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फेस्टिव सीजन में तगड़ी खरीदारी के मूड में भारतीय, ऑफर के लालच से होते हैं प्रेरित

त्योहारी सीजन को लेकर भारतीय उपभोक्ताओं में आशावाद बना हुआ है. यही कारण है कि भारतीय उपभोक्ता इस त्योहारी सीजन में बड़ी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

Rediffusion विज्ञापन एजेंसी और लखनऊ यूनिवर्सिटी के सहयोग से बने भारत लैब ने दिवाली पल्स 2024 रिपोर्ट पेश की है, जिसमें भारत के हिंदी क्षेत्रों में दिवाली से पहले खरीदारी के रुझान और ग्राहकों की भावनाओं के बारे में बताया गया है. 3,480 लोगों से मिली जानकारी के आधार पर, रिपोर्ट दिखाती है कि महंगाई के बावजूद एक सकारात्मक माहौल बना हुआ है, और अधिकतर लोग अपनी खर्च करने की आदतों को बनाए रखना या बढ़ाना चाहते हैं. फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, और होम डेकोर जैसी श्रेणियों को कवर करते हुए, रिपोर्ट यह बताती है कि त्योहारों के करीब आते ही भारत की पसंद कैसे बदल रही है.

Rediffusion के चेयरमैन डॉ. संदीप गोयल ने इस अध्ययन के बारे में जानकारी दी, उन्होंने कहा कि हमने पिछले साल त्योहारों से पहले 'मूड ऑफ भारत' अध्ययन शुरू किया था. इस साल का अध्ययन और बड़ा, गहरा और व्यापक है - इसमें मीडिया से जुड़े कई और पहलुओं को भी शामिल किया गया है, जो लोगों की खरीदारी की योजनाओं को प्रभावित करते हैं.

रिपोर्टों में दिखाया गया है कि उपभोक्ताओं का एक बड़ा हिस्सा (36.18%) पिछले साल की तुलना में अपने त्योहारों पर खर्च बढ़ाने की योजना बना रहा है, जबकि 35.02% अपने पिछले खर्च को बनाए रखेंगे. हालांकि, 29.52% बढ़ती लागत के कारण अपने खर्च को कम कर रहे हैं. उपभोक्ता की उम्मीद और सावधानी के बीच यह संतुलन उद्योग के नेताओं द्वारा भी महसूस किया गया है. पीएमजे ज्वेल्स (PMJ Jewels) के प्रबंध निदेशक दिनेश जैन ने कहा कि महामारी के बाद की रिकवरी के कारण उपभोक्ता खर्च बढ़ा है, और पारंपरिक और आधुनिक गहनों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.

मुख्य उपभोक्ता रुझान बताते हैं कि फैशन सबसे प्रमुख श्रेणी है, जिसमें 86.35% उत्तरदाता अपने कपड़े नए करने की योजना बना रहे हैं. व्यक्तिगत उपहार (72.84%), होम डेकोर (70.83%), और इलेक्ट्रॉनिक्स (60.92%) इसके बाद आते हैं. स्थिरता का आंदोलन भी बढ़ रहा है, जिसमें 83.36% खरीददार पर्यावरण संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हैं, खासकर फैशन और इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदारी में.

रिपोर्ट में दिखाया गया है कि 86.35% उपभोक्ता नए कपड़े और एक्सेसरीज़ खरीदने की योजना बना रहे हैं, जिसमें पुरुष थोड़े आगे हैं, 51.75% पुरुष और 47.92% महिलाएं. इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में, पुरुषों का रुझान अधिक है, जहां 55.66% खरीदारी की योजना पुरुषों की है, जबकि महिलाओं की हिस्सेदारी 43.87% है. इसके विपरीत, होम डेकोर श्रेणी में महिलाएं अधिक सक्रिय हैं, जहाँ 73.31% महिलाएं खरीदारी करने की योजना बना रही हैं.

ऑनलाइन शॉपिंग लगातार बढ़ रही है, जहाँ 58% से अधिक उपभोक्ता ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी का मिश्रित तरीका पसंद कर रहे हैं. मिलेनियल्स और जनरेशन Z इस डिजिटल बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें 85% से अधिक लोग ऑनलाइन खरीदारी को चुन रहे हैं. इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग भी अहम भूमिका निभा रही है, जहाँ 53.69% उपभोक्ता सोशल मीडिया से प्रभावित हैं, खासकर फैशन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी श्रेणियों में.

त्योहारी सीजन के दौरान निवेश की योजनाएं भी बढ़ रही हैं, जहां लगभग आधे उत्तरदाता पारंपरिक संपत्तियों जैसे सोना (55.26%) और रियल एस्टेट (40.74%) में निवेश करने की योजना बना रहे हैं. ये रुझान वित्तीय सुरक्षा पर बढ़ते ध्यान को दर्शाते हैं, जैसा कि लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक के. राय ने बताया कि भारत इस दीवाली खुश और खर्च करने को तैयार नजर आ रहा है. उपभोक्ता शायद बढ़ते शेयर बाजार और सरकार व अर्थव्यवस्था की स्थिरता से प्रोत्साहित हैं.

महंगाई एक चिंता का विषय होने के बावजूद, यह पूरी तरह से लोगों के उत्साह को कम नहीं कर रही है. 70% से अधिक उपभोक्ता बताते हैं कि महंगाई उनके खर्च के फैसलों को ज्यादा प्रभावित नहीं करेगी. वास्तव में, 30.42% लोग अपने बजट को 25-50% तक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं ताकि बढ़ती कीमतों के साथ तालमेल बैठा सकें, जो उपभोक्ता व्यवहार में लचीलापन दिखाता है. पारले के सीनियर कैटेगरी हेड, कृष्णाराव बुद्धा ने कहा कि हम त्योहारी सीजन के दौरान 25% से अधिक की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, और इस मांग को पूरा करने के लिए हम विभिन्न गिफ्टिंग विकल्प लॉन्च कर रहे हैं. 

इसके अलावा, लगभग 50% उपभोक्ता त्योहारी सीजन के दौरान यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, जिसमें 54.12% यात्रा परिवार के साथ होगी. यह रुझान दिखाता है कि लोग दीवाली के दौरान परंपरा और अवकाश के बीच संतुलन बना रहे हैं. जैसे-जैसे त्योहार करीब आता है, ब्रांड्स और व्यवसायों के पास उपभोक्ताओं की उम्मीदों को भुनाने का अच्छा मौका है, खासकर छूट, डिजिटल जुड़ाव और स्थायी विकल्पों के माध्यम से.
 


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