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India-Canada Tension: व्यापार पर कितना पड़ रहा है तनाव का असर?
India-Canada के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है ऐसे में यह समझना ज्यादा जरूरी होता है कि इससे व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
पवन कुमार मिश्रा 2 years ago
भारत और कनाडा (India-Canada) के बीच अब तनाव अपने उच्चतम स्टार पर पहुंचता हुआ नजर आ रहा है. मामले की शुरुआत हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) की ह्त्या से हुई थी लेकिन बा बात इतनी ज्यादा आगे जा पहुंची है कि आज भारत ने कैनेडियन नागरिकों (Canadian) के लिए वीजा बन करने का फैसला किया है. इससे पहले भी दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव था, लेकिन अब यह तनाव काफी ज्यादा बड़ा रूप लेता जा रहा है.
क्या है तनाव की वजह?
हरदीप सिंह निज्जर एक भारतीय कैनेडियन सिख अलगाववादी था जो खालिस्तान से जुड़ा हुआ था. इस साल जून में हरदीप सिंह की गोली मरकर हत्या कर दी गई थी. हरदीप सिंह कई भाररतीय संस्थाओं की वांटेड लिस्ट में शामिल था. 18 सितंबर को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudo) ने अपने बयान में कहा कि कनाडा की सरकार द्वारा इकट्ठा किए गए सबूतों के बाद यह बात सामने आई है कि भारतीय सरकार के एजेंट्स द्वारा ही हरदीप सिंह की ह्त्या की गई थी. कैनेडियन प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद ही भारत और कनाडा के (India-Canada) के बीच रिश्तों में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया था.
India-Canada का रिश्ता और व्यापार
भारत और कनाडा (India-Canada) के बीच रिश्ते काफी लंबे समय से तनाव भरे बेशक चल रहे हों, लेकिन व्यापारिक नजरिये से दोनों देशों के रिश्ते कहीं ज्यादा महत्त्वपूर्ण हैं. इतना ही नहीं, 2021 के दौरान कनाडा में हुई एक जनसंख्या गणना में यह बात भी सामने आई थी कि कनाडा में 14 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं और यह देश की कुल जनसंख्या का 3.7% हिस्सा हैं. इसके अलावा भारत कनाडा को प्रतिवर्ष 4.1 बिलियन डॉलर्स के एक्सपोर्ट करता है जिनमें फार्मास्यूटिकल, ज्वेलरी, टेक्सटाइल और मशीनरी जैसी वस्तुओं का प्रमुख योगदान है. दूसरी तरफ कनाडा भारत को दालों, लकड़ियों और पेपर जैसी वस्तुओं की सप्लाई प्रदान करता है.
India-Canada के बीच नहीं होगा FTA?
Assiduus Global की फाउंडर एवं CEO और भारत सरकार की सलाहकार, डॉक्टर सोमदत्ता सिंह भारत और कनाडा (India-Canada) के बीच बढ़ते तनाव के बारे में बात करते हुए कहती हैं कि 2023 में भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक समझौते की बातचीत पर पूरी तरह से रोक लग गई है. भारत, कनाडा का 10वां सबसे बड़ा व्यापारिक पार्टनर है. 2022 के दौरान व्यापारिक डेटा में ये बात सामने आई है कि भारत और कनाडा के बीच केवल 13.7 बिलियन डॉलर्स का व्यापार होता है जबकि कनाडा के ग्लोबल व्यापार की कीमत लगभग 1.52 ट्रिलियन डॉलर्स है. दूसरी तरफ PHD चैम्बर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्री (PHDCCI) के प्रेसिडेंट साकेत डालमिया कहते हैं कि दोनों देशों के बीच तनाव केवल कुछ ही समय के लिए है और दोनों देशों की सरकारें जल्द ही किसी समाधान पर पहुंच जाएंगी और व्यापार को लेकर दोनों देश अपनी बातचीत आगे भी जारी रखेंगे.
India-Canada तनाव से व्यापार पर पड़ेगा असर?
साकेत कहते हैं कि क्योंकि भारत और कनाडा (India-Canada) के बीच जारी यह बातचीत डिप्लोमेटिक है तो इससे व्यापार पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए. डॉक्टर सोमदत्ता सिंह का भी यही मानना है कि भारत और कनाडा के बीच जारी तनाव से व्यापार पर प्रमुख रूप से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि दो देशों के बीच व्यापारिक संबंध कमर्शियल पहलुओं पर सोच-विचार करने के बाद ही बनते हैं और अपनी व्यापारिक इच्छाओं के अनुसार दोनों देशों में आगे भी व्यापार जारी रहेगा. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दो देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते कई अंतर्राष्ट्रीय समझौतों और नियमों की बदौलत भी तय किये जाते हैं और तनाव के समय पर ये समझौते काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
India-Canada के बीच कैसे होगा व्यापार?
ज्यादातर कंपनियों को अपने देश की सरकार से उम्मीद होती है कि वह कंपनियों को व्यापार की सुविधापूर्ण स्थिति प्रदान करें. ऐसे में यह जानना काफी जरूरी हो जाता है कि तनाव के बीच सरकार किस तरह से व्यापार को सुलभ बना सकती है? इस विषय पर बात करते हुए डॉक्टर सोमदत्ता कहते हैं कि सबसे पहले तो कंपनियों को आशा होगी की भारत सरकार कैनेडियन सरकार के साथ मिलकर, बातचीत करके, द्विपक्षीय बातचीत के लिए और व्यापारिक समझौतों के लिए उचित स्थिति का निर्माण करेगी. दूसरा भारतीय कंपनियों को उम्मीद होगी कि उनके उत्पादों को बढ़ावा देने में सरकार उनकी सहायता करेगी. दूसरी तरफ साकेत डालमिया कहते हैं कि भारत विकासशील इकॉनमियों से संबंध बनाने में हमेशा आगे रहता है और कनाडा ऐसी ही इकॉनमियों में से एक है.
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