैं, जिसकी वजह से आपकी जेब पर भार बढ़ता है. दरअसल, नॉन-इन्वर्टर एसी की कंप्रेशर मोटर कुछ समय के बाद बंद हो जाती है और बाद में खुद ही चल पड़ती है. दूसरे शब्दों में कहें तो आउटडोर यूनिट बंद होकर दोबारा स्टार्ट होती है. इसकी वजह से ये अपेक्षाकृत ज्यादा बिजली इस्तेमाल करते हैं. ये रेगुलर स्पीड और क्षमता पर काम करते हैं.

क्या है Inverter AC?
इन्वर्टर AC कंप्रेसर मोटर की स्पीड को रेग्युलेट करता है. दरअसल, इसकी आउटडोर में PCB (Printed Circuit Board) लगा होता है, जिसका काम काम होता है कंप्रेशर मोटर को बंद नहीं होने देना. हालांकि, यह कंप्रेसर मोटर की एफिशिएंसी कम या ज्यादा करता रहता है. AC के इस्तेमाल में सबसे ज्यादा बिजली खर्च होती है मोटर के पूरी तरह बंद होकर फिर से स्टार्ट होने में. अब चूंकि. इस टेक्नोलॉजी के AC में ऐसा नहीं होता है, इसलिए बिजली का बिल कम आता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब कंप्रेसर ट्रिप लेकर दोबारा स्टार्ट होता है, तो वह अपेक्षाकृत ज्यादा बिजली की खपत करता है. इस वजह से आजकल ऐसे AC डिमांड में हैं. 

कम आवाज, कुलिंग ज्यादा
Inverter AC में AC Non-Inverter AC के मुकाबले आवाज कम आती, कुलिंग ज्यादा रहती है. पहले माना जाता था कि इनकी लाइफ सामान्य एसी के तुलना में कम होती है, लेकिन अब ऐसा नहीं है. कंपनियां लगातार टेक्नोलॉजी पर कम कर रही हैं और उसके बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे हैं. नॉन-इन्वर्टर में एसी कूलिंग या हीटिंग कैपेसिटी एडजेस्ट करने के लिए कंप्रेसर को मॉड्यूल नहीं किया जा सकता. एक रिपोर्ट के अनुसार, 1.5-टन का इन्वर्टर AC 0.3-टन और 1.5-टन के बीच काम कर सकता है, जबकि नॉन-इन्वर्टर AC हमेशा 1.5-टन पर ही काम करेगा.
 


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