होम / एक्सप्लेनर / Home Loan लेने में छोटे शहरों की महिलाओं का बड़ा कमाल, SBI ने जारी की रिपोर्ट

Home Loan लेने में छोटे शहरों की महिलाओं का बड़ा कमाल, SBI ने जारी की रिपोर्ट

SBI की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2022 में कुल लोन पोर्टफोलियो 10 परसेंट बढ़ा है, महामारी के बाद टियर-3, टियर-4 जिलों में  लोन ग्रोथ की रफ्तार ज्यादा तेज रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्ली: छोटे शहरों में घरों की खरीद में जोरदार तेजी आई है. SBI की ओर से जारी एक रिपोर्ट  ‘Special Report on Emerging Trends in Residential Housing’ में ये जानकारी दी गई है. लेकिन जो सबसे खास बात गौर करने वाली है, वो ये कि होम लोन लेने में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है. 

SBI ने जारी की रिपोर्ट
SBI रिपोर्ट के मुताबिक, टियर-3 और टियर-4 शहरों पहली बार होम लोन लेने वाली महिलाओं की संख्या में वित्त वर्ष 2022 में जोरदार उछाल देखने को मिला है. रिपोर्ट के मुताबिक टॉप 20 जिले, जहां पर नया होम लोन लेने वाली महिला उधारकर्ताओं की संख्या सबसे ज्यादा थी, उसमें 6 जिले छत्तीसगढ़ और तीन-तीन जिले गुजरात और हरियाणा से हैं. इन जिलों की कुल आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी औसतन 49 परसेंट है. रिपोर्ट के मुताबिक - गुजरात के डांग जिले में पहली बार लोन लेने वाली महिलाओं की हिस्सेदारी 86 परसेंट है, बिहार के अरवल में ये 75 परसेंट है और गुजरात के बोतड़ में 63 परसेंट है. 

टियर-3, टियर-4 शहरों में लोन की मांग बढ़ी
SBI की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2022 में कुल लोन पोर्टफोलियो 10 परसेंट बढ़ा है, साथ ही महामारी के बाद टियर-1 और टियर-2 जिलों के मुकाबले टियर-3, टियर-4 जिलों में  लोन ग्रोथ की रफ्तार ज्यादा तेज रही है. FY22 और FY19 के दौरान होम लोन पोर्टफोलियो का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 11 परसेंट रहा है, जिसमें टियर-3 और टियर-4 परसेंट की ग्रोथ 12-13 परसेंट रही है. रिपोर्ट के मुताबिक नए लोन की डिस्बर्सल भी टियर-2 जिलों में ज्यादा हुआ है. 

जहां तक लोन साइज का सवाल है, SBI की रिपोर्ट में बताया गया है कि 30-50 लाख और 50-100 लाख के ब्रैकेट वाले लोन टियर-3 और टियर-4 जिलों में टियर-1 जिलों के मुकाबले ज्यादा है. हालांकि इस ब्रैकेट में उनका हिस्सा अभी कम है, 30-50 लाख में ये 37 परसेंट है और 50-100 लाख के ब्रैकेट में ये 25 परसेंट है.  

SVAMITVA स्कीम का फायदा
ग्रामीण जिलों में होम लोन की डिमांड बढ़ने के पीछे SVAMITVA स्कीम बड़ी वजह है, जो ग्रामीण लोगों को अपनी आवासीय संपत्तियों का दस्तावेजीकरण करने का अधिकार देती है. ताकि तब उन्हें किसी आर्थिक मकसद के लिए अपने संपत्ति का इस्तेमाल करना हो तो उन्हें कोई दिक्कत न हो. SBI की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा, उत्तर प्रदेश जहां पर स्कीम के जरिए पहले ही कई गांवों को कवर किया जा चुका है, दूसरे जिलों में भी होम लोन में तेजी दिखाई दे रही है. 

VIDEO: शार्क टैंक इंडिया' की इस खूबसूरत जज ने कैसे खड़ी की करोड़ों की संपत्ति

 

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

समझिए: भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण क्यों नहीं माना जाता?

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट कानूनी रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का अंतिम प्रमाण.

26-June-2026

क्या है 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता, जिससे पाकिस्तान में मचेगा हाहाकार, कितना होगा असर?

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ 1960 से चले आ रहे जल समझौते का बोझ आगे नहीं ढोएगा, जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद को प्रभावी रूप से बंद नहीं कर देता है.

24-April-2025

अमेरिका के टैरिफ लगाने से भारत के किस सेक्टर्स पर क्या होगा असर? जानिए डिटेल्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को बड़ा झटका दिया है. ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. जिससे भारत के निर्यात पर गहरा असर देखने को मिल सकता है.

03-April-2025

भारत की तरक्की को कई गुना बढ़ा रही महिला एंटरप्रेन्योर, NeoGrowth की रिपोर्ट में आया सामने

3,000 से अधिक महिला उद्यमियों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में महिलाओं की व्यापारिक सफलता और उनके सामने आने वाली चुनौतियों दोनों को दिखाया गया है.

06-March-2025

अडानी परिवार की शादी का उत्सव: परंपरा, आधुनिकता और समाज सेवा का संगम

यह शादी सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अडानी परिवार की समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसमें हर पहलू में कला, परंपरा और सशक्तिकरण जुड़ा हुआ है.

24-February-2025


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

21 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

18 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

18 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

19 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

1 day ago