होम / एक्सप्लेनर / मीडिया संवाद 2023: पत्रकारिता के लिए कैसे खतरनाक है सोशल मीडिया?

मीडिया संवाद 2023: पत्रकारिता के लिए कैसे खतरनाक है सोशल मीडिया?

अन्य सभी चुनौतियां हैं और आगे भी मौजूद रहेंगी लेकिन सोशल मीडिया काफी खतरनाक है.

पवन कुमार मिश्रा 3 years ago

ये जमाना हिंदी का है और हिंदी, बहुत ही तेजी से लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है. जहां हिंदी एक भाषा के रूप में अपनी मौजूदगी को ज्यादा से ज्यादा मजबूत बना रही है, वहीँ हिंदी के विभिन्न पक्ष भी हैं जिनपर चर्चा करना आवश्यक हो जाता है. आज देश की राजधानी दिल्ली में हिंदी पत्रकारिता के विभिन्न आयामों एवं समस्याओं पर गहन रूप से चर्चा करने के लिए समाचार 4 मीडिया (Samachaar 4 Media) द्वारा ‘मीडिया संवाद’ 2023 कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. 

सोशल मीडिया है खतरनाक
इस दौरान NDTV के कंसल्टिंग एडिटर सुमित अवस्थी ने सोशल मीडिया की वजह से पत्रकारिता के सामने पैदा हुई चुनौतियों के बारे में बात की. सुमित ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि पत्रकारिता कहीं नहीं जाएगी, जिज्ञासा की बदौलत पत्रकारिता जिंदा रहेगी. इसके साथ ही सुमित ने बताया की उन्होंने 1996 में अपने करियर की शुरुआत की थी और उन्होंने न्यूज रूम को काफी तेजी से बदलता हुआ देखा है. अन्य सभी चुनौतियां हैं और आगे भी मौजूद रहेंगी लेकिन सोशल मीडिया काफी खतरनाक है. 
 

सोशल मीडिया क्यों है खतरनाक? 
अपने संबोधन के दौरान आगे सुमित अवस्थी ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी कंटेंट की विश्वसनीयता में कमी होती है. इसके साथ ही सुमित अवस्थी ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि लोग सवाल नहीं करते और यह बहुत ही गलत बात है. सोशल मीडिया पर बस किसी विडियो को देखकर आप किसी चीज पर भरोसा कर लेते हैं जबकि आप उस व्यक्ति को जानते तक नहीं है. इसी तरह सुमित अवस्थी सोशल मीडिया पर विश्वसनीयता का प्रतीक माना जाने वाले ‘ब्लू-टिक’ (Blue Tick) के बारे में बात करते हुए सुमित अवस्थी ने कहा कि  अब तो ब्लू-टिक की पवित्रता और सार्थकता भी ख़त्म हो चुकि है और आप मात्र 600 रूपए देकर ‘ब्लू-टिक’ प्राप्त कर सकते हैं. 

सबसे बड़ी चुनौती
न्यूज रूम की चुनौतियों के बाद सुमित अवस्थी ने सोशल मीडिया की बदौलत पैदा हुई इस चुनौती को काफी बड़ा बताया. सुमित अवस्थी ने यह भी कहा कि यह चुनौती उनके लिए खासकर ज्यादा बड़ी हो जाती है जो नौजवान हैं और पत्रकारिता में अभी अपना करियर ही शुरू कर रहे हैं. 
 

यह भी पढ़ें: सच साबित हुई आशंका, OCCRP के निशाने पर अब आई अनिल अग्रवाल की Vedanta


टैग्स
सम्बंधित खबरें

समझिए: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण क्यों नहीं माना जाता?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट कानूनी रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम प्रमाण.

26-June-2026

क्या है 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता, जिससे पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार, कितना होगा असर?

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ 1960 से चले आ रहे जल समझौते का बोझ आगे नहीं ढोएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को प्रभावी रूप से बंद नहीं कर देता है.

24-April-2025

अमेरिका के टैरिफ लगाने से भारत के किस सेक्टर्स पर क्या होगा असर? जानिए डिटेल्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. जिससे भारत के निर्यात पर गहरा असर देखने को मिल सकता है.

03-April-2025

भारत की तरक्की को कई गुना बढ़ा रही महिला एंटरप्रेन्योर, NeoGrowth की रिपोर्ट में आया सामने

3,000 से अधिक महिला उद्यमियों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में महिलाओं की व्यापारिक सफलता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों दोनों को दिखाया गया है.

06-March-2025

अडानी परिवार की शादी का उत्सव: परंपरा, आधुनिकता और समाज सेवा का संगम

यह शादी सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अडानी परिवार की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें हर पहलू में कला, परंपरा और सशक्तिकरण जुड़ा हुआ है.

24-February-2025


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

9 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

6 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

7 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

7 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

14 hours ago