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BW Marketing World: एक्सपर्ट्स से समझिये PR के लिए कितनी जरूरी है स्टोरीटेलिंग!

शाजिया इल्मी ने कहा कि आपकी कहानी या कथा कितनी ही अच्छी क्यों न हो, अगर आपका उत्पाद ही खराब है तो आप उसे नहीं बेच सकते.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

पब्लिक रिलेशन यानी PR कितना प्रभावशाली है, इसके प्रभाव को किस तरह से मापा जाता है और आखिर किस तरह से PR के प्रभाव को बढ़ाया जा सकता है? इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए आज देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ती ठंड के बीच गर्मजोशी से BW मार्केटिंगवर्ल्ड एक्सीलेंस इन कम्युनिकेशन एंड एंगेजमेंट (BW Marketing world Excellence In Communication and Engagement Summit) नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. 

क्यों अच्छा कथावाचक होना जरूरी है?
कार्यक्रम के आयोजन के दौरान यह जानने की कोशिश भी की गई कि आज के जमाने में स्टोरीटेलिंग क्यों बहुत जरूरी है और PR के लिए एक अच्छा कथावाचक होने बहुत जरूरी क्यों है? इस विषय पर अपनी राय रखते हुए भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने कहा कि आपकी कहानी या कथा कितनी ही अच्छी क्यों न हो, अगर आपका उत्पाद ही खराब है तो आप उसे नहीं बेच सकते. आप विभिन्न तरीकों से अपनी बात कह सकते हैं लेकिन आप अपनी बात को किस तरह कह रहे हैं यह बहुत ही जरूरी है.

भावनाएं हैं बेहद जरूरी 
इसके साथ ही शाजिया इल्मी ने कहा कि जिस तरह से एक कंपनी के लिए उसका कंज्यूमर होता है, ठीक उसी तरह से एक राजनीतिक पार्टी के लिए उसका वोटर होता है. अब कोई भी राजनीतिक पार्टी या फिर कंपनी जो कह रही है वह कितना प्रभावशाली है, क्या उस कहानी का आप से संबंध है भी या नहीं, यह आपको किस तरह से प्रभावित करता है और क्या यह आपके भीतर आपकी भावनाओं को भी प्रभावित करता है या नहीं? ये सभी सवाल बेहद जरूरी हैं और मेरे लिए भावनाएं ज्यादा जरूरी हैं. कोई भी राजनीतिक पार्टी जो कह रही है, जिस तरह से कह रही है उससे आपके भीतर क्या भावनाएं आती हैं और वह आपकी भावनाओं को किस तरह से प्रभावित करता है यह बेहद जरूरी है. जो भी कहा जा रहा है वह इतना प्रभावशाली होना चाहिए कि आपकी भावनाओं को और आपको प्रभावित कर सके. 

कैसे नकारात्मक्ता को सकारात्मकता में बदलें?
एक क्राइसिस को सकारात्मकता में कैसे बदला जा सकता है ये जान लेना भी अत्यंत जरूरी है और इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए PR प्रोफेशनल के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर सर्वेश तिवारी कहते हैं कि जब भी जनता से डील किये जाने की बात आती है तो क्राइसिस होना अटलनीय है और जब भी ऐसा कुछ होता है तो आपको अपनी बात इतने प्रभावशाली तरीके से कहनी चाहिए कि वह बात उनके दिमाग में छप जाए.
 

यह भी पढ़ें: हर समस्‍या क्राइसेस नहीं होती है, आपको उसे पहचानना आना चाहिए 


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