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2024 की तीसरी तिमाही में ग्लोबल रिस्क स्थिर, लेकिन 2024 की शुरुआत से हुआ कम- रिपोर्ट

GlobalData की नई रिपोर्ट, “Global Risk Report Quarterly Update – Q3 2024”, के अनुसार यूरोप, एशिया-प्रशांत और अमेरिका में रिस्क स्कोर थोड़ा कम हुआ है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

वैश्विक आर्थिक संभावनाओं को भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं (Geopolitical uncertainties) ने चुनौती दी है. चल रहे संघर्षों के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है और कमजोर अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ रहा है. हालांकि, घटती महंगाई और ब्याज दरों में कटौती से सकारात्मक माहौल बना है. Q3 2024 में ग्लोबल रिस्क लेवल 55.6 (100 में से) स्थिर रहा, जो पिछली तिमाही जैसा ही था. लेकिन यह Q1 2024 (57.2) और Q4 2023 (57.3) के मुकाबले कम है. यह जानकारी डेटा और एनालिटिक्स कंपनी GlobalData ने दी है. 

GlobalData की नई रिपोर्ट, “Global Risk Report Quarterly Update – Q3 2024”, के अनुसार यूरोप, एशिया-प्रशांत और अमेरिका में रिस्क स्कोर थोड़ा कम हुआ है. यूरोप में रिस्क स्कोर सबसे कम रहा, जबकि मध्य पूर्व और अफ्रीका में यह बढ़ा है. GlobalData की आर्थिक रिसर्च विश्लेषक, गायत्री गणपूले ने कहा कि 2024 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि 3.1% रहने का अनुमान है, जो 2023 के 3.2% से थोड़ी कम है. यह दर्शाता है कि चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन अर्थव्यवस्था में मजबूती भी है. घटती महंगाई और ब्याज दरों में कटौती से सुधार को बल मिल रहा है, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ते मालभाड़े ने सप्लाई चेन पर दबाव बना रखा है, जिससे प्रगति की गति धीमी हो रही है. GCRI Q3 2024 में शामिल 153 देशों में से 24.2% देश कम जोखिम वाले हैं. 32% देश मध्यम जोखिम वाले हैं. 37.9% देश उच्च जोखिम वाले हैं वही 5.9% देश बहुत उच्च जोखिम वाले हैं. 

यूरोप– सुधार जारी, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव बरकरार

यूरोप दुनिया का सबसे कम जोखिम वाला क्षेत्र है. इसका जोखिम स्कोर Q2 2024 में 41.8 से Q3 2024 में 41.4 तक थोड़ा बेहतर हुआ है. यूरोप में सुधार के कारण अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे बढ़ रही है, महंगाई कम हो रही है. ब्याज दरों में कटौती (ECB द्वारा भी), जिससे निवेश बढ़ा है. अगर चुनौतियों को बात करें तो भू-राजनीतिक तनाव, श्रमिकों की कमी, जलवायु से जुड़ी समस्याएं है. वहीं Q3 2024 GCRI अपडेट के अनुसार सबसे कम जोखिम वाले देश स्विट्जरलैंड, डेनमार्क, लक्ज़मबर्ग और सबसे ज्यादा जोखिम वाले देश यूक्रेन, तुर्किये, बेलारूस है.

एशिया-पैसिफिक- जोखिम कम, लेकिन धीमी वृद्धि चिंता का कारण  

एशिया-प्रशांत क्षेत्र का जोखिम स्कोर Q2 2024 में 54.1 से घटकर Q3 2024 में 54.0 हो गया है. यह उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सकारात्मक आर्थिक रुझानों और चीन से मिलने वाले नीति समर्थन को दिखाता है. यह क्षेत्र 2024 में दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र रहने की उम्मीद है, खासकर उभरती अर्थव्यवस्थाओं के मजबूत योगदान के कारण. हालांकि, चीन और भारत में धीमी वृद्धि के कारण जोखिम बने हुए हैं. चीन की वृद्धि Q3 2024 में 4.6% तक घट गई, जो Q1 2023 के बाद सबसे कम है, इसके पीछे संपत्ति क्षेत्र की समस्याएं और मँहगाई कम होने का खतरा है. इसी तरह, भारत की वृद्धि Q2 2024 में 6.7% तक घट गई, जो Q2 2023 के बाद सबसे कम है, और इसके संकेत मिल रहे हैं कि अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है. Q3 2024 GCRI अपडेट के अनुसार सबसे ज्यादा जोखिम वाले देश पाकिस्तान, म्यांमार, बांग्लादेश है और सबसे कम जोखिम वाले देश ताइवान (चीन प्रांत), सिंगापुर, हांगकांग (चीन SAR) है.

अमेरिका–जोखिम में हल्की गिरावट

अमेरिका का जोखिम स्कोर Q2 2024 में 57.1 से घटकर Q3 2024 में 57.0 हो गया है, जो महंगाई कम होने और नीति दरों में कटौती के कारण हुआ है. हालांकि, अमेरिका का बढ़ा हुआ कर्ज, लैटिन अमेरिका में चल रहे वित्तीय समस्याएं, क्षेत्र भर में राजनीतिक अशांति, जैसे लैटिन अमेरिका में प्रदर्शन और वेनेजुएला चुनाव पर विवाद जैसी समस्याएं चुनौतियां बनी हुई हैं. डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति पद पर लौटने से राजनीतिक माहौल अस्थिर बना हुआ है, जिससे आर्थिक रणनीतियों और स्थिरता पर असर पड़ सकता है. वहीं इस क्षेत्र में कम जोखिम वाले देश कनाडा, अमेरिका, कोस्टा रिका है और उच्च जोखिम वाले देश, हैती, वेनेजुएला, अर्जेंटीना है.

मध्य पूर्व और अफ्रीका– संघर्ष के कारण जोखिम बढ़ना  

मध्य पूर्व और अफ्रीका का जोखिम स्कोर Q2 2024 में 65.9 से बढ़कर Q3 2024 में 66.3 हो गया है, जो मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, और शिपिंग में रुकावट के कारण है. अफ्रीका में भी कई समस्याएँ हैं जैसे-   पश्चिमी और मध्य अफ्रीका में बाढ़ के कारण लाखों लोग विस्थापित हो गए हैं और खाद्य सुरक्षा की स्थिति और खराब हो गई है. ग्रेटर हॉर्न ऑफ अफ्रीका में गंभीर कुपोषण से लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं, खासकर बच्चे. इन संकटों के साथ-साथ, उच्च कर्ज और चल रहे संघर्षों ने क्षेत्रीय अस्थिरता और जोखिम को बढ़ा दिया है. Q3 2024 GCRI अपडेट के अनुसार, दुनिया के 10 सबसे उच्च जोखिम वाले देशों में से 7 देशों का संबंध मध्य पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र से है: यमन, सीरिया, बुरुंडी, ईरान, जिम्बाब्वे, नाइजीरिया, और मलावी. 

गायत्री गणपूले का निष्कर्ष:

GlobalData की आर्थिक रिसर्च विश्लेषक, गायत्री गणपूले के अनुसार वैश्विक जोखिम स्तर स्थिर हैं, लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में चुनौतियां अलग-अलग हैं. कुछ क्षेत्र मजबूती और प्रगति दिखाते हैं, जबकि अन्य क्षेत्र भू-राजनीतिक तनाव, प्राकृतिक आपदाओं, और अस्थिरता के कारण बढ़ते जोखिम का सामना कर रहे हैं. इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए ध्यानपूर्वक समायोजन और दीर्घकालिक स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करना होगा.
 


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